Snoring Causes: खर्राटे को गंदी आदत समझने की न करें भूल, इन 5 बीमारियों का हो सकता है इशारा – snoring can be sign of these 5 serious disease including heart attack and stroke according to study


खर्राटे लेना (Snoring) बहुत सामान्य बात है। आज के समय में कई लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। ज्यादातर लोग खर्राटे को गंदी आदत के रूप में देखते है। लेकिन इससे पहले कि आप अपने खर्राटों को हल्के में लें हम आपको बता देना चाहते हैं कि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। हालांकि लगभग हर कोई कभी न कभी खर्राटे लेता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह एक क्रोनिक समस्या हो सकती है। आसान भाषा में रोज-रोज खर्राटे लेना अनहेल्दी होता है। इसके अलावा खर्राटे लेना आपके पार्टनर के लिए परेशानी का सबब भी बन सकता है।

खर्राटों को तुरंत कैसे रोकें? जीवनशैली में बदलाव, जैसे वजन कम करना, सोने से पहले शराब से परहेज करना, करवट लेकर सोना, खर्राटों को रोकने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, चिकित्सा उपकरण और सर्जरी उपलब्ध हैं जो खर्राटों को कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, ये खर्राटे लेने वाले सभी लोगों के लिए उपयुक्त या आवश्यक नहीं हैं। यदि आप खर्राटे लेते हैं और इसे बस एक आदत समझकर नजरअंदाज कर रहें हैं तो यहां बताएं इन 5 गंभीर बीमारियों के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

खर्राटे लेने से आ सकता है ​स्ट्रोक

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एनसीबीआई के अनुसार, खर्राटे लेना 46 प्रतिशत तक स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाने का काम करता है। ऐसे में खर्राटे एक गंदी आदत से कई गुना ज्यादा है। यह धमनी के क्षतिग्रस्त होने का संकेत भी हो सकता है। इसलिए जरूरी है वक्त रहते डॉक्टर से परामर्श करें।

खर्राटे हो सकते हैं ​हार्ट अटैक का संकेत

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क्लीवलैंड क्लिनिक की माने तो यदि आपको खर्राटे स्लीप एप्निया के वजह से आते हैं तो यह आपके लिए खतरे की घंटी हो सकती है। खर्राटे लेना किसी के लिए भी सुखद नहीं होता है, लेकिन हाल के शोध में पता चला है कि जो लोग अधिक खर्राटे लेते हैं उनमें हार्ट अटैक या हृदय रोग विकसित होने की संभावना अधिक होती है।

​नोक्टूरिया से खर्राटे का है गहरा संबंध

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रात में दो या अधिक बार बाथरूम का उपयोग करने के लिए उठना एक ऐसी स्थिति है जिसे निक्टुरिया कहा जाता है। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों में खर्राटों से भी जुड़ा हुआ है। शोध से पता चलता है कि 55 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष जो अक्सर पेशाब करने के लिए उठते हैं, उनमें सौम्य प्रोस्टेट वृद्धि और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया दोनों हो सकते हैं।

खर्राटा लेने वाले हैं ​डायबिटीज की रडार में

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येल यूनिवर्सिटी द्वारा डायबिटीज और स्लीप एप्निया के संबंध पर किए गए अध्ययन के अनुसार, वे लोग जो बहुत तेज और रोज-रोज खर्राटे लेते हैं, उन्हें मधुमेह होने की 50% अधिक संभावना का सामना करना पड़ता है, उन लोगों की तुलना में जो खर्राटे नहीं लेते हैं। स्लीप एप्निया टाइप 2 मधुमेह के जोखिम से महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा हुआ है।

खर्राटे लेना है ​हाई ब्लड प्रेशर का साइलेंट इशारा

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Webmed के अनुसार, जो लोग सोते समय खर्राटे लेते हैं, या जिन्हें सांस लेने में अन्य समस्याएं होती हैं, उनमें उच्च रक्तचाप का खतरा ज्यादा होता है। साथ ही आप जितने छोटे होंगे, जोखिम उतना ही अधिक होगा।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।



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