डीडीए नजर रखेगा जमीन पर ड्रोन से
January 21, 2019 • Editor Awazehindtimes

कर्मियों को पुरस्कृत करने की भी योजना विभिन्न स्तर पर 

नई दिल्ली, जनवरी : डीडीए अब अपनी भूमि को अवैध कब्जे से बचाने में ड्रोन का भी उपयोग करेगा।डीडीए अपनी इसयोजना को परवान चढ़ाने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) व क्षेत्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (आरआरएससी) की सहायता से सैटेलाइट के जरिये पहले से ही विभिन्न स्थान पर भूमि की सैटेलाइट मैपिंग करा चुका है। इतना ही नहीं जमीन को कब्जा मुक्त रखने में मुस्तैदी दिखाने वाले विभागीय कर्मियों को पुरस्कृत करने की भी डीडीए ने योजना बनाई है। जल्द ही दोनों योजनाओं को अमली जामा पहनाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि डीडीए की अरबों रुपये की जमीन अवैध कब्जे के कारण कानूनी वाद में फंसी हुई है अथवा अवैध निर्माण करने वालों ने उसे धोखाधड़ी करके बेच दिया है। ऐसे में डीडीए वीसी तरुण कपूर ने डीडीए की जमीन को अवैध कब्जे से बचाने और इसमें लोगों की मदद लेने के लिए नई युक्ति अपनाने की योजना तैयार की है। डीडीए के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार राजधानी में विभिन्न स्थान पर खाली पड़ी जमीन को कब्जे से बचाए रखने के लिए डीडीए जल्द ही ड्रोन की मदद लेगा। योजना है कि डीडीए अपनी जमीन का एक ट्रेन सर्वे कराएगा, जिससे यह मालूम हो सके कि किस स्थान पर जमीन खाली है और कहां पर लोगों ने अवैध निर्माण कर कब्जा किया हुआ है।

बताया जाता है कि अतिक्रमण रोकने के लिए यह अनूठा प्रयोग किया जाएगा। साथ ही यह भी योजना है कि अतिक्रमण रोकने में कर्मियों को भी प्रोत्साहित  किया जाए। इसके लिए पुरस्कार योजना भी शुरू की जाएगी। चूंकि पूर्व में उठाए गए कदम पर्याप्त साबित नहीं हो सके हैं। ऐसे में इस नई योजना को लागू करने पर विचार किया गया है।

डीडीए के मुताबिक ड्रोन व सैटेलाइट चित्रों के माध्यम से अवैध कब्जे को रोकने के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई का खाका तैयार किया जाएगा। क्योंकि ड्रोन की मदद से खाली जमीन के चित्र जल्द ही प्राप्त हो सकते हैं और इसे डीडीए अपनी सुविधा के आधार पर प्रयोग कर सकेगा। इसके अलावा डीडीए केऐसे कर्मचारी, जिन्होंने अतिक्रमण रोकने की दिशा में मुस्तैदी दिखाई है, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। बताया जाता है कि पांच तरहके पुरस्कार इस दिशा में प्रदान किये जाएंगे। जिसमें डीडीए की भूमि को कब्जे से बचाने, अतिक्रमण के बारे में सूचना देने और हटाए गए कब्जे वाली जमीन पर फिर से कब्जा रोकने की दिशा में कार्य करने वालों कर्मियों को पुरस्कृत करने की योजना है।