Friday, June 24, 2022
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water crisis in delhi: Delhi Water Issue: पल्ला बाढ़ क्षेत्र में चौथे साल भी यमुना के बाढ़ के पानी को बचाया जाएगा – yamuna water to be saved this year also


विशेष संवाददाता, नई दिल्ली:राजधानी से पानी की किल्लत दूर करने के लिए पल्ला बाढ़ क्षेत्र में यमुना के बाढ़ का पानी बचाने की योजना इस साल भी जारी रहेगी। गुरुवार को डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इसे लेकर अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट से भूजल स्तर में लगातार सुधार देखने को मिला है। 2019 से लेकर 2021 तक औसतन करीब 812 मिलियन गैलन ग्राउंड वॉटर रिचार्ज हुआ है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह परियोजना 40 एकड़ में फैली है। इसमें से 26 एकड़ में एक तालाब बनाया हुआ है। इस तालाब में बाढ़ का पानी भर जाता है। दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, 2020 और 2021 में प्री-मॉनसून और पोस्ट-मॉनसून सीजन के दौरान की गई स्टडी में यह पाया गया कि इस परियोजना के चलते ग्राउंड वॉटर रिचार्ज होकर यमुना नदी से शहर की तरफ बढ़ रहा है, जिससे पूरे दिल्ली का भूजल स्तर बेहतर हो रहा है।

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उन्होंने बताया कि पिछले 10 सालों में भूजल स्तर 2 मीटर तक नीचे चला गया था, लेकिन पल्ला फ्लड प्लेन परियोजना के शुरू होने के बाद भूजल स्तर आधे से 2 मीटर तक बढ़ा है। वर्तमान में करीब 812 मिलियन गैलन ग्राउंड वॉटर रिचार्ज हुआ है। वहीं, प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल 1000 एकड़ तक बढ़ने से करीब 20,300 एमजी ग्राउंड वॉटर रिचार्ज हो सकेगा। पल्ला से वजीराबाद के बीच करीब 20-25 किमी लंबे इस स्ट्रेच पर प्राकृतिक तौर पर गड्ढे (जलभृत) बनाए गए हैं।

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पल्ला फ्लड प्लेन परियोजना के काम शुरू होने के बाद तत्काल परिणाम में बेहतर रिजल्ट सामने आए थे। 2020 और 2021 में 2.9 मिलियन क्यूबिक मीटर और 4.6 मिलियन क्यूबिक मीटर अंडरग्राउंड वाटर बड़े पैमाने पर रिचार्ज किया गया। पिछले साल का भूजल स्तर, अनुमान से निकाले गए 3.6 मिलियन क्यूबिक मीटर भूजल से अधिक था। परियोजना क्षेत्र में पीजोमीटर की मदद से एकत्रित किए गए आकड़ों के अनुसार भूजल-स्तर में 0.5 मीटर से 2 मीटर की औसत वृद्धि देखी गई। 2020 और 2021 में प्री-मॉनसून और पोस्ट-मॉनसून सीज़न के लिए तैयार की गई रुपरेखा में यमुना नदी से शहर की ओर ग्राउंडवॉटर का फ्लो दिखा। इसके अलावा जहां तालाब नहीं हैं, उस क्षेत्र की तुलना में तालाब वाले क्षेत्र में भूजल स्तर में बहुत तेजी से सुधार आया है।

तीन वर्षों में पल्ला पायलट प्रोजेक्ट से भूजल रिचार्ज के आंकड़े

  • साल 2019- 854 मिलियन लीटर
  • साल 2020- 2888 मिलियन लीटर
  • साल 2021- 4560 मिलियन लीटर



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