DTC Driver Murder: बीवियों ने रची साजिश, भाड़े के हत्यारों ने ऐसे दिया DTC ड्राइवर की हत्या को अंजाम – dtc driver murder: police arrested 2 supari killers in dtc driver murder case


विशेष संवाददाता, गोविंदपुरीः गोविंदपुरी में डीटीसी के ड्राइवर संजीव कुमार की हत्या में वॉन्टेड दो सुपारी किलर को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गोड्डा, झारखंड निवासी 42 वर्षीय इकबाल अंसारी और वलसाड, गुजरात निवासी 35 वर्षीय मनीष मिश्रा के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से 3 जिंदा कारतूस के साथ .315 की एक सिंगल शॉट पिस्टल बरामद हुई है। सेल का कहना है कि आरोपियों में इकबाल मास्टरमाइंड है। हत्या के लिए ड्राइवर संजीव कुमार की पत्नी नजमा ने 15 लाख रुपये में सुपारी दी थी। जबकि दूसरी पत्नी गीता भी साजिश में शामिल थी।

स्पेशल सेल के डीसीपी जसमीत सिंह के मुताबिक, इकबाल को ट्रैप लगाकर पकड़ा गया। उसने हत्या में शामिल मनीष मिश्रा का भी नाम बताया। कहा कि वह वलसाड भाग गया है। टीम ने गुजरात जाकर मनीष को गिरफ्तार किया। इकबाल ने खुलासा किया कि नजमा उसकी फुफेरी बहन (बुआ की बेटी) है। संजीव ने नजमा से करीब 12 साल पहले गीता से अपनी पिछली शादी की बात छिपाकर शादी की थी। इकबाल ने आरोप लगाया कि कुछ समय बाद संजीव ने नजमा के साथ बदतमीजी शुरू कर दी।

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संजीव की पहली पत्नी गीता उसे छोड़ने और नजमा से शादी करने पर पहले से ही नाराज थी। गीता ने नजमा का मिजाज पढ़ लिया। दोनों पत्नियों ने मिलकर पति की हत्या की साजिश रच ली। गीता-नजमा हत्या के बाद प्रॉपर्टी को आपस में बांटना चाहती थीं। दरअसल, 6-6 जुलाई की रात मजीदिया अस्पताल से सूचना मिली थी कि गोविंदपुरी निवासी संजीव कुमार को अस्पताल लाया गया है। परिजन बता रहे हैं दुर्घटना हुई है, मगर संजीव की गोली मारकर हत्या की गई है। संजीव को पत्नी नजमा ने भर्ती कराया था। नजमा ने बताया कि वह पति के साथ बाइक से सब्जी खरीदकर घर जा रही थी। हादसे की वजह से पति नीचे गिर गए। गोली लगने के बारे में उसने कुछ नहीं बताया। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए फिर यह कहा कि ओखला डिपो के डीटीसी कर्मियों ने गोली मारकर संजीव की हत्या की है।

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पुलिस को पता लगा कि नजमा ने अपने मोबाइल से फोटो डिलीट की है। फोन की जांच करने पर पता लगा कि नजमा ने हत्या के समय संजीव जिस बाइक को चला रहा था, उसकी नंबर प्लेट की फोटो डिलीट की। उसने 5 जुलाई को नंबर प्लेट की फोटो ली थी और उसी दिन डिलीट कर दी थी। इससे पुलिस को उस पर संदेह हो गया। सख्ती से पूछताछ करने पर नजमा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। नजमा ने रिश्तेदार इकबाल से संपर्क किया। इकबाल ने नजमा के कहने पर एक शार्प शूटर से मिलवाया। नजमा ने उसे 15 लाख रुपये की सुपारी दी थी और संजीव की बाइक नंबर प्लेट शार्प शूटर को दे दी थी। इसके बाद इकबाल और उसके साथी ने मौके पर जाकर संजीव को गोली मार दी थी।



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