Mukesh ambani vs gautam adani rivalry between two richest billionaires on saudi aramco deal – Business News India


Ambani Vs Adani: देश के अरबपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और गौतम अडानी (Gautam Adani) में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ मची है। दोनों अरबपतियों की लिस्ट में ऊपर-नीचे ही हैं। जहां एक ओर मुकेश अंबानी का टेलीकॉम (Telecom) और रिटेल (Retail) सेक्टर में दबदबा है, वहीं दूसरी ओर ट्रांसपोर्ट (transport) और एनर्जी डिस्ट्रीब्यूशन (energy distribution) में गौतम अडानी का बोलबाला है।

अंबानी और अडानी दोनों अलग-अलग सेक्टर में तेजी से अपना साम्राज्य स्थापित कर रहे हैं। यही वजह है कि इस समय बिजनेस की दुनिया में दोनों एक दूसरे को जबरदस्त टक्कर दे रहे हैं। इन दोनों उद्योगपतियों का राजनीति से भी करीबी रिश्ता रहा है, जिससे भविष्य में सत्ता के गलियारों में भी इस प्रतिद्वंद्विता की गूंज सुनाई दे सकती हैं।

यह भी पढ़ें- निवेश का मौका! 25 मार्च से खुल रहा इस बड़ी कंपनी का IPO, प्राइस बैंड 37-39 रुपये, जानें 10 जरूरी बातें 

अडानी खेलना चाह रहे दांव

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अब इन दो गुजराती अरबपतियों में एक नया टकराव शुरू हो सकता है। यह टकराव है- एनर्जी सेक्टर को लेकर, जिसपर अंबानी और अडानी दोनों दांव लगाना चाह रहे हैं। दरअसल, अडानी ग्रुप सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के साथ हाथ मिलाने की संभावनाएं तलाश रही है।

यह भी पढ़ें- अडानी पावर में होगा इन 6 कंपनियों का विलय, बोर्ड की मंजूरी मिलते ही राॅकेट बने कंपनी के शेयर

अमारको मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के तेल कारोबार में निवेश की संभावनाएं तलाश रही थी। इसके लिए दोनों कंपनियों के बीच दो साल तक बातचीत भी चली थी लेकिन पिछले साल नवंबर में यह खत्म हो गई। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऑयल रिफाइनरी और केमिकल बिजनेस में सऊदी अरामको 15 अरब डॉलर (1.06 लाख करोड़ रुपए) में 20% हिस्सेदारी खरीदने की बात चल रही थी जो रिलायंस में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश होता। हालांकि, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील के टूटने के दो महीने बाद ही अडानी ग्रुप ने सऊदी अरब से बातचीत शुरू दी। 

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी सऊदी अरामको के साथ ज्वॉइंट इंवेस्टमेंट और संभावित सहयोग को लेकर शुरुआती बातचीत के दौर में है। अडानी समूह कंपनी में सऊदी अरब के पब्लिक इंवेस्टमेंट फंड (PIF) की हिस्सेदारी खरीद सकता है। हालांकि, अब तक बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। 

पेट्रो केमिकल में अंबानी और अडानी कहां खड़े हैं? 

बता दें कि सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल निर्यातक कंपनी है। अरामको अंबानी की रिलायंस के साथ अभी भी बेहतर फिट है। ऐसा इसलिए क्योंकि अंबानी के पास गुजरात के जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है। यह कंपनी पॉलीमर्स, पॉलीस्टर और फाइबर इंटरमीडिएट्स बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है।

यह भी पढ़ें- पेट्रोल-डीजल-LPG की बढ़ती कीमतों से आम लोग परेशान, निवेशक हो रहे मालामाल, इन शेयरों की बढ़ी खरीदारी

वहीं, अडानी भी पेट्रोकेमिकल में उतरने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए वह मुंद्रा पोर्ट के करीब चार अरब डॉलर के निवेश से एक्रिलिक्स कॉम्प्लेक्स बनाना चाहते हैं। इसके लिए अडानी ने बीएएसएफ एसई, बोरेलिस एजी और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी Adnoc के साथ हाथ मिलाया था जिसे कोविड -19 महामारी के चलते रोकना पड़ गया था।

बता दें कि अडानी ग्रुप के लिए यह पहला मौका नहीं था जब उन्हें पेट्रोकेमिकल योजना से पीछे हटना पड़ा, इससे पहले भी अडानी की ताइवान के सीपीसी कॉर्प (CPC Corp) में दांव लगाने की बात थी लेकिन किसी कारणवश वह सफल नहीं हो पाया। अडानी के पास कोयले का बड़ा बिजनस है लेकिन उन्हें पता है कि आने वाला समय ग्रीन एनर्जी का होगा। ऐसे में वे ग्रीन एनर्जी पर बड़ा दांव खेलना चाह रहे हैं।

 



Source link

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: