Tuesday, June 28, 2022
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WoW Wednesday: साउथ सिनेमा का वो फिल्‍ममेकर, जिसने 13 भाषाओं में बनाईं 150 फिल्‍में, बॉक्‍स ऑफिस पर बोलती थी तूती – movie moghul d ramanaidu venkatesh father guinness world records for most films produced by an individual 150 films in 13 languages wow wednesday

Wow Wednesday में हम आपको एक ऐसे फिल्ममेकर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने अपने करियर में 13 भाषाओं में 150 से भी अधिक फिल्में बनाकर वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाया था। इस प्रड्यूसर का नाम था डी रामानायडू, जो तेलुगू सिनेमा का जाना-माना नाम थे। लेकिन अफसोस कि इंडियन सिनेमा का यह अनमोल नगीना अब हमारे बीच नहीं है। 2015 में डी रामानायडू का निधन हो गया। डी रामानायडू भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके काम और योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

डब करने के बजाय अन्य भाषाओं में फिल्म बनाते थे डी रामानायडू

आजकल फिल्मों को अन्य भाषाओं में डब करके रिलीज किया जाता है, लेकिन डी. रामानायडू ऐसा नहीं करते थे। बल्कि वह अलग-अलग क्षेत्रों के स्टार्स और टेक्निशन्स के साथ काम करके अलग-अलग भाषाओं में फिल्म बनाते थे। गौर करने वाली बात यह है कि डी रामानायडू को सारी भाषाएं आती भी नहीं थीं, बावजूद इसके वह हर भाषा को तरजीह देते थे। उनका मानना था कि फिल्म की भाषा यू यूनिवर्सल होती है। डी रामानायडू को सिनेमा में योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के और पदम भूषण जैसे अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया।

d ramanaidu family

फोटो: Insta/chitram_balarey_vichitram


किसान परिवार में जन्मे डी रामानायडू

रामानायडू का पूरा नाम डग्गूबाती रामानायडू था। उनका जन्म 6 जून 1936 में आंध्र प्रदेश के एक गांव में हुआ था। उनके माता-पिता किसान थे और खेती-बाड़ी करते थे। डी रामानायडू ने शुरुआती पढ़ाई गांव के ही स्कूल से की और फिर चेन्नै के प्रेजिडेंसी कॉलेज से ग्रैजुएशन पूरा किया। लेकिन पढ़ाई के दौरान ही डी रामानायडू की दिलचस्पी थिएटर में होने लगी थी। उनका पढ़ाई में मन नहीं लगता था।

चावल की मिल में किया काम, टांसपोर्ट का बिजनस
डी. रामानायडू ने जैसे-तैसे पढ़ाई पूरी की और फिर गांव में ही चावल की एक मिल में काम करने लगे। चावल मिल के साथ-साथ डी. रामानायडू ट्रांसपोर्ट का काम भी देखने लगे। डी रामानायडू को किसी काम में मजा नहीं आ रहा था। वह बस गुजारे के लिए वह सारे काम किए जा रहे थे। लेकिन जब पास ही एक प्रोडक्शन कंपनी खुली तो उन्होंने अपने पिता से इस बारे में बात की। उन्होंने पिता को किसी तरह इस बात के लिए मनाया कि वह उस प्रोडक्शन कंपनी में पैसा लगाएं। डी रामानायडू उस कंपनी से जुड़ गए और सेट पर होने वाले शूट के लिए व्यवस्था से लेकर बाकी चीजें देखने लगे।

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फोटो: Twitter/@RaghuRaju_MP

मन नहीं लगा तो ईंट बनाने का काम किया था शुरू
इस प्रोडक्शन कंपनी में काम करते-करते डी. रामानायडू की पहचान साउथ के कई बड़े स्टार्स से हो गई थी। डी रामानायडू के पिता ने 1958 में Nammina Bantu के नाम से फिल्म बनाई। इसमें अक्किनेनी नागेश्वर राव लीड रोल में थे। उन्होंने रामानायडू को मद्रास (अब चेन्नै) जाकर बाकी फिल्ममेकर्स के साथ काम करने की सलाह दी। चूंकि डी रामानायडू की चावल की मिल में काम करने में मजा नहीं आ रहा था, उन्होंने वह मिल बंद कर दी और मद्रास चले गए। वहां डी रामानायडू ने पहले ईंट बनाने का काम किया और फिर रियल एस्टेट में घुस गए।

1963 में डी रामानायडू ने प्रड्यूस की पहली फिल्म

डी रामानायडू ने 1963 में दोस्तों के साथ मिलकर ‘अनुरागम’ नाम से एक फिल्म प्रड्यूस की जो ब्लॉकबस्टर रही। इसके साथ ही रामानायडू ने अपने प्रोडक्शन हाउस सुरेश प्रोडक्शंस की शुरुआत की। 1970s के शुरुआत तक डी. रामानायडू ने तेलुगू सिनेमा में काम किया और खूब फिल्में प्रड्यूस कीं। डी रामानायडू ने डायरेक्टर बी नागी रेड्डी के बेटों के साथ मिलकर मद्रास में विजय सुरेश कंबाइन्स के नाम से एक कंपनी खोली और उसके बैनर तले भी कई फिल्में बनाईं। 1971 में डी रामानायडू ने ‘प्रेम नगर’ नाम की फिल्म बनाई। यह इतनी हिट रही कि इसे हिंदी और तमिल भाषा में भी रीमेक किया गया।

d ramanaidu venkatesh

बेटे वेंकटेश के साथ डी रामानायडू

खोले कई फिल्म स्टूडियोज, गिनीज बुक ऑफ वर्लड रेकॉर्ड्स में नाम
चूंकि उस वक्त लगभग सारे फिल्म स्टूडियोज मद्रास में थे, इसलिए डी रामानायडू ने 1983 में तत्कालीन सरकार की मदद लेकर हैदराबाद में स्टूडियो बनाया। फिर धीरे धीरे डी रामानायडू ने तेलुगू और तमिल के अलावा कन्नड़, मलयालम, हिंदी, मराठी, बंगाली, उड़िया, गुजराती, भोजपुरी, असमिया और पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में पांव पसारने शुरू कर दिए। 13 भाषाओं में 150 से भी ज्यादा फिल्में बनाने के कारण डी. रामानायडू का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।

d ramanaidu son and grandson

श्रीदेवी से लेकर सुनील शेट्टी तक के साथ बनाईं फिल्में
डी. रामानायडू ने कई हिंदी फिल्में बनाईं, जिनमें ‘तोहफा’, ‘दिलदार’, ‘हम आपके दिल में रहते हैं’, ‘आगाज’ और ‘अनाड़ी’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों में उन्होंने श्रीदेवी से लेकर काजोल, अनिल कपूर, करिश्मा कपूर और सुनील शेट्टी जैसे स्टार्स के साथ काम किया। डी. रामानायडू तो दादासाहेब और पदम भूषण के अलावा 2 बार नैशनल अवॉर्ड समेत नंदी और तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स से भी सम्मानित किया गया। डी. रामानायडू ने इंडस्ट्री में 11 हिरोइनों, 4 हीरो, 23 डायरेक्टर्स और 4 म्यूजिक डायरेक्टर्स को लॉन्च किया था।

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अल्लू अर्जुन के साथ डी रामानायडू, फोटो: Twitter

राजनीति में भी रहे रामानायडू, 2015 में कैंसर से निधन
डी रामानायडू राजनीति में भी सक्रिय रहे। 1999 से 2004 के बीच वह तेलुगू देशम पार्टी से जुड़े रहे। रामानायडू के बेटे डी सुरेश बाबू जहां प्रड्यूसर हैं, वहीं वेंकटेश जाने-माने ऐक्टर हैं। उनके 8 पोते हैं, जिनमें से दो पोते यानी राणा दग्गुबाती और नागा चैतन्य भी फिल्म स्टार्स हैं। डी. रामानायडू का 18 फरवरी 2015 को निधन हो गया। बताया गया कि वह प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित थे। उस वक्त उनकी उम्र 78 साल थी।

डी. रामानायडू की करोड़ों की संपत्ति और प्रोडक्शन हाउस

डग्गूबाती फैमिली पूरा बिजनस और प्रोडक्शन हाउस संभाल रही है। सुरेश प्रोडक्शंस के अलावा रामानायडू स्टूडियो भी परिवार संभाल रहा है। myneta.info के मुताबिक, साल 2004 में डी. रामानायडू की संपत्ति 9 करोड़ से ज्यादा थी।



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