Thursday, June 30, 2022
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International Yoga Day special Neetu Kapoor to Kiara Advani bollywood actresses talking about benefits of yoga- नीतू कपूर से लेकर कियारा और शिल्पा तक, बताया- योग करने से इन्हें क्या-क्या हुए फायदे

यूं तो योग की शुरुआत हमारे देश से ही हुई है, मगर कोरोना काल के बाद जब लोगों को सांसों की कीमत पता चली, तब योग का महत्व भी बढ़ा। आम लोग ही नहीं बल्कि सिलेब्स भी योग को अपने एक्सरसाइज रूटीन में शामिल करने लगे हैं। यहां जाने-माने सिलेब्स बता रहे हैं कि कैसे योग ने उनकी जिंदगी को बदला और उन्हें इसका कितना फायदा मिला।

आज मैं जितनी भी मजबूत हूं योग के कारण हूं: नीतू सिंह


योग मेरी जिंदगी है। आज मैं जितनी भी मजबूत हूं, योग के कारण ही हूं। मेरी जिंदगी के हर उतार-चढ़ाव में योग ने मुझे ताकत दी। चाहे वो ऋषि जी की बीमारी रही हो या फिर मेरी अपनी तबीयत। योग मेरे लिए एक शक्ति संचार का सूत्र रहा है। मैं अपने प्राणायाम कभी नहीं छोड़ती। चाहे वो कोविड रहा हो या और कोई परेशानी मैंने अपने योग रूटीन को कभी नहीं छोड़ा। मैं कितनी भी व्यस्त क्यों न होऊं? भले शूटिंग कर रही होऊं, मगर मैं अपने 20 सूर्य नमस्कार जरूर करती हूं। योग के जरिए इस उम्र में अपने जॉइंट्स को स्ट्रेच करने का इससे उत्तम तरीका और कोई नहीं हो सकता। मैं पिछले 15-20 सालों से योग कर रही हूं। लोगों को योग का असली महत्व कोरोना काल में समझ में आया, मगर मेरे लिए ये हमेशा से मेरी सेहत की कुंजी रही है। मैं अगर कहूं कि दुनिया की हर एक्सरसाइज का मूल योग है, तो गलत न होगा। योग ने मुझे हर मुश्किल की घड़ी में काम और कंपोज होना सिखाया है। मैं कहती हूं कि जिस तरह से हमारे पास योग की ताकत है, उसी तरह से हमारे किचन के मसालों में असली ताकत है, इलाचयी, दालचीनी, काली मिर्च जैसी चीजों में हैं। हमें अपने आयुर्वेद और योग की ताकत को पहचानना चाहिए।

कुदरत के करीब रहकर योग करना पसंद है: कियारा अडवानी


मुझे लगता है कि आज जब हम सभी को अपने करियर और जिंदगी में मल्टीटास्किंग करनी पड़ रही है, ऐसे में हम सभी को अपनी हेल्थ पर ध्यान देकर स्ट्रेस फ्री रहना जरूरी है। मैं अपने जिम रूटीन को लेकर बहुत ही अनुशासित हूं, कार्डियो, वेट ट्रेनिंग, पिलाटे आदि मेरे जिम रूटीन का हिस्सा हैं, मगर इसी के साथ मैं योग को भी बहुत अहमियत देती हूं। मुझे नेचर के करीब रहकर योग करना पसंद हैं। मुझे लगता है, जब आपके दिमाग में एक साथ बहुत सारी चीजें चल रही हों, तो मानसिक शांति के लिए योग जरूरी हो जाता है। मुझे जब भी मौका मिलता है, मैं प्राणायाम जरूर करती हूं। इससे मेरी बॉडी और मन के बीच का रिश्ता स्ट्रांग बनता है। यह मेंटल और फिजिकल दोनों हेल्थ के लिए बूस्टर का काम करता है।

योग नकारात्मक एनर्जी को दूर करता है: शिल्पा शेट्टी


योग का मतलब मेरे लिए सीधे तौर पर अनुशासन से जुड़ा है। जिंदगी में आप कुछ भी बड़ा बिना अनुशासन के नहीं कर सकते हो। योग से सिर्फ मेरे शरीर को ही नहीं बल्कि मेरे माइंड को भी सुकून मिलता है। यह मुझसे नकारात्मक एनर्जी को दूर करता है। मैं कितनी भी थकी हूं, योग को मिस नहीं करती हूं, क्योंकि योग से ही मुझे एनर्जी मिलती है। मुझे योग का अभ्यास करते हुए 20 साल हो गए हैं। मैं अपनी मां के कारण योग से जुड़ी। मुझे सांस संबंधी परेशानी थी, इसके अलावा मेरे गर्दन में स्पॉन्डिलाइटिस की परेशानी थी। बहुत दर्द रहता था। आज इसी गर्दन पर मैं शीर्ष आसान करती हूं। मैंने योग करते हुए इस बात को जाना कि आप लगातार किसी चीज का अभ्यास करेंगे, तो आपका माइंड खुद आपकी बॉडी को उसका आदी बना देगा। योग माइंड को मजबूत बनाता है। मैं निरंतर सीखने में यकीन करती हूं। मैंने राज पाणिग्रही जी से भी योग सीखा। वे मुझसे उम्र में छोटे हैं लेकिन योग पूरी तरह से उनमें रचा-बसा है। मैंने विन्यास और आस्थाग दोनों ही योग के स्वरूप सीखे हैं। मुझे पुराने फॉर्म ही योग के भाते हैं। मुझे मन, शरीर और आत्मा पर ध्यान केंद्रित करने वाले आसनों के अलग-अलग कॉम्बिनेशन की प्रैक्टिस करना बेहद पसंद है। हाल ही में मैंने गत्यात्मक अंजनेयासन या लो लंज पोज और बंधा त्रिकोणासन या बाउंड ट्रायएंगल पोज से लोगों को अवगत कराया। मेरे दोनों बच्चे भी मेरे साथ योग करते हैं।

योग के कारण ही जानलेवा हादसे से उबर पाई: अनु अग्रवाल
मैं उस वक्त महज चार साल की थी, जब मैंने योगासन करने की शुरुआत की थी। मेरी पहली योग गुरु मेरी मां थीं, जो उस वक्त भी एक सर्टिफाइड योग टीचर हुआ करती थीं। आज अगर मैं जानलेवा हादसे से बच पाई हूं, तो उसका सारा श्रेय मैं योग को दूंगी। मैंने उस हादसे और कोमा से उबरे के बाद अपने लिए एक योग प्रोग्राम बनाया था। मेरे साथ जो दुर्घटना हुई थी, उसे मैं हादसा नहीं कह सकती, उसे मैं खुद को जागृत होना कहती हूं, क्योंकि उसी हादसे के बाद मेरा ट्रांसफॉर्मेशन हुआ। मेरी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई, जब मैंने योग का गहरा अध्ययन किया और इसके आसनों के बारे में जाना। आज मैं भक्ति योग, नाड़ा योग, कर्मा योग, ज्ञान योग, स्वर योग आदि का अभ्यास करती हूं। मैं अपने रोजमर्रा अभ्यास के हिसाब से अलग-अलग योग आसनों का कॉम्बिनेशन करती हूं। मैंने स्वयं अनु फन योग ईजाद किया। इस योग आसान के जरिए आप अपनी अंदरूनी ताकत को बनाए रख सकते हैं। योग न केवल आपके वजन को घटाने का काम करता है बल्कि यह आपकी एनर्जी को बनाए रखता है। योग मानसिक रोग और विकारों से भी दूर रखता है। मेरा फेवरेट आसान है पाम ट्री पोज, जिसे हिंदी में ताड़ासन कहते हैं। इस आसान से रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ समस्त शरीर और चेहरे को स्ट्रेंथ मिलती है।

मुझे हठ विन्यास और अष्टांग प्रिय है: शमा सिकंदर

Shama Sikander Yoga day


मैंने योगासन की शुरुआत बहुत पहले से कर दी थी, मगर बीच में एक दौर ऐसा था, जब मैं इसकी प्रैक्टिस से दूर हो गई थी। सेकंड लॉकडाउन के बाद मुंबई में मैं योग के प्रति काफी सिन्सियर हुई। आज मैं कह सकती हूं कि योग ने मुझे संतुलित किया है। यह आपका परिचय खुद से करवाता है और जब आप खुद को जानने लगते हैं, तो ब्रह्मांड के प्रति उन्मुख होते हैं। यही कारण है कि आपका तनाव कम होता जाता है। यह आपको चीजों को लेट गो करके एक दार्शनिक बनने की ताकत भी देता है। आप अपने आस-पास के माहौल को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। योग के मामले में मैं यही कहना चाहूंगी कि सांस पर ध्यान दें,पूरी तरह से सांस लें, इससे यकीनन स्ट्रेस कम होता है। जब आप अपनी सांस पर ध्यान देते हैं, तो आप एकाग्र हो पाते हैं और अपने विचारों पर केंद्रित भी। यह आपको किसी एक विचार की ओर ले जाता है और आप स्ट्रॉन्ग बन पाते हैं। तब आपको पता चलता है कि आप विचारों के अधीन नहीं बल्कि विचार आपके अधीन हैं। मुझे हठ विन्यास और अष्टांग आसान बहुत प्रिय है।

लंबे अरसे से मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हूं: पलक सिधवानी

Palak-Sindhwani


मैं बहुत लंबे समय से योग कर रही हूं। मैं ध्यान भी करती हूं, क्योंकि मेरी मां ब्रह्मकुमारी की अनुयायी हैं। मैं पिछले 6-7 सालों से योग कर रही हूं, शारीरिक आराम से ज्यादा यह आपको शांत होने में ज्यादा मदद करता है। बेशक योग और ध्यान आपको उन चीजों पर बेहतर ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं जिन्हें आप हासिल करना चाहते हैं। जब भी मेरी छुट्टी होती है, तो मैं खुद को योग करने के लिए एक घंटा देती हूं। ये मुझे सुकून देता है। जब भी मैं जल्दी पैकअप करती हूं, तो मैं कम से कम एक घंटे के लिए योग जरूर करती हूं। योग मेरे लिए केवल शारीरिक गतिविधि नहीं है, यह एक जीवन शैली है और यह आपको शांति से रहने और बेहतर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। इसलिए सभी युवाओं को मेरी सलाह होगी कि योग करें क्योंकि इससे आपको जीवन में स्वस्थ और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

तन ही नहीं मन से भी मजबूत हुआ हूं: अनुज सचदेव

Anuj-Sachdeva


योग के कारण अगर आपका शरीर और मन खुलता है, तो निसंदेह इसके कई साइंटिफिक कारण हैं। मुझे चार साल हो गए योग की प्रैक्टिस करते हुए। योगासनों ने मुझे पहले से ज्यादा शांत और संतुलित बनाया है। असल में सारा खेल सांस का है और जीवन की आपाधापी में हम सही ढंग से सांस लेना भूल गए हैं। योग आपको लॉन्ग रन के लिए मजबूत बनाता है। मैं सप्ताह में पांच दिन योग का अभ्यास करता हूं। योग से मेरा शरीर हल्का और दिमाग क्लियर रहता है। असल में इसके आसनों के जरिए मैं अपने शरीर से ज्यादा कनेक्ट कर पाता हूं। सच कहूं तो चार साल पहले की तुलना में आज मैं इसी के कारण ज्यादा एनर्जेटिक, मजबूत और खुद को जोश में पाता हूं। मेरी ब्रीदिंग और मसल्स पावर भी बढ़ी है।





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