mother child bond, मां की गोद से चिपका रहता है बेबी, जानिए कैसे डालें बच्‍चे को मम्‍मी के बिना रहने की आदत – what to do when baby only wants mother


बच्‍चे के आने के बाद मां-बाप की पूरी जिंदगी बदल जाती है और सबसे ज्‍यादा असर पड़ता है मां की जिंदगी पर। मां के दिन और रात, सब बदल जाता है। वो खाना भी खाती हैं तो अपने बच्‍चे के शेड्यूल के हिसाब से खाती हैं। रात को नींद भी तभी मिलती है, जब बच्‍चा सो जाए। शिशु की परवरिश काफी डिमांडिंग होती है, उनकी जरूरतों को समझना मुश्किल होता है और कई बार शिशु चिड़चिड़े भी होते हैं जो पैरेंट्स के लिए काफी स्‍ट्रेस से भरा रहता है। बच्‍चों को पिता से ज्‍यादा मां की गोद में सुकून आता है और वो मां को अपने आसपास सबसे ज्‍यादा चाहते हैं और ऐसा होना नॉर्मल भी है क्‍योंकि बच्‍चे के पोषण का बायोलॉजिकल स्रोत मां ही होती है।

छोटे बच्‍चों को ज्‍यादातर समय अपने मां की जरूरत पड़ती है और मां से दूर जाने पर वो रोना शुरू कर देते हैं। ऐसा क्‍यों होता है कि बच्‍चे को सिर्फ अपनी मां की जरूरत होती है और उनसे दूर जाने पर वो रोना शुरू कर देता है। माओं को इस स्थिति में क्‍या करना चाहिए। इस बारे में जानकर आप अमूमन रोज पैदा होने वाली इस तरह की परिस्थिति को आसानी से हैंडल कर सकती हैं।

​बच्‍चे को क्‍यों चाहिए होती है सिर्फ मां

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मां-बाप दोनों ही कितनी भी अच्‍छी तरह से बच्‍चे की परवरिश कर लें लेकिन बच्‍चे का बायोलॉजिकल झुकाव मां की ओर ज्‍यादा होता है। इसका एक कारण यह है कि बच्‍चा अपने पोषण के लिए मां पर निर्भर रहता है और जब भी उसे भूख लगती है वो मां को याद करता है।

फोटो साभार : TOI

​गर्भ से सुनते हैं आवाज

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बच्‍चा गर्भ में होने के समय से ही अपनी मां क आवाज सुन रहा होता है इसलिए उसे इस आवाज की पहचान होती है। वहीं बच्‍चा अपनी मां को खुशबू से भी पहचानता है। आप इस तरह से समझ सकते हैं कि नवजात शिशु के जीवित रहने के लिए मां का होना जरूरी होता है।

क्‍या करें

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अक्‍सर माएं बच्‍चे की इस आदत को लेकर चिड़चिड़ी या गुस्‍से में आ जाती हैं क्‍योंकि हर वक्‍त बच्‍चे के पास रहने से वो अपने काम नहीं कर पाती हैं। हालांकि, आप यह समझें कि ये सब बस कुछ समय के लिए है। जब बच्‍चा थोड़ा बड़ा हो जाएगा, तब वो परिवार के बाकी सदस्‍यों के पास भी रह पाएगा। इसलिए तब तक के लिए धैर्य बनाकर रखें।

​बदलाव शुरू करें

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तीन महीने के शिशु के लिए सिर्फ मां को अपने आसपास चाहना बिल्‍कुल नॉर्मल है और इस समय तक आपको ज्‍यादा परेशानी भी नहीं होनी चाहिए क्‍योंकि बच्‍चा ज्‍यादा सोता और दूध ही पीता है। इसके बाद आप बच्‍चे को रोने दें और खुद शांत होने का मौका दें या फिर उन्‍हें कुछ समय के लिए अपने पिता के साथ छोड़ दें। इससे पिता और बच्‍चे के बीच भी बॉन्‍ड बन पाता है।

फोटो साभार : TOI

​मां के कपड़े

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बच्‍चे अपनी मां को उनकी खुशबू से पहचानते हैं इसलिए आप उनके पास मां का कोई दुपट्टा या कपड़ा रख दें। इससे बच्‍चे को लगेगा कि उसकी मां उसके पास ही है और वो रोएगा नहीं।

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