Sunday, August 14, 2022
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delhi me pradushan: delhi ncr pollution report 8 of the 50 most polluted cities in the world delhi and its surroundings


नई दिल्ली : दुनियाभर के सबसे प्रदूषित देशों में भारत का स्थान पांचवां है। वहीं, शहरों की बात करें तो राजधानी दिल्ली प्रदूषित शहरों में दुनिया में चौथे पायदान पर है। वहीं देशों की सबसे प्रदूषित राजधानी का दर्जा भी दिल्ली के नाम पर है। यह रिपोर्ट आईक्यूएयर ने सोमवार को जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश, चाड, पाकिस्तान और ताजिकिस्तान के बाद भारत दुनिया का सबसे प्रदूषित देश है। इतना ही नहीं, दुनियाभर के 50 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की लिस्ट में 35 अकेले भारत से हैं। इन 35 में भी कई शहर एनसीआर से हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देशों की प्रदूषित राजधानी के मामले में 85 एमजीसीएम के पीएम 2.5 के स्तर के साथ दिल्ली पहले नंबर पर है। जबकि बांग्लादेश की राजधानी ढाका में यह 78.1 एमजीसीएम रहा। ढाका दूसरे पायदान पर है।

प्रदूषण के मामले में भारत के सबसे ज्यादा शहर
अगर 50 प्रदूषित शहरों की बात करें तो भारत के 35 शहर इस लिस्ट में शामिल हैं। इनमें 8 दिल्ली व आसपास के इलाके हैं। भिवाड़ी (राजस्थान) इस बार इस मामले में पहले पायदान पर रहा है। इसने गाजियाबाद को भी पीछे छोड़ दिया है। गाजियाबाद दूसरे, दिल्ली चौथे, नोएडा सातवें, फरीदाबाद 12वें, ग्रेटर नोएडा 13वें और गुरुग्राम 18वें पायदान पर रहे हैं। धारूहेड़ा 30वें और सोनीपत 42वें पायदान पर रहा है। 50 प्रदूषित शहरों की लिस्ट में 11 उत्तर प्रदेश से, 11 हरियाणा से, 5 पंजाब से, 2 राजस्थान से और 1 बिहार से शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात और पश्चिम बंगाल से भी एक-एक शहर इस लिस्ट में शामिल हैं।

delhi pollution

राजधानी में 2021 में प्रदूषण का स्तर 14.6 प्रतिशत बढ़ा
रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी में 2021 में प्रदूषण का स्तर 14.6 प्रतिशत बढ़ा है। 2020 में यह 84 एमजीसीएम था जो 2021 में बढ़कर 96.4 एमजीसीएम पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार 2018, 19 और 20 में प्रदूषण के राष्ट्रीय स्तर में कमी दर्ज की गई थी, लेकिन 2021 में यह दोबारा बढ़ गया है। यह वापस से 2019 के स्तर के करीब पहुंचने लगा है, जो कोविड से पहले का समय था। वहीं भारत का कोई भी शहर डब्ल्यूएचओ के मानकों के करीब तक नहीं है। भारत के 48 प्रतिशत शहरों में डब्ल्यूएचओ के मानकों से दस गुना अधिक प्रदूषण है। गौरतलब है कि 2019 में पर्यावरण मंत्रालय की तरफ से NCAP (नैशनल क्लीन एयर प्रोग्राम) की शुरुआत हुई थी। इसका लक्ष्य 2024 तक प्रदूषण के स्तर में 20 से 30 प्रतिशत की कमी करना है।

साल दर साल कैसे बदली भारतीय शहरों की रैंकिंग

most polluted cities in the world Delhi and its surroundings

नवंबर सबसे प्रदूषित महीना
रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में सबसे प्रदूषित महीना नवंबर रहा। इस महीने पीएम 2.5 का स्तर 224.1 एमजीसीएम दर्ज किया गया। इसके बाद दिसंबर में यह 186.4 एमजीसीएम रहा, जबकि जनवरी में यह 183.7 एमजीसीएम तक दर्ज किया गया। डब्ल्यूएचओ के नए मानकों के अनुरूप पीएम 2.5 का स्तर 5 एमजीसीएम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। लेकिन राजधानी में पूरे साल किसी भी महीने में लोगों को इन मानकों के करीब की भी हवा नहीं मिली। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जब पीएम 2.5 का स्तर 35.1 से 50 एमजीसीएम रहता है, तो वह सामान्य से 7 से 10 गुना अधिक है और उसे पर्पल कलर कोड दिया गया है। जबकि जब यह 50 एमजीसीएम के स्तर को पार कर जाए तो इसे मरून कलर दिया गया है, जो 10 गुना से भी अधिक है और सबसे अधिक घातक है।

सबसे साफ महीना सितंबर
लेकिन 2021 में रेकॉर्ड मॉनसून के दौरान भी राजधानी पर्पल रंग से ऊपर नहीं उठ पाई। सबसे साफ महीना सितंबर रहा जब राजधानी में पीएम 2.5 का औसत स्तर 30.2 एमजीसीएम रहा। जबकि जुलाई में यह 35.6 प्रतिशत रहा था। अगस्त में इसका स्तर 36.9 प्रतिशत रहा। अन्य महीनों में यह 50 के करीब ही रहा है। मई में इसका स्तर 47.4, जून में 47.1 और अक्टूबर में 73.7 एमजीसीएम रहा है।



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