एरो इंडिया 2019 का समापन
February 24, 2019 • Editor Awazehindtimes

एरो इंडिया-2019 का आज बंगलुरू स्थित येलाहांका वायु सेना स्‍टेशन में समापन हो गया। एशिया के इस प्रमुख एरो इंडिया शो के 12वें संस्‍करण को बड़ी संख्‍या में लोगों ने देखा।

इस वर्ष के शो की मुख्‍य विशेषताएं रहीं :-

600 से अधिक भारतीय कम्‍पनियों और 200 विदेशी कम्‍पनियों ने इसमें भाग लिया और एशिया के सबसे बड़े एयर शो को देखा। इस वर्ष शो का कुल क्षेत्रफल 27,678 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 28,398 वर्ग मीटर किया गया।

शो में कुल 61 विमानों ने भाग लिया। रक्षा मंत्रालय के साथ-साथ नागर विमानन मंत्रालय, कौशल विकास मंत्रालय, राज्‍य सरकारों और औद्योगिक एसोसिएशनों सहित अनेक एजेंसियों ने अनेक सेमिनारों का आयोजन किया। शो के पहले तीन दिन व्‍यवसाय की दृष्टि से आने वालों के लिए निर्धारित किए गए थे, इस दौरान करीब दो लाख लोग शो देखने आए। एयर शो के दौरान व्‍यवसाय की दृ‍ष्टि से अनेक गतिविधियां देखने को मिली और अनेक राउंड टे‍बल बैठकें हुईं।

यह शो ने सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को प्रोत्साहित किया क्योंकि यहां दुनिया भर के अनेक हितधारकों की उपस्थिति देखने को मिली। एरो इंडिया के वर्तमान संस्करण में पहली बार अनेक चीजें देखने को मिली और यह क्षेत्र में एरोस्पेस के विकास को प्रदर्शित करने का सही मंच था। पहली बार यहां 58 प्रविष्टियों के साथ ‘द्रोण ओलम्पिक्स’ का आयोजन किया गया। शो के प्रत्येक दिन एक विशेष विषय रखा गया था। एरो इंडिया-2019 के बिजनेस दिवसों में प्रत्येक दिन स्टार्ट-अप, टेक्नोलोजी और महिलाओं को विशेष रूप से प्रमुखता दी गई। रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने सीईओ सम्मेलन की अध्यक्षता की जिसमें विदेशी कंपनियों के 13 और भारतीय कंपनियों के 11 सीईओ ने भाग लिया तथा इस क्षेत्र के विकास के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया। 500 बी2बी बैठकें हुई और 50 समझौता ज्ञापनो पर हस्ताक्षर किए गए। एरो शो का प्रचार वाक्य था ‘द रनवे टू अ बिलियन ओपोरच्यूनीटीज’।

भारतीय एरोस्पेस उद्योग में महिलाओं की उपलब्धियों को उजागर करते हुए एक विशेष कार्यक्रम शनिवार को आयोजित किया गया। एरोस्पेस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए इस कार्यक्रम के दौरान विमानन, विज्ञान और अनुसंधान क्षेत्रों में कार्यरत अनेक महिलाओं को सम्मानित किया गया। एरोस्पेस क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाओं और ‘सेल्यूटिंग द क्वीन्स ऑफ द स्काइज’ को प्रदर्शित करते हुए मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल (कर्नाटक सर्कल) चार्ल्स लोबो ने एक स्मारक डाक टिकट जारी किया।

विभिन्न प्रकार के विमानों द्वारा किए गए युद्धाभ्यास और विमानों की कलाबाजियों ने युवा और बुजुर्गों सहित सभी का मन मोह लिया। विमानों के कर्तव्य की सभी ने प्रशंसा की जो बंगलुरू के साफ आसमान में हर दिन देखने को मिला। दोपहर में आज समापन आयोजित किया गया। जहां कर्नाटक के माननीय राज्यपाल श्री वजूभाई वाला ने एकत्र जन समूह को संबोधित किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा, हालांकि भारत की जनता ने बहादुरी और बुद्धिमतता का परिचय दिया है समय की मांग है कि उन्हें सही अवसर प्रदान किए जाएं। कर्नाटक सरकार की ओर से उन्होंने शो के आयोजन में शामिल सभी लोगों को धन्यवाद दिया उन्होंने फोटोग्राफी प्रतियोगिता, इन्स्टाग्राम प्रतियोगिता और सर्वश्रेष्ठ छात्र परियोजना की श्रेणियों में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। बंगलुरू स्थित विश्वेसवरैया इन्स्टीयूट ऑफ टेक्नोलोजी ने जीएएनएनईटीः द एम्बीशियस द्रोण ओलम्पिक्स में पहला पुरस्कार प्राप्त किया।

एरो इंडिया के पार्किंग क्षेत्र में 23 फरवरी को आग लगने की घटना हुई जिसके परिणामस्वरूप 270 वाहन जल गए लेकिन इसके बावजूद भी लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई और पिछले दो दिन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने इसे देखा। रक्षा मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया और नियमित प्रेस विज्ञप्तियों के जरिए पूरे शो कि जानकारी दी और दुनिया भर के लोगों तक इसे पहुंचाया। जनता के लिए एक यूजर फ्रेंडली मोबाइल एप्लिकेशन विशेष रूप से तैयार की गई थी। एरो इंडिया की वेबसाइट में रोजाना एक ई-पत्रिका का प्रकाशन किया गया ताकि लोगों तक एरो इंडिया-2019 में चल रही गतिविधियों को पहुंचाया जा सके। सारंग हेलिकॉप्टर के साथ ही इस शो का समापन हो गया।