delhi rape crime, यात्रीगण ध्यान दें! दिल्ली के सबसे बिजी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था लचर है – new delhi railway station rape case nbt reality check on station security


नई दिल्ली:नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर-8/9 पर 21-22 जुलाई की आधी रात को 30 साल की महिला से हुई गैंग रेप की वारदात के बाद से दिल्ली के इस वीआईपी स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली गई तो कई चौंकाने वाली बात सामने आई। पता लगा कि वारदात की रात दिल्ली के इस सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पर कोई महिला आईओ ही नहीं थी, जिसे गैंग रेप जैसी बड़ी वारदात की जांच-पड़ताल का जिम्मा सौंपा जा सके। फिर एक महिला एएसआई को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से यहां बुलाया गया। जिसके आने में भी देरी हुई।

दूसरे, आखिर आरोपी ऑन ड्यूटी शराब पीने में कैसे कामयाब हो गए। क्या यहां तैनात कर्मचारियों की कोई चेकिंग होती भी है या नहीं, जिससे पता लगाया जा सके कि कौन ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में है। सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की कानून व्यवस्था संभालने वाली जीआरपी थाना पुलिस के पास 128 पुलिसकर्मी होने चाहिए। इनमें एक एसएचओ समेत तीन इंस्पेक्टर, आठ एसआई, नौ एएसआई, 58 हवलदार और 50 सिपाही होने चाहिए। लेकिन वर्तमान में यहां तैनात हैं 94 पुलिसकर्मी। यानी जितने पुलिसवाले होने चाहिए उससे 34 कम। इनमें दो इंस्पेक्टर, दो एसआई, 19 एएसआई, 40 हवलदार और 31 सिपाही शामिल हैं। इतने बड़े रेलवे स्टेशन के लिए मात्र दो एसआई ही यहां लगाए गए हैं, जबकि कम से कम आठ एसआई होने चाहिए।

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GRP के पास होने चाहिए 128 पुलिसकर्मी, अभी सिर्फ 94, दिल्ली के व्यस्ततम रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था लचर
एक भी महिला एसआई और एएसआई नहीं
इसके अलावा आलम यह है कि यहां एक भी महिला एसआई और एएसआई तैनात नहीं हैं, जिसे महिला संबंधित किसी बड़े क्राइम की जांच में लगाया जा सके। जबकि दिल्ली का यह सबसे भीड़-भाड़ वाला रेलवे स्टेशन है, जहां महज 24 घंटे में करीब पांच लाख यात्रियों का आना-जाना रहता है और 300 से अधिक रेलगाड़ियों का मूवमेंट होता है। यहां सिर्फ दो महिला हवलदार और नौ महिला कॉन्स्टेबल हैं। ऐसे में आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि देश की राजधानी के इस व्यस्ततम रेलवे स्टेशन पर किस स्तर की सुरक्षा-व्यवस्था होगी। इसी तरह से आरपीएफ के जवानों की भी यहां कमी है।

अंदरूनी सुरक्षा भी लचर नजर आई

अब बात करते हैं रेलवे स्टेशन के अंदर की सुरक्षा-व्यवस्था की। बुधवार दोपहर एनबीटी रिपोर्टर ने अजमेरी गेट साइड से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एंट्री की। यहां निजामुद्दीन साइड वाले एस्केलेटर पर लगे डीएफएमडी पर कोई जवान तैनात नहीं मिला। हालांकि, यहां लगे एक्स-रे स्कैनर पर जवान मुस्तैद था। लेकिन डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से अगर कोई पिस्टल, चाकू या आरडीएक्स जैसा विस्फोटक रेलवे स्टेशन के अंदर ले जाए तो इसे चेक करने वाला यहां कोई नहीं था।

navbharat timesदिल्ली स्टेशन पर महिला से गैंगरेप, रेलवे से निकाले गए चारों आरोपी कर्मचारी
जिस प्लैटफॉर्म नंबर-8/9 पर यह वारदात हुई, उस प्लैटफॉर्म पर कहीं कोई जवान नहीं था। उस ट्रेन लाइटिंग हट के गेट पर ताला लटका था, जिस रूम में वारदात को अंजाम दिया गया। इस रूम से चंद कदमों की दूरी पर आगे-पीछे दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन इनमें वारदात से जुड़ी कोई गतिविधि कैप्चर नहीं हो पाई। जबकि पीड़ित महिला को आरोपी यहां 21 जुलाई की रात करीब 11:30 बजे तक लेकर आ गया था। इसके बाद तीन और आरोपी शामिल हुए। 22 जुलाई के तड़के करीब 2 बजे के बाद तक भी महिला यहां रही।

पहली पीसीआर कॉल 2:27 बजे और दूसरी तड़के 3:27 बजे की गई। करीब तीन घंटे तक महिला इस रूम में आरोपियों के चंगुल में रही। लेकिन, इस दौरान ना तो किसी ने यहां लगे सीसीटीवी कैमरे से महिला को रूम में अंदर ले जाते देखा और न ही किसी जवान ने इस रूम को चेक किया। मामले में डीसीपी (रेलवे) हरेंद्र कुमार सिंह से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।



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