Friday, June 24, 2022
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on international day of yoga doctor reveals 6 amazing health benefits of practice yoga poses – Yoga Day: ब्लड शुगर-ब्लड प्रेशर को काबू रखता है योग, किडनी रोगों से भी करता है बचाव, एक्सपर्ट्स से जानिए 20 फायदे


हर वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Day of Yoga) मनाया जाता है। योग की उत्पत्ति भारत में हुई और इसका इतिहास 5000 वर्ष से भी ज़्यादा पुराना है। कुछ लोग इसे फिटनेस के लिए फैशन के तौर पर अपनाते हैं, लेकिन इससे डायबिटीज, हाइपरटेंशन और किडनी की क्रोनिक बीमारियों सहित कई तरह की क्रोनिक बीमारियों में फायदा मिल सकता है।

योग से स्वास्थ्य को कई तरह के फायदे मिलते हैं। पश्चिमी के वैज्ञानिकों ने इस बारे में पक्के सबूत देना शुरू किए हैं कि योग स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, दर्द को ठीक करने और बीमारियों को दूर रखने में किस तरह मदद करता है। एक बार योग को समझ लें, तो उसके बाद आप खुद योग करने के लिए प्रेरित होंगे और अगली बार कोई आप से पूछे कि आप योग क्यों करते हैं, तो आप तुरंत जवाब दे पाएंगे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर फोर्टिस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स में फ्रोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ संजीव गुलाटी आपको बता रहे हैं कि योग किन-किन बीमारियों में लाभदायक है।

ब्लड प्रेशर कम करने में सहायक

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रिसर्च से पता चला है कि योग से ब्लड प्रेशर कम होता है और दिल की गति धीमी होती है। प्रमुख साइंस जर्नल द लैंसेट में हाईपरटेंशन से पीड़ित लोगों से जुड़े दो अध्ययन प्रकाशित हुए, जिसमें शवासन (कॉर्पस पोज़) के प्रभावों की तुलना सामान्य तौर से बिस्तर पर लेटने से की गई। तीन महीने बाद, शवासन से सिस्टोलिक ब्लडप्रेशर (उच्चतम संख्या) में 26-पॉइंट की गिरावट और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में 15-पॉइंट (सबसे निम्मतम संख्या) की गिरावट देखी गई और शुरुआत में ब्लड प्रेशर जितना ज़्यादा था, उसमें गिरावट भी उतनी ही बड़ी थी। दिल की धीमी गति से हाई ब्लड प्रेशर और दिल व स्ट्रोक के मरीज़ों को फायदा पहुंच सकता है। योग एलडीएल (“खराब”) कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और एचडीएल (“अच्छा”) कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद

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योग से डायबिटीज के मरीजों के ब्लड शुगर के स्तर में कमी आती है, जिसके कई कारण हैं जैसे- कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन के स्तर में कमी होना, वजन में कमी आना और इंसुलिन का ज्यादा प्रभावी होना। यदि आपके ब्लड शुगर स्तर में सुधार होता है तो डायबिटीज से होने वाली जटिलताओं जैसे दिल के दौरे, किडनी फेल होना और अंधेपन का जोखिम कम हो जाता है।

वजन कम करने में सहायक

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रिसर्च करने वालों को यह भी पता चला कि कि जो लोग कम से कम चार साल तक सप्ताह में कम से कम एक बार 30 मिनट तक योगाभ्यास करते हैं, उनका वजन वयस्क होने के दौरान कम बढ़ता है। जरूरत से ज्यादा वजन वाले लोगों का वजन योग से कम हुआ। इससे पता चला कि योगाभ्यास करने वालों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) उन लोगों की तुलना में कम था जो योगाभ्यास नहीं करते थे। रिसर्च करने वालों ने इसके पीछे सजगता को कारण माना। सजग रहकर भोजन करने से भोजन के साथ अधिक सकारात्मक रिश्ता बनता है।

तनाव से दिलाता है राहत

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योग से तनाव भी दूर होता है। यह मन के उतार-चढ़ाव को शांत करता है, इसका मतलब यह है कि यह तनाव का कारण बनने वाले निराशा, अफसोस, गुस्सा, भय और इच्छा जैसे मानसिक चक्रों को धीमा कर देता है। तनाव से माइग्रेन, अनिद्रा, ल्यूपस, एमएस, एक्जिमा, हाई ब्लड प्रेशर और दिल के दौरे जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए अगर आप अपने दिमाग को शांत करना सीख जाते हैं, तो आपके लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीने की संभावना बढ़ जाती है।

किडनी की बीमारियों में लाभदायक

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इससे डायबिटीज़, हाईपरटेंशन और किडनी की क्रोनिक बीमारियों सहित कई तरह की क्रोनिक बीमारियों में फायदा पहुंच सकता है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी की क्रोनिक बीमारी के सबसे आम कारणों में से हैं और यह बात पूरी तरह सिद्ध हो चुकी है कि ब्लड प्रेशर पर बेहतर नियंत्रण रखने से सीकेडी की बढ़ोतरी को धीमा करने में मदद मिलती है, चाहे कारण कुछ भी हो। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद ब्लड प्रेशर पर बेहतर नियंत्रण रखने से ट्रांसप्लांट की गई किडनी की उम्र बढ़ जाती है।

शरीर की गंदगी करता है साफ

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योग करने से मेटाबोलिज्म और ख़ून का प्रवाह सही होता है और यह शरीर से मेटाबोलिक अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इससे एंडोक्राइन फंग्शन में सुधार हो सकता है और क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत में मदद मिलती है। यह शारीरिक फिटनेस मजबूत करने के साथ ही शरीर की प्रतिरक्षा को भी बेहतर बना सकता है। इससे मन शांत होता है और तनाव व दर्द में आराम मिलता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।



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