Monday, June 27, 2022
HomeNewsivf expert explains ivf process is painful or not - खुद आईवीएफ...

ivf expert explains ivf process is painful or not – खुद आईवीएफ एक्‍सपर्ट ने बताया ट्रीटमेंट में दर्द होता है या नहीं? जानने के बाद ही शुरू करें इलाज


आईवीएफ ट्रीटमेंट लेने के दौरान एक महिला या कपल्‍स के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं। कई महिलाओं के मन में तो यह डर भी रहता है कि आईवीएफ से उन्‍हें दर्द हुआ तो वो कैसे बर्दाश्‍त करेंगी। अमूमन महिलाओं को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि आईवीएफ ट्रीटमेंट से दर्द होता है या नहीं। इस तरह के सवाल मन में आना लाजिमी है और ट्रीटमेंट शुरू होने से पहले महिलाओं को इसके बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए। इससे उन्‍हें ट्रीटमेंट के दौरान सुरक्षित और सहज महसूस होता है।

अगर आप भी आईवीएफ ट्रीटमेंट ले रही हैं या लेने वाली हैं तो यहां जान लें कि इस ट्रीटमेंट से दर्द होता है या नहीं। इंदिरा आईवीएफ के सीईओ और सह-संस्‍थापक डॉक्‍टर क्षितिज मुर्दिया आईवीएफ से जुड़ी कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं।

डॉक्‍टर क्षितिज कहते हैं कि आईवीएफ की प्रक्रिया हर किसी को अलग तरह से प्रभावित करती है। हो सकता है कि इस ट्रीटमेंट में किसी को दर्द महसूस हो लेकिन दूसरे को ना हो क्‍योंकि इसका प्रभाव हर इंसान पर अलग तरह से होता है। प्रक्रिया की कुछ चीजों जैसे कि इंजेक्‍शन या एग रिट्रीवल में दर्द हो सकता है लेकिन यह दर्द बहुत तेज या पीड़ादायक नहीं होता है।

​दर्द हुआ तो

navbharat times

डॉक्‍टर क्षितिज कहते हैं कि आईवीएफ में गंभीर रूप से असहजता महसूस होना किसी समस्‍या का संकेत हो सकता है लेकिन आप इस बात को भी जान लें कि आईवीएफ से कॉम्लिकेशन आते बहुत कम ही देखा गया है और अगर कोई प्रॉब्‍लम आ भी जाए तो उसे सफलतापूर्वक मैनेज किया जा सकता है।

फोटो साभार : TOI

​इंजेक्‍शन लगाना

navbharat times

उदाहरण के तौर पर, कुछ महिलाओं को खुद फर्टिलिटी दवाओं का इंजेक्‍शन लगाना दर्दनाक नहीं बल्कि असहज लगता है। हालांकि, सेल्‍फ-इंजेक्‍शन की सुईयां छोटी होती है और अगर आपको डर लग रहा है तो आप किसी दोस्‍त या पति की मदद से इन्‍हें लगा सकते हैं।क्या आईवीएफ में दर्द होता है?

मरीजों को सेल्फ-इंजेक्शन की दवाएं बताई जाती हैं, जो साइकिल के दौरान ओवरी में एग यानि अंडे बनने की प्रक्रिया को तेज करती हैं।

कभी-कभी महिलाओं को इंजेक्शन के कारण हॉर्मोंस में होने वाले उतार-चढ़ाव की वजह से कुछ साइड इफेक्ट्स या पेट फूलने जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। लेकिन आमतौर पर ये गंभीर नहीं होती और इनमें दर्द भी नहीं होता। इसके अलावा स्तनों की कोमलता बढ़ना, शरीर में पानी जमा होना, पेट फूलना, मूड में बदलाव, सिरदर्द और नींद न आने जैसे साइड इफेक्ट्स भी इसमें शामिल हैं।

​ओव्युलेशन इंडक्शन : ट्रिगर शॉट

navbharat times

जब आपके डॉक्टर को लगता है कि आपकी ओवरीज में पर्याप्त संख्या में परिपक्व अंडे (ऐग) हैं तो वे आपको ओव्यूलेशन के लिए दूसरी दवाएं देते हैं, ताकि एग रिलीज हो जाए। इसमें आमतौर पर एक हॉर्मोन ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन (एचजीसी) दिया जाता है। इससे ओव्यूलेशन से पहले अंडा पूरी तरह से परिपक्व हो जाता है। इस ट्रिगर शॉट की वजह से कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं जैसे मतली, उल्टी, सिर चकराना, चक्कर आना और इंजेक्शन की जगह पर कुछ समय के लिए असहजता महसूस होना।

​एग रिट्रीवल

navbharat times

एग रिट्रीवल के दौरान मरीज को दर्द से आराम के लिए दवाएं और नींद लाने वाली दवाएं दी जाती हैं ताकि पूरी प्रक्रिया में उसे दर्द या असहजता महसूस न हो। हालांकि, कुछ हल्के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैंं जैसे ऐंठन, पेट फूलना, दबाव महसूस होना और कभी-कभी धब्बा लगना। ऐसी किसी भी असहजता का उपचार दवाओं जैसे पैरासिटामोल से किया जा सकता है। ये लक्षण 5 स 7 दिनों के अंदर ठीक हो जाते हैं।

रिट्रीवल के बाद आमतौर पर महिला जल्दी ठीक हो जाती है और आप एक-दो दिन आराम करने के बाद अपनी समान्य दिनचर्या शुरू कर सकती हैं।

फोटो साभार : Economic Times

​एम्ब्रियो ट्रांसफर यानि भ्रूण का स्थानान्तरण

navbharat times

एग रिट्रीवल के बाद इसे लैब में फर्टिलाईज किया जाता है। इसके बाद यूट्रस में इसे ट्रांसफर करने के लिए एम्ब्रियो चुने जाते हैं। ये एम्ब्रियो वैजाइनल कैथेटर के जरिए सीधे सिरींज से यूट्रस में डाल दिए जाते हैं। इस समय सिर्फ कैथेटर की वजह से हल्का प्रेशर महसूस होता है। कुछ महिलाओं के अनुसार यह प्रेशर पेप टेस्ट में इस्तेमाल किए जाने वाली स्पेक्युलम की तरह होता है। कुछ महिलाओं को इस प्रक्रिया में थोड़ा दर्द होता है, लेकिन ज़्यादातर महिलाओं को परेशानी नहीं होती। इसके बाद महिला जल्दी नॉर्मल हो जाती है।

फोटो साभार : TOI

​भावनात्मक तनाव : आईवीएफ असफल होने के बाद का दुख

navbharat times

डॉक्‍टर क्षितिज कहते हैं कि ऐसा मुश्किल ही होता है कि आईवीएफ की प्रक्रिया असफल हो जाए। इस दौरान आपको उम्मीद रखनी चाहिए लेकिन इस बात को भी ध्यान रखना चाहिए कि इसमें असफलता की संभावना होती है। आमतौर पर आईवीएफ को सफल बनाने में कम से कम तीन राउंड लगते हैं, जब आपके खुद के एग काम में लिए जाएं।

आईवीएफ असफल होने पर दुख होना स्वाभाविक है। लेकिन इस तनाव को अपने उपर हावी न होने दें, इस बात को समझें कि आप अकेली नहीं हैं, आपकी तरह कई ऐसी और महिलाएं भी हैं। बहुत से कपल्स को इस वजह से तनाव, चिंता और अवसाद जैसी शिकायत हो जाती है। आईवीएफ असफल होने के बाद उम्मीद बनाए रखना थोड़ा मुश्किल होता है।

इसलिए थेरेपिस्ट और फर्टिलिटी काउन्सलर की सलाह लें, ताकि आपके मन में नेगेटिविटी ना आए और आप इस स्थिति से उबर कर बाहर आ सकें।

फोटो साभार : TOI

वरदान से कम नहीं है IVF ट्रीटमेंट, लेकिन इसके साइड इफेक्‍ट्स जानकर हो जाएंगे हैरान



Source link

RELATED ARTICLES

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments