Tuesday, June 28, 2022
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doctors and experts opinion about rising corona cases in delhi, experts said we shoould not panic and be alert, reason behind increasing corona cases in delhi, why covid cases are increasing in delhi: दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर बोले विशेषज्ञ, घबराएं नहीं, सतर्क रहें। विशेषज्ञों ने मंगलवार को कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने की दर अब भी कम है।


नई दिल्ली: दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि (Delhi Covid Cases Increasing) के बीच विशेषज्ञों ने मंगलवार को कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने की दर अब भी कम है। हालांकि, उन्होंने हर व्यक्ति के सतर्क रहने और सभी सुरक्षा उपायों का पालन करने पर जोर दिया। दिल्ली में मंगलवार को पिछले 24 घंटे में 1383 नए मामले सामने आए वहीं 1162 मरीज ठीक होकर घर गए हैं।

दिल्ली के प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने माना कि हालांकि, अभी घबराने वाली स्थिति नहीं है, लेकिन उन्होंने सुरक्षा उपायों की अनदेखी के प्रति आगाह किया। डॉक्टरों ने कहा कि कई लोगों ने टीकाकरण के बाद आत्मसंतोष का भाव आने या डर खत्म होने के कारण मास्क पहनना या सार्वजनिक जगहों पर उसे ठीक तरीके से लगाना बंद कर दिया है।

‘घबराने की कोई बात नहीं है’

अपोलो हॉस्पिटल (Apollo Hospital) में वरिष्ठ सलाहकार डॉ. सुरनजीत चटर्जी ने कहा, ‘पिछले एक हफ्ते में कोविड-19 के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन इस समय घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने की दर अब भी बहुत कम है। यही नहीं, कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आए अधिकांश लोगों में ज्यादा तीव्र लक्षण भी नहीं उभरे हैं।’उन्होंने कहा, ‘ज्यादातर बुजुर्ग, बीमार और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।’

‘हमें इस महामारी के साथ जीने की जरूरत’
डॉ. चटर्जी ने कहा, ‘इसके अलावा पूर्व में कोविड-19 का शिकार होने और टीकाकरण करवाने के कारण भी लोगों में प्रतिरक्षा विकसित हुई है, जो संक्रमण को हल्के स्तर पर रखने में भी काफी हद तक मददगार साबित हो रहा है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या प्रतिबंधों को वापस लाया जाना चाहिए, डॉ. सुरनजीत चटर्जी जो खुद कोविड-19 का शिकार रह चुके हैं, ने कहा कि अर्थव्यवस्था को हमेशा के लिए लॉकडाउन में नहीं रखा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘हमें इस महामारी के साथ जीने की जरूरत है, लेकिन सुनिश्चित करें कि सभी आवश्यक सावधानी बरती जाएं, खासकर मास्क पहनना न छोड़ें। जिन लोगों में कोई भी लक्षण उभरे, वे खुद को पृथक कर लें, ताकि संक्रमण औरों में न फैले।’ डॉ. चटर्जी के मुताबिक, इन दिनों बड़ी संख्या में लोग या तो रैपिड एंटीजन जांच करवा रहे हैं या फिर घर पर उपयोग के लिए बनाई गई किट से परीक्षण कर रहे हैं।

जानें कौन लोग फैला रहे संक्रमण
एलएनजेपी अस्पताल (LNJP Hospital) में उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रितु सक्सेना ने भी समान राय जाहिर की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अगर उनमें कोविड-19 से मिलते-जुलते कोई लक्षण उभरें, मसलन बुखार, गले में खराश, दस्त और शरीर में दर्द तो वे खुद को तुरंत क्वारंटीन कर लें। डॉ. सक्सेना ने कहा, ‘बहुत से लोग जिनमें कोविड के लक्षण हैं या जिनमें लक्षण नहीं हैं, वे आराम से घूम रहे हैं, दफ्तर जा रहे हैं, बाजारों व सिनेमाघरों जैसे सार्वजनिक स्थानों का दौरा कर रहे हैं और इस तरह वे संक्रमण फैला रहे हैं। इसके अलावा, लोग घर पर या तो आरएटी (रैपिड एंटीजन टेस्ट) किट या सेल्फ-यूज किट के साथ परीक्षण कर रहे हैं या फिर बिल्कुल भी जांच नहीं करवा रहे हैं।’ डॉ. सक्सेना के मुताबिक, ‘एलएनजेपी अस्पताल में फिलहाल 27 कोविड रोगी भर्ती हैं और इनमें से तीन वेंटिलेटर पर हैं।’

संक्रमण दर में वृद्धि के बावजूद दिल्ली सरकार ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (Graded Response Action Plan) को लागू नहीं किया है, क्योंकि अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम है। जीआरएपी पिछले साल अगस्त से प्रभाव में आया था, जिसके तहत सरकार द्वारा विभिन्न गतिविधियों को लॉक और अनलॉक करने का फैसला संक्रमण दर और मरीजों के भर्ती होने की दर के आधार पर किए जाने की व्यवस्था है।

फोर्टिस अस्पताल में पल्मोनोलॉजी की सलाहकार डॉ. ऋचा सरीन ने कहा, ‘पिछले कुछ दिनों में मामलों में वृद्धि देखी गई है, लेकिन अभी घबराने वाली स्थिति नहीं है। हालांकि, सभी का सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना और कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करना जरूरी है।’ डॉ. सरीन ने कहा कि ज्यादातर संक्रमितों में हल्के लक्षण ही उभर रहे हैं, ऐसे में लगता है कि ओमिक्रोन का एक उप-स्वरूप ही फिलहाल लोगों के बीच फैल रहा है।



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