Tuesday, June 28, 2022
HomeHealth Newswhat is the deadliest female cancer: expert explained 6 common symptoms of...

what is the deadliest female cancer: expert explained 6 common symptoms of cancer in women that shouldn’t be ignored – cancer in women: इन 6 तरीकों से दिखते है महिलाओं में कैंसर के शुरूआती लक्षण, पांचवी बात को बदलते मौसम का असर समझने की न करें भूल


कैंसर(Cancer) दुनिया में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। कैंसर की गिनती उन बड़ी बीमारियों में की जाती है जिसमें शरीर के भीतर विकार पैदा करने वाली कोशिकाएं बनने लगती है और अनियंत्रित रूप से विभाजित होकर धीरे-धीरे आपके पूरे शरीर में फैलने की क्षमता रखती है। इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सात तरह के कैंसर के मामले ज्यादा देखने के लिए मिलते हैं। इस लिस्ट फेफड़े, स्तन, अन्नप्रणाली, मुँह, पेट, लीवर और गर्भाशय ग्रीवा में होने वाले कैंसर शामिल है। इस रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि महिलाओं में पुरूषों की अपेक्षा कैंसर के ज्यादा होता है।

ऐसे में हमने बात कि मुंबई के ले नेस्ट अस्पताल मलाड के प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉक्टर मुकेश गुप्ता से। वह बताते हैं कि कैंसर में अच्छे परिणामों के लिए शुरूआती स्तर पर इसका निदान बहुत जरूरी होता है। आधुनिक निदान और उपचार की तकनीक के कारण कैंसर को हराना अब उतना मुश्किल नहीं है। हम कह सकते हैं कि कैंसर व्यक्ति के जीवन का अंत नहीं है। महिलाओं में कैंसर के मामले ज्यादा होने का सबसे बड़ा कारण है इसके संकेतों की अनदेखी। महिलाएं अपनी सेहत और शरीर में होने वाले छोटे से छोटे बदलाव पर ध्यान दें, तो कैंसर से उनकी लड़ाई बेहद आसान हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि स्तन, गर्भाशय ग्रीवा, डिम्बग्रंथि, योनि, योनि, फेफड़े, कोलोरेक्टल और त्वचा कैंसर महिलाओं को प्रभावित करने वाले आम कैंसर हैं।

​स्तन में गांठ या वृद्धि

navbharat times

2020 के आंकड़ों के अनुसार, डब्ल्यूएचओ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैंसर से लगभग 10 मिलियन मौतें होती हैं, जिनमें से 2.26 मिलियन मामले स्तन कैंसर के हैं। स्तन कैंसर के सबसे आम लक्षणों में से एक है स्तन में गांठ, निप्पल में बदलाव या मोटा होना,निप्पल से डिस्चार्ज होना या कोई असामान्य वृद्धि जिसे आप महसूस कर सकते हैं। गांठ मुलायम हो सकती है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि आप डॉक्टर से परामर्श करें।

​पीरियड्स के अलावा भी ब्लीडिंग होना

navbharat times

पीरियड्स के अलावा भी अगर आपको ब्लीडिंग हो रही तो यह हार्मोनल असंतुलन का संकेत होने के साथ किसी गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है। खासकर यदि आप मेनोपॉज के दौरान ब्लीड कर रहें हो। इसके अलावा कोइटल ब्लीडिंग, पेरिमेनोपॉज़ल ब्लीडिंग या इंटर मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग को हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह सर्वाइकल कैंसर का संकेत हो सकता है। एंडोमेट्रियल कैंसर से पीड़ित लगभग 90% महिलाओं में असामान्य वजाइनल ब्लीडिंग होता है जो कि डिम्बग्रंथि के कैंसर का लक्षण भी हो सकता है। ऐसे में तत्काल रूप से डॉक्टर को दिखाना गंभीर परिणामों को रोक सकता है।

​वजाइनल डिस्चार्ज

navbharat times

महिलाओं में वजाइनल डिस्चार्ज (सफेद पानी का आना) एक सामान्य और नियमित होने वाली क्रिया है। लेकिन इसकी मात्रा, रंग या गंध में कोई भी परिवर्तन एक समस्या का संकेत हो सकता है। दुर्गंधयुक्त, झागदार, पीले या हरे रंग का डिस्चार्ज किसी संक्रमण या एंडोमेट्रियल कैंसर की चेतावनी हो सकती है। कुछ मामलों में, सर्वाइकल कैंसर में गुलाबी, भूरे या खूनी डिस्चार्ज भी होते हैं।

​थकान और अचानक से वजन का घटना

navbharat times

अधिकांश कैंसर में व्यक्ति में थकान और अचानक से वजन घटने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। हालांकि ये कमजोरी या किसी अन्य बीमारी के भी सामान्य लक्षण हो सकते हैं। इसलिए इसकी वजह को सुनिश्चित करना जरूरी होता है। यदि आप अच्छी नींद ले रहे हैं या अधिक सो रहे हैं और फिर भी थकावट महसूस कर रहे हैं, तो आपको चेकअप कराना चाहिए।

​सांस की तकलीफ और तेज खांसी

navbharat times

फेफड़ों के कैंसर का पहला लक्षण लंबे समय तक रहने वाली खांसी, बिना किसी कारण के सांस लेने में तकलीफ, खून के साथ कफ या बलगम और सीने में दर्द है। इन शुरुआती संकेतों को अक्सर नियमित खांसी या मौसम में बदलाव के रूप में गलत समझा जा सकता है, बेहतर होगा कि आप अपने डॉक्टर से जांच कराएं।

​रंग-रूप में परिवर्तन

navbharat times

निजी अंगों में कोई असामान्य वृद्धि, घाव या चकत्ते वुल्वर कैंसर का संकेत हो सकता है। इस तरह के परिवर्तनों की निगरानी की जानी चाहिए और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यह त्वचा के कैंसर का संकेत भी हो सकता है। यदि आप एक तिल को देखते हैं जो रंग, आकार बदलता है या आपके शरीर पर मस्से जहां तहां निकलने लगते हैं, तत्काल रूप से जांच करवाएं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।



Source link

RELATED ARTICLES

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments