Shani rashifal 2022: In April for 7 zodiac signs Shani Dev will increase the auspiciousness manifold rashifal in hindi – Astrology in Hindi


ग्रहों में न्यायाधीश सूर्य पुत्र शनि देव का कुम्भ राशि मे गोचर नव संवत्सर में 28 अप्रैल 2022 दिन गुरुवार को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर होने जा रहा है। शनि देव अपनी पहली राशि मकर से अपनी दूसरी राशि कुम्भ में जा रहे है। यहां भी ये स्वगृही ही होकर चराचर जगत को प्रभावित करेंगे। शनि देव कर्म फल प्रदायक ग्रह हैं।

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पहली राशि मे न्याय करते हुए गलत कर्म करने वाले को सजा देते है जबकि कुम्भ राशि में शुभ कर्मों में शुभ फल को ज्यादा प्रदान करते है। जहां मकर राशि मे गोचर के समय समाज मे उधल पुथल देखा जाता है वही कुम्भ राशि मे शुभ ग्रहों के साथ संयोजन अथवा दृष्टि संबंध होने से शुभताओं में कई गुना की वृद्धि करते हुए फल प्रदान करते है। जहाँ मेष,वृष, मिथुन ,तुला, धनु,मकर ,कुम्भ वालों के लिए सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि, लाभ एवं आय में वृद्धि कराने वाले होंगे तो वही कर्क, सिंह ,कन्या, वृश्चिक, मीन के लिए थोड़ा सतर्क रहने एवं कर्म में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।  स्वतंत्र भारत की कुंडली वृष लग्न एवं कर्क राशि की है। ऐसे में सर्वाधिक कारक ग्रह के रूप में शनि देव कार्य करते है। भाग्य भाव से राज्य भाव में गोचर आरम्भ करने जा रहे है शनि देव। यह गोचर अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय दृष्टि कोण से देखा जाए तो सामाजिक पद प्रतिष्ठा के लिए बहुत ही सुंदर संयोग है। भारत का वर्चस्व विश्व स्तर पर बढ़ेगा। अन्य राष्ट्रों से व्यापारिक संबंध मजबूत होने के साथ साथ लाभ की स्थिति भी उत्पन्न होगा । 

भारत के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में वृद्धि होगी। अंतराष्ट्रीय संगठनों में भारत का वर्चस्व बढ़ेगा। शनि की दृष्टि चतुर्थ भाव सिंह राशि पर एवं सप्तम भाव वृश्चिक राशि पर होने से राष्ट्र के आन्तरिक मामलों में विवाद की स्थिति उत्पन्न होगी। आम जन मानस में असंतोष का वातावरण बनेगा। परंतु सरकार अपनी उक्ति उपाय एवं योजनाओं से स्थिति में सुधार किया जाएगा। कंस्ट्रक्शन, विनिर्माण, वाहन से जुड़े योजनाओं पर सरकार द्वारा व्यापक खर्च किया जाएगा। समाज मे मध्यम वर्ग के लिए काफी प्रगति का वातावरण उत्पन्न होगा। आम जन मानस की क्रिया शीलता में वृद्धि होगी। न्याय पालिका द्वारा बहुत ही सकारात्मक एवं प्रगति वाले निर्णय सुनाए जा सकते है। आम जन मानस के दैनिक आय में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

 इसी दौरान जब शनि देव कुम्भ राशि मे गोचर करेंगे, तभी राहु का भी गोचरीय परिवर्तन मेष राशि मे होगा। शनि राहु के तृतीय एकादश एवं केतु से पंचम नवम का संबंध बनेगा। ऐसे में भूकंप, भूस्खलन, प्राकृतिक उथल पुथल, आग से क्षति की अचानक स्थिति बन सकती है। अतः सतर्कता विशेष आवश्यक होगा। सरकारी तंत्र विशेषकर न्याय पालिका के सकारात्मक प्रभावों में वृद्धि होगी। इस गोचर का आम जन मानस पर भी व्यापक प्रभाव पड़ेगा। 28 अप्रैल से 4 जून तक कुम्भ राशि मे मार्गी गति से गोचर करते हुए अपना प्रभाव स्थापित करेंगे तो 4 जून से 12 जुलाई तक वक्री गति से गोचर करते हुए कुम्भ राशि मे गोचर करेंगे। पुनः 13 जुलाई से मकर राशि मे वक्री प्रवेश करेंगे। इस प्रकार कुम्भ राशि मे शनि देव 76 दिनों तक के लिए गोचर करने जा रहे है। कुम्भ राशि में गोचर का भारतीय जन मानस पर व्यापक प्रभाव होगा। 

 

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