इन चीजों से बदल जाएगी जिदगी 
January 6, 2019 • Editor Awazehindtimes

अमरूद खाएं, नींद की कमी दूर करे 

सेहत के लिए फायदेमंद है अमरूद बारिश के मौसम की शुरुआत से ही हरे-हरे मोठे अमरूद मिलने लगते हैं। स्वाद के साथ ही सेहत के नजरिए से भी अमरूद बेहद फायदेमंद है। इसे हाई एनर्जी फ्रूट की श्रेणी में रखा जाता है। फूड एक्सपर्ट्स अमरूद को विटमिन और मिनरल्स का पावर हाउस भी कहते हैं। माना जाता है कि 100 ग्राम अमरूद में वे सभी विटमिन और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जिनकी शरीर को जरूरत होती है। इसमें विटमिन बी-9 भी पाया जाता है जो शरीर की कोशिकाओं और डीएनए की मरम्मत का काम करता है।

कब्ज और छालों में राहत

आयुर्वेदाचार्य डॉ चंद्र मोहन की मानें तो फाइबर से भरपूर अमरूद के नियमित सेवन से कब्ज की समस्या नहीं होती। इसकी कोपलों और पत्तियों को चबाने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।

बीमारियों से करता है बचाव-

अमरूद पोटैशियम का अच्छा स्रोत है जो शरीर में इलेस्ट्रोलाइट नामक फ्लूइड और सोडियम के स्तर को संतुलित बनाए रखता है। इलेक्ट्रोलाइट की कमी से व्यक्ति को अत्यधिक थकान महसूस होती है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम व पोटैशियम दिल और मांसपेशियों को दुरुस्त रखते हुए उन्हें बीमारियों से बचाते हैं। विटमिन सी और टऑक्सिडेंट तत्वों से भरपूर अमरूद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। इसके नियमित सेवन से सर्दी-जुकाम जैसी दिक्कतें दूर रहती हैं।

त्वचा और आंखों के लिए फायदेमंद -

अमरूद में पाए जाने वाले विटमिन सी की वजह से शरीर में आयरन के अवशोषण की क्षमता बढ़ जाती है। इसे रोजाना खाने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। इसमें मौजूद विटामिन ए और ई आंखों, बालों और त्वचा को बेहतर पोषण देता है। अमरूद में बीटा कैरोटीन होता है जो शरीर को त्वचा सम्बंधी रोगों से बचाता है। इसका नियमित सेवन आंखों को भी फायदा पहुंचाता है।

कैंसर से बचाता है-

अमरूद लाइकोपीन नामक फाइटो न्यूट्रीएंट से भरपूर है जो शरीर की को कैंसर और ट्यूमर से बचाता है। इसमें विटमिन बी-6, कॉपर, मैगनीज और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं जो शरीर की रक्तवाहिका नलियों को दुरुस्त रखने में मददगार होते हैं। 

 

खाने के साथ अच्छा रिश्ता, अच्छी सेहत की नींव होता है 

खाना खाने से जिंदगी की आधी से ज्यादा परेशानी तो यूं ही हल हो जाती है। मगर भागदौड़ भरी जिंदगी और खाने के मामले में ना-नुकुर रोजमर्रा की लाइफस्टाइल से पोषण को दूर कर देती है। मगर पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि सेहत का हाल सुधारने के लिए इन 6 खाने की चीजों से दोस्ती करना अच्छा होगा। यह पेट को दुरुस्त रखने के साथ ही जरूरी पोषक तत्व भी देती हैं। स्वाद में अगर ज्यादा अच्छा न लगे, तब भी इन चीजों को अपने खानपान का हिस्सा बनाना अच्छ रहेगा। आइए जानते हैं इनके बारे में -

हरी पत्तेदार सब्जियां -

पालक, सरसों का साग, सलाद, गांठ गोभी, पत्ता गोभी में एंटीऑक्सीडेंट का खजाना है और इन्हें पोषक तत्वों का पावरहाउस में भी कहा जाता है। इन सभी सब्जियों में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया। जाता है। फाइबर शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बरकरार रखता है, जो दिल की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए बहुत जरूरी है। यह सभी सब्जियां पाचन में भी काफी मददगार हैं और आंतों की सेहत के लिए अच्छी होती हैं, शाकाहारी लोग अपने खानपान में पनीर, टोफू और सोया को शामिल कर इन जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।

आंतों के लिए सही होती है दही -

पुरी सेहत अच्छी रखनी है, तो सबसे पहले आंतों पर ध्यान देना जरूरी है। आंतों की खस्ताहालत अपच और खराब प्रतिरोधक क्षमता को जन्म देती हैं। इससे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और अन्य परेशानियां हो सकती हैं। आंतों में मौजूद गुड़ बैक्टीरिया की संख्या बरकरार रखने के लिए दही सबसे अच्छा विकल्प है।

चीजों को अपने खानपान हैं इनके बारे में इसमें जरूरी गुड बैक्टीरिया होती हैं, जो पाचन तंत्र को सही रखने में मदद करते हैं। एक कटोरी दही में कैल्शियम, विटामिन बी-2, विटामिन बी-12, पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है जामुन और उसी जैविक परिवार के अन्य फल बेरी में एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है। एंटीऑक्सीडेंट फ्री रैडिकल्स के असर से सेल्स को बचाने में मदद करते हैं। इनके नियंत्रण में होने से त्वचा की झुर्रियों की समस्या, इम्यूनिटी की समस्या और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी होने का खतरा कम हो जाता है।

एक गिलास दूघ

क्या आप जानते हैं एक गिलास दूध को संपूर्ण आहार क्यों कहा जाता है। दूध में प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और कई मिनरल प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह सभी तत्व अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी होते हैं। दूध कैल्शियम और विटामिन डी का अच्छा स्रोत है, इसलिए यह हड़ियों की सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए, बी1, बी2, बी12, कोलीन, पोटैशियम और मैग्नीशियम भी होता है। दूध पीने से त्वचा की सेहत के लिए जरूरी कोलेजेन का स्तर भी सुधरता है।