study in Germany, जर्मनी में विदेशी छात्रों को मिलती है कम कीमत में क्वालिटी एजुकेशन – germany offers less cost and quality education for indian students


जर्मनी में स्थित कई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटिज छात्रों से ट्यूशन फीस तक नहीं लेती हैं। जर्मनी में पढ़ाई को लेकर जानकारी दे रहे हैं स्टीफन लेंजीगर

दुनिया भर से पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों के लिए जर्मनी एक खुली और रंगबिरंगी सोसायटी है। अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए जर्मनी पहले ही हॉट स्पॉट बन चुका है और इसमें लगातार तेजी देखने को मिल रही है। जर्मनी में विदेशी छात्रों की संख्या बढ़कर 3.60 लाख पहुंच चुकी है यानी प्रत्येक सेमेस्टर में एक चौथाई छात्र विदेशी हैं।

इस समय जर्मनी में 17.5 हजार भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं जो पिछले पांच साल की तुलना में दोगुना है।

जर्मनी में क्यों करें पढ़ाई
जर्मनी में पढ़ाई करने के कई कारण हैं जिसमें प्रमुख है शिक्षा की बेहतरीन गुणवत्ता, ट्यूशन फीस में छूट, शानदार करियर के मौके, इंगलिश में पढ़ाए जाने वाले इंटरनैशनल डिग्री प्रोग्राम आदि शामिल हैं। जर्मनी की यूनिवर्सिटिज की दुनिया में काफी प्रतिष्ठा है। टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में जर्मनी की 47 यूनिवर्सिटिज दुनिया की सबसे अच्छी यूनिवर्सिटिज में शामिल हैं।

आप इस बात पर विश्वास करें या नहीं लेकिन यह सच है कि जर्मनी की कई यूनिवर्सिटिज ट्यूशन फीस नहीं लेती हैं और यह बात विदेशी छात्रों पर भी लागू होती है। इसके अलावा यहां छात्रों के पास स्कॉलरशिप प्राप्त करने के भी कई मौके होते हैं खासतौर से जर्न अकेडमिक एक्सचेंज सर्विस (DAAD) के जरिए। इसके भारत में कई ऑफिस हैं जो भारतीय छात्रों को उनकी जरुरत के हिसाब से कोर्स मुहैया कराती है।

भाषा
जर्मनी में विदेशी छात्र करीब 2 हजार ऐसे कोर्सेस में से अपनी पसंद का कोर्स चुन सकते हैं जिनकी पढ़ाई अंग्रेजी में कराई जाती है। इसलिए यहां जर्मन भाषा की समझ जरूरी नहीं है। हालांकि जर्मन भाषा को सीखना आगे आपके ही काम आएगा।

आइडिया का देश
जर्मनी शुरू से ही अविष्कारों का देश रहा है यहां प्रिंटिंग प्रेस से लेकर ऑटोमोबाइल और एमपी 3 फॉर्मेट का अविष्कार हुआ है। अभी तक करीब 80 जर्मन वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार मिल चुका है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फॉरम की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी सबसे इनोवेटिव देश है। इसमें जर्मनी की यूनिवर्सिटिज अहम रोल निभाती है क्योंकि यहां रिसर्च काफी मजबूत है।

किसी जर्मन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद छात्र 18 महीने जर्मनी मे नौकरी ढूंढने के लिए रूक सकते हैं। जर्मनी इंडस्ट्रीयल इनोवेशन और मैनुफैक्चरिंग में वर्ल्ड लीडर है इसलिए यहां हर समय इंजिनियर्स की कमी रहती है। इसके अलावा यहां कई ऐसे शहर हैं जहां होली और दिवाली जैसे त्योहार मनाए जाते हैं जिसके कारण यह भारतीयों के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन है।



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