north east delhi accident, Seemapuri Accident: सबसे पहले जिसके हाथ पर चढ़ा था ट्रक, उस चश्मदीद से पुलिस को नहीं मिली कोई मदद तो ऐसे ढूंढा ट्रक का नंबर – seemapuri hit and run case police found truck number from the help of cctv


विशेष संवाददाता, नई दिल्लीः 16 साल के मनीष साहिबाबाद के तुलसी निकेतन स्थित गगन विहार में रहते हैं। वो रात करीब 8ः00 बजे कबाड़ बेचने आए और वहीं खाकर सो गए। ट्रक सबसे पहले उन्हीं के हाथ पर चढ़ा था तो वो रोड की दूसरी तरफ गिर गए और बच गए। आसपास कुचले हुए चार लोग पड़े थे। मनीष दहशत में आ गए। पुलिस के लिए वो चश्मदीद थे, जिन्होंने ट्रक को जाते हुए देखा था। पुलिस को इनसे पूछताछ में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी। लिहाजा रात को ही सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया गया।

पुलिस अफसरों ने बताया कि अप्सरा बॉर्डर से लेकर डीएलएफ टी-पॉइंट तक कुल 34 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इन सभी को चार महीने पहले ही दिल्ली सरकार से तालमेल कर लगवाया गया है। इससे पता चला कि ट्रक शाहदरा फ्लाइओवर से अप्सरा बॉर्डर तक आया था। यहां से पुरानी सीमापुरी गोल चक्कर होते हुए दिल्ली-यूपी बॉर्डर को बांटने वाली सड़क, जो सीमापुरी डिपो के मेन गेट से गुजरती है, पर आ गया। ट्रक ने जैसे ही डिपो के पास वाले चौराहे को क्रॉस किया तो अचानक कट डिवाइडर पर चढ़ गया। ड्राइवर तुरंत ही संभलते हुए ट्रक को वापस सड़क पर ले आया था। इतने में ही छह लोग उसकी चपेट में चुके थे।

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सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद निसारिया मस्जिद के पास एक सीसीटीवी कैमरे में ट्रक का नंबर आ गया। पुलिस अफसर बताते हैं कि हाई रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे होने की वजह से ट्रक का नंबर साफ आ गया। अगर रिजॉल्यूशन हाई नहीं होता है तो फिर ट्रक के नंबर के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती। इससे मालिक की शिनाख्त कापसहेड़ा निवासी सुधीर यादव के तौर पर हुई, जो ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। पुलिस को इनसे ड्राइवर का नाम सुधार कुमार पता चला, जो बिहार का रहने वाला है। ड्राइवर को पुलिस की टीम शामली से पकड़कर ले आई, जो वहां माल डिलिवर करने गया था।

पूछताछ में आरोपी ड्राइवर ने बताया कि रेडलाइट में संतुलन जरूर बिगड़ा था और गाड़ी डिवाइडर से टकराई भी थी। लेकिन ये बिल्कुल भी पता नहीं चला कि इसकी चपेट में कोई आ गया है। वो तो अप्सरा बॉर्डर से भोपुरा की तरफ गैस भरवाने जा रहा था। इसके बाद उसे माल लेकर शामली जाना था।

45 मिनट बाद मिले जख्मी प्रदीप

ताहिरपुर में रहने वाले प्रदीप भी पहले नई सीमापुरी झुग्गियों में ही रहते थे। फैमिली में माता-पिता और तीन भाई हैं। वो भी रात को वहां आए और सो गए। पुलिस अफसरों ने बताया कि छह लोगों के रौंदे जाने की कॉल थी। लेकिन उन्हें मिले पांच ही थे। इसलिए छठे शख्स की खोजबीन शुरू हुई। करीब 45 मिनट बाद प्रदीप जख्मी हालत में कूड़े के ढेर के पास मिले। दोनों पैरों में फ्रैक्चर था। उसने पुलिस को बताया कि जख्मी होने से वो काफी डर गया था।



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