Monday, August 15, 2022
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How to reduce cholesterol: ये 5 आदतें खून में नहीं बढ़ने देगी गंदा LDL कोलेस्ट्रॉल, बेहतर होगा ब्लड फ्लो – nutritionist shared easy tips to manage high cholesterol and prevent stroke heart diseases


कोलेस्ट्रॉल(Cholesterol) आपकी रक्तवाहिकाओं में मौजूद वसा होता है। जिसकी मदद से आपका शरीर कोशिकाओं का निर्माण करता है। लेकिन जब खून की नलियों में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है तो यह आपके दिल की सेहत के लिए जोखिम पैदा करने लगती है। उच्च कोलेस्ट्रॉल जेनेटिक (आनुवांशिक) होती है। लेकिन यह अक्सर अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण होती है। इसे साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि इसेक कोई विशेष लक्षण नहीं होते हैं। ऐसे में स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और चेकअप आपको इसके दुष्परिणामों से बचा सकती है।

नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) के अनुसार, किसी व्यक्ति की पहली कोलेस्ट्रॉल स्क्रीनिंग 9 से 11 साल की उम्र के बीच होनी चाहिए, और उसके बाद हर पांच साल में दोहराया जाना चाहिए। इसके अलावा 45 से 65 वर्ष की आयु के पुरुषों और 55 से 65 वर्ष की महिलाओं को हर दो साल में कोलेस्ट्रॉल की जांच करवानी चाहिए। वहीं, 65 से अधिक लोगों को हर साल कोलेस्ट्रॉल परीक्षण करवाना चाहिए। इन जांच के दौरान कोलेस्ट्रॉल बढ़ा निकले तब क्या करें?

न्यूट्रीनिस्ट निकिता तनवर ने अपने इंस्टा पोस्ट में हाई कोलेस्ट्रॉल की बीमारी के चपेट में आए लोगों के लिए आसान से टिप्स शेयर किए हैं। जिसके मदद से आप अपने बढ़े हुए गंदे कोलेस्ट्रॉल LDL को कंट्रोल कर सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल की शिकायत को जीवनशैली में कुछ बदलावों के साथ ठीक किया जा सकता है। ऐसे में वह बदलाव क्या होने चाहिए इसे आप यहां जान सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना है तो अपना लें ये आदत

​वसा और कार्बोहाइड्रेट का कम सेवन करें

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न्यूट्रीनिस्ट सलाह देती हैं कि हाइड्रोजनीकृत या वनस्पति वसा के सभी स्रोतों जैसे- कुकीज़, क्रैकर्स, चिप्स आदि और ओमेगा -6 तेल के स्त्रोतों जैसे मकई और कैनोला को अपनी डाइट से हटा दें या फिर कम मात्रा में इस्तेमाल करें। उन विज्ञापनों के चक्कर में बिल्कुल न पड़े जिसमें कहा जाता है वनस्पति तेल कोलेस्ट्रॉल में कम माना जाता है। शरीर के लिए जरूरी वसा की पूर्ति के लिए मक्खन, तैलीय मछली और थोड़ी मात्रा से नट और बीजों का सेवन करें। यह आपके HDL के लेवल को बूस्ट करती है।

​वजन कम करें

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यदि आपके फेमिली में हाई कोलेस्ट्रॉल की हिस्ट्री नहीं है तो आपके लिए कोलेस्ट्रॉल की बीमारी से बचना बेहद आसान है। ऐसे में इस बात की अधिक संभावना है कि अतिरिक्त फैट कम करने से आपका LDL के लेवल अपने आप कम हो जाएगा। रिफाइंड कार्ब्स को कम करना बेहतर विकल्प हो सकता है। यानी फ्रेंच फ्राइज़, चिप्स और शुगर से युक्त चीजों का सेवन कम करें।

​25-30 ग्राम फाइबर का सेवन है जरूरी

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यदि आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो इसे संतुलित करने के लिए फाइबर युक्त पदार्थों सेवन करें। कोशिश करें कि आप अपने डाइट में 25-30 ग्राम तक फाइबर शामिल करें। इसकी पुर्ति के लिए आप अलसी, बादाम, अनार, सूखा अंजीर, गेहूं का चोकर, बाजरा, राई का आटा, राजमा, दाल, गाजर और चुकंदर आदि का सेवन कर सकते हैं।

इंटरमिटेंट फास्टिंग है फायदेमंद

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न्यूट्रीनिस्ट बताती हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग आपकी ऊर्जा को बढ़ाने का काम करता है। इंसुलिन प्रतिरोध को ठीक करता है। यानी की वह स्थिति जब शरीर ब्लड से आसानी से ग्लूकोज नहीं अवशोषित कर पाता है। इसके साथ ही वजन कम करने, गंदे कोलेस्ट्रॉल LDL और ट्राइग्लिसराइड्स को मैनेज करने का काम करता है।

​तनाव को हावी न होने दें

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न्यूट्रीनिस्ट कहती हैं कि यह मानने के बजाय कि दिल का दौरा वसायुक्त खाद्य पदार्थों के कारण होता है, आपको यह समझने की जरूरत है कि यह तनाव है जिससे शरीर के अंदर सूजन आ जाती है। जिससे तमाम तरह की बीमारियां हो जाती हैं। क्रोनिक तनाव सबसे बड़े कारणों में से एक है जो आपकी धमनियों में सूजन का कारण बनता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।





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