Tuesday, June 28, 2022
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during covid 4th wave experts warn against 6 serious and silent symptoms of coronavirus – COVID 4th wave symptoms: सिर्फ खांसी-बुखार में न उलझें, सबसे ज्यादा हालत खराब कर रहे कोरोना के ये 6 ‘साइलेंट’ लक्षण


कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus pandemic) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। भारत सहित दुनिया के अधिकतर देशों में कोरोना के चौथी लहर (Covid 4th wave) ने तबाही मचाई हुई है। देश में रोजाना करीब 12 हजार नए मामले सामने आ रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में नए मामलों की संख्या एक लाख के करीब पहुंच गई है। बेशक चौथी लहर के दौरान कोरोना के इतने गंभीर लक्षण नहीं हैं लेकिन इस बार ओमीक्रोन (Omicron) जैसे कोरोना के जो वेरिएंट्स मिले हैं, उनमें तेजी से संक्रमण फैलाने की क्षमता है।

कोरोना के वेरिएंट्स बदलने से इसके लक्षणों में भी तेजी से बदलाव हुआ है। अब सिर्फ खांसी या बुखार कोरोना के लक्षण नहीं रह गए हैं। कोरोना वायरस शरीर के हर अंग को प्रभावित कर रहा है और यही वजह है कि मरीजों में अजीबोगरीब लक्षण भी देखे जा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि कुछ लक्षण मरीजों को ठीक होने के बाद भी कुछ दिन हफ्ते नहीं, बल्कि महीनों या सालों तक परेशान कर रहे हैं।

कोरोना के आम लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस की कमी, नाक बहना, सूंघने की क्षमता कम होना और पेट से जुड़ी समस्याएं आदि शामिल हैं। लेकिन कुछ ऐसे साइलेंट लक्षण भी हैं, जिनका सभी को पता नहीं चल पा रहा है। दुर्भाग्य यह है कि यह लक्षण आम बीमारियों से मिलते-जुलते हैं, जिस वजह से समय पर इनकी पहचान करना और इलाज कराना संभव नहीं हो पा रहा है।

चक्कर आना

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कोरोना वायरस शरीर के सभी अंगों को प्रभावित कर रहा है। मरीज ठीक होने के बाद भी कमजोरी जैसे लक्षण महसूस कर रहे हैं। चक्कर आना कोरोना का एक गंभीर लक्षण हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसमें मरीज जब वे चलने के लिए खड़े होते हैं, तो वे गिर जाते हैं और खुद को बुरी तरह से घायल कर लेते हैं।

उदास और चिंतित रहना

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कैसर हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, कोरोनो वायरस के कारण लोगों में उदासीनता या चिंता जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं। यह लक्षण उन लोगों में अधिक देखने को मिल सकते हैं, जिन्हें परिवार के सदस्यों से अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए उतनी मदद नहीं मिल रही है, या जो दूर हैं।

सोचने-समझने की क्षमता कम होना

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कोरोना वायरस का दिमाग पर गहरा असर पड़ रहा है, खासकर बुजुर्गों में। कोरोना से पीड़ित लोगों में सोचने-समझने या दिमाग से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपको कोरोना हुआ है तो यह लक्षण आपको लंबे समय तक भी परेशान कर सकता है। बेहतर है कि आप किसी बेहतर डॉक्टर से मिलकर इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करें।

भूख नहीं लगना

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भूख नहीं लगना बेशक कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत है लेकिन कोरोना होने पर मरीजों में यह लक्षण देखा जाता है। वास्तव में कोरोना वायरस इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है जिससे मरीजों को भूख नहीं लगती है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हेल्दी डाइट लेने और अन्य तरीके आजमाने की सलाह दे रहे हैं।

ज्यादा नींद आना

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अगर आपके परिवार में कोई बुजुर्ग या अन्य लोग सामान्य से अधिक सो रहा है, तो यह कोरोना वायरस का एक असामान्य लक्षण हो सकता है। इसे लेकर स्विट्ज़रलैंड में लॉज़ेन हॉस्पिटल ने कोरोना के रोगियों में लक्षणों पर शोध किया। उन्होंने पाया कि कोरोना से पीड़ित लोगों को बहुत ज्यादा थकान और सुस्ती महसूस होती है।

उलझन या विचलित रहना

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कैसर हेल्थ की रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना से पीड़ित लोगों को कई दिमागी समस्याएं हो सकती हैं जिनमें उलझन या विचलित रहना भी शामिल है। खासकर यह लक्षण बुजुर्गों में अधिक देखने को मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।



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