प्रधानमंत्री ने 16वीं लोक सभा की अंतिम बैठक को संबोधित किया
February 13, 2019 • Editor Awazehindtimes

प्रधानमंत्री कार्यालय

उन्होंने सदन की कार्यवाही के संचालन में अध्यक्षा, श्रीमती सुमित्रा महाजन की भूमिका की सराहना की। प्रधानमंत्री ने 16वीं लोकसभा के कार्यकाल के दौरान संसदीय कार्य मंत्रियों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने पूर्व संसदीय कार्य मंत्री स्वर्गीय अनंत कुमार की लोकसभा में उनके योगदान के लिए सेवाओं को याद किया।

सदन को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग तीन दशकों के बाद देश में पूर्ण बहुमत की सरकार आई। लोकसभा के कार्यसंचालन के बारे में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 17 सत्रों में से कुल 8 में 100 प्रतिशत कार्यसंचालन हुआ, जबकि कुल कार्यसंचालन 85% रहा। संसद सदस्यों की तारीफ करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के हर संसद सदस्य ने इस लोकसभा के कार्यकाल के दौरान लोगों के हित में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस लोकसभा को सबसे ज्यादा महिला सांसदों के लिए याद किया जाएगा, जिनमें से 44 पहली बार सांसद बनकर आई हैं। महिला सांसदों की भागीदारी को स्वीकार करते हुए,प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली बार मंत्रिमंडल में अधिक संख्‍या में महिला मंत्री हैं और सुरक्षा पर कैबिनेट समिति में भी दो महिला मंत्री हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत का आत्मविश्वास अपने उच्चतम स्तर पर है। मैं इसे बहुत सकारात्मक संकेत मानता हूं क्योंकि ऐसा विश्वास विकास को गति प्रदान करता है।‘’

उन्होंने कहा कि भारत अभी 6वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और $ 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने के करीब है। ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, विनिर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, "दुनिया ग्लोबल वार्मिंग पर चर्चा कर रही है और भारत ने इस खतरे को कम करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के रूप में एक प्रयास किया"।

प्रधानमंत्री ने कहा, आज दुनिया हमें गंभीरता से लेती है क्योंकि वह हमारी पूर्ण बहुमत सरकार को मान्यता देती है। इसका श्रेय 2014 में नागरिकों द्वारा दिए गए जनादेश को जाता है। भारत की विदेश नीति पर बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा पिछले 5 वर्षों में भारत ने मानवीय कार्यों में अहम भूमिका निभाई है, चाहे यह नेपाल में भूकंप के दौरान राहत कार्य हो, मालदीव में जल संकट हो या यमन में नागरिकों को बचाने का कार्य हो। भारत की सॉफ्ट पावर का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, योग को आज विश्व स्तर पर मान्यता दी गई है। कई देश अब बाबा अंबेडकर जयंती, महात्मा गांधी जयंती मनाते हैं।

सरकार द्वारा किए गए कार्यों का लेखा-जोखा देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग 219 विेधेयक लाए गए, जबकि 203 विधेयक पारित किए गए। काला धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार के रुख को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस लोकसभा ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, भगोड़े आर्थिक अपराध अधिनियम जैसे कड़े कानून पारित किए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ''ये वो लोकसभा है जिसने जीएसटी पारित किया। GST प्रक्रिया ने सहयोग और द्वि-पक्षीय भागीदारी भावना को उजागर किया है”।

प्रधानमंत्री मोदी ने आधार, ईडब्ल्यूएस के लिए 10% आरक्षण, मातृत्व लाभ सहित सरकार की अन्य पहलों के बारे में भी बताया। पीएम ने बताया कि, एक बड़ी पहल के रूप में, इस 16वीं लोकसभा के दौरान 1400 से अधिक निरर्थक कानूनों को समाप्‍त किया गया। उन्होंने 16वीं लोकसभा के दौरान सदन के सुचारू संचालन, समर्थन और योगदान के लिए सदन के प्रत्येक सदस्य को धन्यवाद देते हुए, अपना संबोधन समाप्त किया।