Monday, June 27, 2022
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delhi covid daily report: Expert on covid cases, Today Corona Cases In Delhi, Covid Update: कंट्रोल में कोरोना, लेकिन पहले से बीमार हैं तो रहें अलर्ट


विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: 55 साल का किडनी कैंसर का एक मरीज ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहा था। उसकी सर्जरी की तैयारी चल रही थी। इस बीच उसे कोविड संक्रमण भी हो गया। इलाज के लिए उसे सफदरजंग के कोविड वॉर्ड में एडमिट किया गया। तमाम कोशिश के बाद भी डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा पाए। इस मौत को कोविड डेथ में दर्ज किया गया। दरअसल, दिल्ली में रोजाना बढ़ते कोविड के मामले, संक्रमण दर और हो रही मौतों के बाद भी एक्सपर्ट का कहना है कि अभी भी सीवीयरिटि और एडमिशन रेट कम हैं। इतना ही नहीं जिनकी मौत हो रही है उसकी वजह उनकी अपनी बीमारी ज्यादा जिम्मेदार है। क्योंकि उन्हें कोविड भी हो गया होता है इसलिए मौत होने पर उनकी गिनती कोविड डेथ में होती है। डॉक्टर अनूप कुमार ने कहा कि कोविड पहले से बीमार मरीजों की बीमारी सीवियर कर देता है, उनकी मौत की वजह अपनी बीमारी होती है, कोविड उस बीमारी को और बढ़ा देता है। अभी ज्यादातर मामले में ऐसे ही मामले देखे जा रहे हैं।

कमजोर इम्यून सिस्टम पर अब भी कर रहा हमला

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एक मरीज में हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया था। मरीज इम्यूनो स्प्रेशन दवा पर है, जिससे मरीज की इम्यून सिस्टम काफी कमजोर था। बीएलके हॉस्पिटल में एडमिट मरीज को कोविड का संक्रमण हो गया। 12 दिनों से एडमिट हैं, उनके लंग्स में इंफेक्शन हो गया है, सीटी स्कैन की रिपोर्ट भी अच्छी नहीं है। डॉक्टर संदीप नय्यर ने कहा कि अब तक चार बार कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। मरीज आईसीयू में है। अभी देखा जा रहा है कि मरीज अपनी बीमारी की वजह से अस्पताल में एडमिट हो रहा है, लेकिन उन्हें कोविड हो जा रहा है। डॉक्टर का कहना है कि अब इस मरीज की मौत हो जाती है तो इसकी वजह इसकी अपनी बीमारी है। चूंकि मरीज में कोविड निकला है तो उसकी गिनती कोविड में होगी।

नहीं ली थी दोनों वैक्सीन, संक्रमण हुआ गंभीर

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ऐसे ही गंगाराम अस्पताल में एक मरीज लिवर और आंत की बीमारी की वजह से एडमिट है। अस्पताल में एडमिट रहते हुए ही उसे कोविड का संक्रमण भी हो गया। मरीज की हालत खराब है। डॉक्टर अनिल अरोड़ा ने कहा कि इलाज के बाद मरीज में सुधार है, लेकिन अगर इसे कुछ हो जाता है तो ऐसी मौत को कोविड में ही गिना जाता है, न कि उनकी बीमारी में। डॉक्टर अनूप ने कहा कि किडनी फेल का एक मरीज ट्रांसप्लांट के लिए तीन साल से इंतजार में था, डायलिसिस चल रहा था। इस दौरान उसे कोविड हो गया। उसने दोनों डोज वैक्सीन भी नहीं ली थी, जिससे उसमें संक्रमण सीरियस हो गया और उसकी मौत हो गई।

गंभीर बीमारियों वाले मरीज रहें ज्यादा सावधान

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गंगाराम के इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर अतुल गोगिया ने कहा कि मामले कुछ बढ़ रहे हैं। ज्यादातर हल्के हैं, लेकिन जो लोग हार्ट, लिवर, लंग्स, सांस की बीमारी से पीड़ित हैं, उनमें यह ज्यादा सीवियर हो रहा है। मरीज लिवर की वजह से एडमिट हुआ है, उसके पेट में पानी जमा है, कंप्लीकेशन काफी ज्यादा हो जाती है। ऐसे मरीज की मौत की असली वजह उनकी अपनी बीमारी होती है। हां, इतना जरूर है कि अगर कोविड नहीं होता तो हो सकता था कि इतनी सीवियरिटी नहीं होती और यह भी कि अगर उसे बीमारी नहीं होती और केवल कोविड होता तो वह आराम से ठीक हो जाता।

​मौत को लेकर ज्यादा पैनिक न हों लोग

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आकाश हॉस्पिटल के रेस्पिरेट्री विभाग के डॉक्टर अक्षय बुद्धराजा ने कहा कि अभी नियम यह है कि मरीज किसी भी बीमारी की वजह से इलाज के लिए एडमिट हो, अगर उसे कोविड संक्रमण हो जाए और उसकी मौत हो जाए तो उसे कोविड डेथ में गिना जाता है। अभी कोविड बहुत माइल्ड है, कभी कभार ही किसी को एडमिट करने की नौबत आ रही है, इतनी सिवयोरिटी तो इंफ्लूएंजा में होती है। इसलिए मौत को लेकर पैनिक न हों, यह मौत कोविड की वजह से नहीं बल्कि मरीज की अपनी बीमारी ज्यादा जिम्मेदार है।



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