NSE scam Who is chitra ramkrishna and anand subramanian himalaya faceless yogi read Sebi report – Business News India – कौन हैं ‘हिमालय के रहस्यमयी योगी’ जिसके साथ समंदर में तैरना चाहती थीं NSE की पूर्व चित्रा रामकृष्ण


NSE Scam: पिछले कुछ समय से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का मामला सुर्खियों में हैं। इस मामले की जांच सेबी (SEBI) कर रही है और आए दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सेबी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्व प्रबंध निदेशक चित्रा रामकृष्णन (chitra ramkrishna) के ईमेल का खुलासा किया है। इस ईमेल में चित्रा रामकृष्णन और हिमालय के रहस्यमयी योगी (Faceless yogi) के बीच की कई ‘सीक्रेट’ बातें सामने आईं, जो आपको हैरान-परेशान कर देगी। 59 साल की चित्रा और फेसलेस योगी के बीच अब एक और चैट का खुलासा हुआ है। ईमेल में अज्ञात व्यक्ति और चित्रा रामकृष्ण के बीच जो चैट हुई थीं, उसे पढ़कर सेबी के अधिकारी तक चौंक गए। 

‘बैग तैयार रखिए..अगले महीने हम सेशेल्स चलेंगे’

17 फरवरी, 2015 को कथित रूप से उस अज्ञात व्यक्ति से रामकृष्ण को भेजे एक ईमेल में लिखा था, “कृपया, बैग तैयार रखिए। मैं अगले महीने सेशेल्स (Seychelles) की यात्रा की प्लानिंग का रहा हूं, कोशिश करूंगा कि आप भी मेरे साथ चलें। इससे पहले कंचन, कंचना और बरघवा के साथ लंदन चले जाएं और आप दो बच्चों के साथ न्यूजीलैंड जाएं। अगर आप स्वीमिंग जानती हैं, तो हम सेशेल्स में Sea Bath का आनंद ले सकते हैं और समुद्र तट पर आराम भी कर सकते हैं। 

यह भी पढ़ें- 2 रुपये के इस स्टाॅक ने 1 लाख रुपये को बना दिया ₹1.81 करोड़, अब 550 तक पहुंच सकता है शेयर 

‘बालों को बांधने के लिए अलग-अलग तरीके सीखने होंगे’ 

ईमेल के अनुसार, हांगकांग और सिंगापुर ट्रांजिट और आगे की यात्रा के लिए एक पसंदीदा जगह होगी। मैं अपने टूर ऑपरेटर से पूछ रहा हूं कि वह हमारे सभी टिकटों के लिए कंचन से संपर्क करें। सेबी के आदेश में कहा गया है कि “कंचन” आनंद सुब्रमण्यम थे, जबकि कंचना, बरघवा और सेशु की पहचान का खुलासा नहीं किया गया था। सेबी के आदेश के अनुसार 18 फरवरी, 2015 को एक अन्य ई-मेल में उस अज्ञात व्यक्ति ने रामकृष्णन से कहा कि आज आप बहुत अच्छे लग रहे हैं। आपको अपने बालों को बांधने के लिए अलग-अलग तरीके सीखने होंगे जो आपके लुक को दिलचस्प और आकर्षक बना देंगे। बस एक मुफ्त सलाह दे रहा हूं। मुझे पता है कि आप इसे जरूर लपक लेंगे। अपने आपको मार्च के बीच में थोड़ा फ्री रखें।

सेबी की 190 पन्नों की रिपोर्ट में कई अहम बातें 

पूंजी बाजार नियामक सेबी की 190 पन्नों की रिपोर्ट ने केवल एनएसई के कामकाज के तौर तरीकों पर सवाल उठा रही है बल्कि कई रहस्यमयी साजिशों की पर्तें भी खोल रही है। बता दें कि सेबी के 190 पेज के आदेश के बाद चित्रा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इनकम टैक्स छापा पड़ने के बाद अब वो और बुरे तरीके से घिरी हैं। हालांकि, अब तक इस रहस्यमयी योगी का पता नहीं चल पाया है, लेकिन कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है। एक्सचेंज के साथ-साथ EY, सलाहकार जिसने फोरेंसिक रिपोर्ट दी, उसके मुताबिक तो आनंद सुब्रमण्यम और रहस्यमय योगी एक ही व्यक्ति हैं। लेकिन सेबी और NSE की पूर्व प्रबंध निदेशक चित्रा रामकृष्ण के बयान और आनंद सुब्रमण्यम (Anand subramanian) की कंट्रोवर्सी हायरिंग के मुताबिक, रहस्यमय योगी कोई तीसरा आदमी हो सकता है।

यह भी पढ़ें- कंडोम समेत इन जरूरी चीजों के बढ़ेंगे दाम, कंपनी ने दी चेतावनी, जानिए वजह

कौन हैं चित्रा रामकृष्ण और आनंद सुब्रमण्यम? (Who is chitra ramkrishna and anand subramanian?)

चित्रा रामकृष्ण साल 2013 से लेकर 2016 तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की सीईओ और एमडी रहीं। 2013 में उन्हें सीईओ पद सौंप दिया गया। हालांकि, 2016 में उन्हें पद के गलत इस्तेमाल और एक घोटाले से नाम जुड़ने के बाद एनएसई से निकाल दिया गया था। चित्रा पर आरोप हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाम के दौरान कई ऐसे फैसले लिए, जो कि शेयर बाजार के हित से नहीं जुड़ा था। इनमें एक फैसला था आनंद सुब्रमण्यम की नियुक्ति का, जिनके लिए चित्रा ने एनएसई में अधिकारी स्तर का पद तैयार किया था। साथ ही चित्रा ने अपने कार्यकाल के दौरान हर बार आनंद सुब्रमण्यम को प्रमोशन दिया। आनंद सुब्रमण्यम एनएसई में शामिल होने से पहले बामर एंड लॉरी नाम की एक कंपनी में काम करते थे। जहां उनकी सैलरी केवल 15 लाख रुपये सालाना थी और शेयर बाजार और उससे संबंधित काम का कोई अनुभव नहीं था। बावजूद आंनद सुब्रमण्यम को 1.68 करोड़ रुपये का सैलरी पैकेज दिया गया। 

हिमालय पर बैठे ‘योगी’ के आदेश पर चल रहा था NSE?

चित्रा रामकृष्ण कई सालों से अपने महत्वपूर्ण कारोबारी फैसलों में एक बाबा से सलाह ले रही थीं। एक ऐसा बाबा (योगी), जो हिमालय में रहता था और तीन वेदों के नाम वाली एक मेल आईडी का इस्तेमाल करता था। यह बाबा मेल पर रामकृष्ण को निर्देश देता था और फैसले हो जाते थे। खास बात यह है कि रामकृष्ण इस योगी से कभी मिली ही नहीं, लेकिन वह करीब 20 वर्षों से इस योगी से मेल पर बातचीत कर रही थीं। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सेबी ने रामकृष्ण पर तीन करोड़ रुपए, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर दो करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा एनएसई को कोई भी नया प्रोडक्ट पेश करने से छह महीने के लिये रोक दिया।साथ ही इसे 6 महीने तक पैसा जुटाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। 

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: