Saturday, August 13, 2022
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Dinner में ये 5 चीजें खा रहे हैं तो बिगड़ सकती है तबीयत, Ayurveda एक्सपर्ट ने दी ये सलाह – ayurveda expert shared tips for healthy dinner to prevent fat diabetes hormonal imbalance


रात का खाना दिन का आखिरी भोजन होता है ,इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह सलाह दी जाती है कि आप इसे हल्का और स्वस्थ रखें। आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार कुछ ऐसे भी खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें रात में खाने से बचना चाहिए। यह एक सिद्ध तथ्य है कि भारी भोजन वजन बढ़ाने में योगदान देता है। जैसा कि कहा जाता है कि नाश्ता राजकुमार की तरह, दोपहर का भोजन राजा की तरह और रात का भोजन भीखारी की तरह भोजन होना चाहिए। इससे ही समझा जा सकता है कि आपका दिनभर का आहार कैसा होना चाहिए।

अगर आपके इसके विपरित यानि की रात में पेटभर मनपसंद खाने के शौकिन है तो आप कई तरह की बीमारियों को न्यौता दे सकते हैं। क्योंकि रात में शरीर मूवमेंट नहीं करता है जिसके वजह से पाचन सिस्टम भारी खाने को पचा नहीं पाता है। जिसका परिणाम आपको दुसरे दिन सुबह पेट खराब, आलसीपन जैसे रूप में देखने के लिए मिल सकता है।

तो आपको किस तरह का डिनर करना चाहिए? आयुर्वेद डॉक्टर रेखा राधामणि सलाह देती हैं कि आपने डॉक्टरों को यह कहते जरूर सुना होगा कि डिनर फेमिली टाइम और पार्टीज का होता है। लेकिन वह यह भी कहते हैं कि रात के भोजन का चुनाव बेहद सावधानी से करना चाहिए। क्योंकि गलत डिनर में गलत आहार आपकी तबीयत को बिगाड़ने का काम कर सकता है। ऐसे में रात में क्या खाना चाहिए? इस बारे में डॉक्टर रेखा ने विस्तृत रूप से एक पोस्ट शेयर कर जानकारी साझा की है।

आयुर्वेद डॉक्टर ने बताया रात का भोजन कैसा हो

​गेंहू का सेवन

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विशेषज्ञ के अनुसार, रात के खाने के लिए गेहूं से बने आहार खाने से बचना चाहिए। क्योंकि यह भारी (गुरु) प्रकृति का होता है। जिसके वजह से इसे पचने में लंबा समय लगता है, जो शरीर में अमा (विषाक्तता) का कारण हो सकती है।

​रात में क्या न खाएं-दही

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पाचन के लिए सुपरफूड का दर्जा प्राप्त होने की वजह से ज्यादातर लोगों की आदत में खाने के साथ एक कटोरी दही खाना भी शामिल हो चुका है। ऐसे में वह रात-दिन के समय की परवाह भी नहीं करते हैं। आयुर्वेद डॉक्टर बताती हैं कि रात के खाने में इसका सेवन सेहत के लिए ठीक नहीं है। यह शरीर में कफ और पित्त की मात्रा को बढ़ाता है। जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

​मैदा से बने पदार्थ न खाएं

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आयुर्वेद डॉक्टर बताती हैं कि गेंहू की तरह मैदा भी भारी प्रकृति का होता है। जिसके वजह से इसे पचाने में ज्यादा समय लगता है। ऐसे में भारी खाना शरीर में अमा (विषाक्तता) को बनाने का काम कर सकता है।

​रात में मीठा या चॉकलेट न खाएं

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अगर आपको मिठाइयों के साथ खाना खाने की आदत है, तो आज से ही यह लत छोड़ दीजिए। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ बताती हैं कि मुख्य रूप से मीठे स्वाद वाले खाद्य पदार्थों की प्रकृति गुरु (भारी) होती है, जो पचाने में मुश्किल होते हैं और श्लेष्मा को बढ़ाते हैं।

कच्चा सलाद न खाएं

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बेसक सलाद स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन कच्चे सलाद विशेष रूप से ठंडे और सूखे होते हैं। जो शरीर में वात की मात्रा को कई गुना तक बढ़ा देते हैं। यदि आप सलाद के पोष्टिक गुणों को पूरी तरह से ग्रहण करना चाहते हैं तो उन्हें पकाकर खाना ही सेहतमंद विकल्प है।

​रात में गलत आहार बनते हैं इन बिमारियों की वजह

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रात के खाने के लिए इन खाद्य पदार्थों से परहेज करने के पीछे का कारण बताते हुए डॉक्टर रेखा बताती हैं कि आपकी पाचन अग्नि रात में सबसे कम होती है। जिसके वजह से वह भारी भोजन को जल्दी पचा नहीं पाती है। ऐसे में अपाच्य भोजन आपके शरीर में विषाक्त पदार्थों के संचय का कारण बन सकता है। इसे अमा कहा जाता है, जो लंबे समय में मोटापा, मधुमेह, त्वचा रोग, आंत रोग, हार्मोनल असंतुलन आदि का कारण बनता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।





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