Thursday, August 11, 2022
spot_img
HomeHealth NewsTomato fever: कोरोना-मंकीपॉक्स के बीच बढ़ा इस बीमारी का खतरा, बच्चों में...

Tomato fever: कोरोना-मंकीपॉक्स के बीच बढ़ा इस बीमारी का खतरा, बच्चों में दिख रहे ये 10 लक्षण – during covid and monkeypox experts warn against tomato fever, do not ignore these 10 symptoms in kids


कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus pandemic) और मंकीपॉक्स (Monkeypox) जैसी खतरनाक बीमारियों का कहर झेल रहे भारत में एक और गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ता दिख रहा है। हाल ही में केरल में मंकीपॉक्स का सबसे पहला केस मिला। अब खबर है कि राज्य में टोमैटो फीवर (tomato fever) या टोमेटो फ्लू के 80 मामले सामने आए हैं, जिससे भारत में कुल मामलों की संख्या 100 हो गई है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने कहा कि प्रकोप को लेकर चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं जबकि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि लापरवाही न बरतें और इससे बचने के लिए अभी जरूरी कदम उठाए जाएं। चलिए जानते हैं टोमैटो फीवर क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

टोमैटो फीवर या टोमैटो फ्लू क्या है?

navbharat times

टोमैटो फीवर या टोमैटो फ्लू को हेड, हैंड, फुट, माउथ (HFMD) की बीमारी के रूप में भी जाना जाता है। यह एक दुर्लभ वायरल बीमारी है, जिसमें पूरे शरीर पर दाने और छाले हो जाते हैं। इसका टमाटर खाने से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि आकार और रंग के मामले में टमाटर के चकत्ते की समानता के कारण इसका नाम पड़ा है।

किन्हें है ज्यादा खतरा

navbharat times

विशेषज्ञों का मानना है कि टोमैटो बुखार एक ऐसी स्थिति है जो मुख्य रूप से 5 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है। टोमैटो बुखार की उत्पत्ति वर्तमान में स्पष्ट नहीं है। हालांकि, इसे एक दुर्लभ वायरल बीमारी माना जाता है। हालांकि यह बीमारी जानलेवा या घातक नहीं है, लेकिन इसे अत्यधिक संक्रामक कहा जाता है।

टोमैटो फीवर के संकेत

navbharat times

टोमैटो फीवर के कुछ सामान्य लक्षणों में लाल छाले, चकत्ते, त्वचा में जलन और डिहाइड्रेशन होना शामिल हैं। इसके अलावा, तेज बुखार, शरीर में दर्द, जोड़ों में सूजन, थकान, पेट में ऐंठन, दस्त और उल्टी का अनुभव हो सकता है। विशेषज्ञ के अनुसार खांसी और सर्दी का अनुभव भी हो सकता है।

क्या यह कोरोना या मंकीपॉक्स से संबंधित है?

navbharat times

टोमैटो फ्लू के ज्यादातर मामले बच्चों में सामने आए हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित रखने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हालांकि यह बीमारी कोरोना या मंकीपॉक्स जितनी अधिक है या उससे ज्यादा खतरनाक है, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। विशेषज्ञ इसे हल्के में लेने के खिलाफ चेतावनी दे रहे हैं। अब तक, इस बीमारी से किसी की मौत की रिपोर्ट नहीं मिली है।

यह बच्चों को कैसे प्रभावित करता है?

navbharat times

रिपोर्ट्स के मुताबिक चिकनगुनिया की तरह ही टोमैटो बुखार से भी बच्चों की त्वचा पर लाल, खुजलीदार रैशेज या छाले हो जाते हैं। परिजनों को कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना चाहिए जैसे कि आपके बच्चे को सख्त निगरानी में रखना और उन्हें अन्य बच्चों या व्यक्तियों से अलग करना। प्रभावित हिस्से को खरोंचने या छूने से बचना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

अंग्रेजी में इस स्‍टोरी को पढ़ने के लिए यहां क्‍लिक करें



Source link

RELATED ARTICLES

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments