WHO ने बताया हेपेटाइटिस से हर 30 सेकेंड में होती है 1 मौत, बचाव के लिए इन 6 बातों का रखें विशेष ध्यान – 1 person dies in every 30 seconds due to hepatitis related diseases these 6 tips can save your life


हेपेटाइटिस (Hepatitis) एक प्रकार का वायरस होता है, जो शरीर में पहुंचकर लीवर में सूजन का कारण बनता है। लीवर आपके शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, ऐसे में जब लीवर में सूजन या किसी प्रकार का डैमेज होता है, तो इसका साथी ही पूरे शरीर का कार्य प्रभावित होने लगता है क्योंकि ये पोषक तत्वों को संसाधित करता है, रक्त को फिल्टर करता है और संक्रमण से लड़ने का काम करता है। अत्यधिक शराब का सेवन, टॉक्सिक पदार्थ जैसे- दूषित खून, स्पर्म और कुछ दवाएं व चिकित्सीय स्थितियां हेपेटाइटिस का कारण बन सकती हैं।

हेपेटाइटिस कितने प्रकार का होता है? हेपेटाइटिस पांच प्रकार का होता है- A, B, C, D और E। इनमें B और C सबसे खतरनाक होते हैं और इन्हें क्रॉनिक हेपेटाइटिस माना जाता है। वहीं A और E ज्यादा खतरनाक नहीं होते। अनुपचारित हेपेटाइटिस लीवर के फेल होने से लेकर लीवर कैंसर तक का कारण बन सकता है। हेपेटाइटिस वायरस को एचआईवी (HIV) से ज्यादा खतरनाक माना जाता है। इस वायरस से संक्रमित होने पर कई बार लक्षण नहीं भी दिखाई देते हैं। आँखों और त्वचा का रंग पीला, मूत्र का गहरा रंग, पेट दर्द, भूख में कमी, बुखार, जी मिचलना, थकान और दस्त का अनुभव होने पर हेपेटाइटिस का जांच करवा लेना अच्छा विचार होता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 350 मिलियन से अधिक लोग वायरल हेपेटाइटिस के साथ जी रहे हैं, और हर 30 सेकंड में, यकृत की विफलता (Liver Failure), सिरोसिस और कैंसर सहित हेपेटाइटिस से संबंधित बीमारी से कम से कम एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। हाल ही में डब्लूएचओ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया है। इसमें हेपेटाइटिस से बचाव से जुड़ी अहम बातों का ध्यान रखने की सलाह भी दी गई है।

WHO ने दिए हेपेटाइटिस से बचाव के टिप्स

हमेशा स्टेराइल इंजेक्शन का इस्तेमाल करें

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स्टेराइल का यूज इंजेक्शन से फैलन वाले इंफेक्शन को रोकने के लिए किया जाता है। यदि दो लोगों के बीच सुई या सीरिंज का पुन: उपयोग किया जाता है, या यदि कोई आकस्मिक सुई चुभ जाती है, तो एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसे रक्तजनित रोगों के संचरण का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सुई और सीरिंज स्टेराइल वॉटर से अच्छी तरह से साफ हो। या इंजेक्शन का उपयोग एक बार से ज्यादा नहीं किया जा रहा हो।

बिना प्रोटेक्शन के यौन संबंध न बनाएं

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यह ज्यादातर लोगों को बता होता है कि वायरल हेपेटाइटिस दूषित भोजन खाने या गंदी हाइपोडर्मिक सुइयों को साझा करने से फैल सकता है। लेकिन ये बात कम ही लोगों को पता होता है कि कभी-कभी यौन संपर्क से भी लीवर खराब करने वाली बीमारी फैल सकती है। ऐसे में यौन संबंध बनाते समय प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करें।

ब्लेड या रेज़र किसी के साथ शेयर न करें

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सुई और सीरिंज की तरह ही ब्लेड भी इंफेक्शन माध्यम बन सकता है। इसलिए एक्सपर्ट किसी का इस्तेमाल किया हुआ ब्लेड या रेजर यूज करने की सलाह नहीं देते हैं। इस्तेमाल किया हुआ ब्लेड एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसे संक्रामक रोग का जोखिम बड़ा सकती है।

टैटू या पियर्सिंग करवाते समय रहें सावधान

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टैटू या पियर्सिंग हेपेटाइटिस और एचआईवी के संक्रमण से जुड़ा हुआ है। इसका मुख्य कारण है टैटू या पियर्सिंग करवाने वाला इक्युपमेंट, जो कि वास्तव में एक सुई ही होता है। ऐसे में इसे दोबारा यूज करने से पहले सही तरह से साफ नहीं करने से इंफेक्शन का खतरा रहता है।

हेपेटाइटिस का टीकाकरण करवाएं

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हेपेटाइटिस से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है इसका टीकाकरण करवाना। हालांकि हेपेटाइटिस सभी प्रकारों के लिए टीका उपलब्ध नहीं लेकिन सबसे घातक माने जाने वाले हेपेटाइटिस B का टीका उपलब्ध है इसे आप लगवा सकते हैं। इसका डोज हर आयु वर्ग के लोग ले सकते हैं।

समय-समय पर करवाएं हेपेटाइटिस का टेस्ट

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किसी भी बीमारी से बचाव और शुरूआती स्तर पर निदान का सबसे अच्छा तरीका है समय-समय पर टेस्ट करवाते रहना। इससे किसी भी गंभीर बीमारी के जानलेवा बनने का जोखिम कम हो जाता है। हेपेटाइटिस की बीमारी का पता ब्लड टेस्ट के माध्यम से ही लगाया जा सकता है। यहां तक एक सिंपल ब्लड टेस्ट से भी यह पता चल जाता है कि आपका शरीर इस वायरस की चपेट में है या नहीं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।





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