Thursday, August 11, 2022
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Delhi Covid Cases: फिर आया कोरोना, लापरवाही पढ़ सकती है भारी, बढ़ रहे हैं दिल्ली में केस – delhi covid cases: expert alert on covid cases in delhi says do not remove mask


नई दिल्ली: दिल्ली में कोविड 19 के मामले बढ़ते जा रहे हैं और संक्रमण दर 11 प्रतिशत के पार है। वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या भी पिछले कुछ दिन में बढ़ी है। बुधवार को 5 लोगों की मौत हुई, संक्रमण दर 11.64% पर पहुंचा और 2073 केस सामने आए। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि यह तुरंत सावधान होने का समय है, क्योंकि मास्क, सैनेटाइजेशन को लेकर लोग लापरवाही कर रहे हैं। इस स्थिति में अगर कभी वायरस अपना रूप बदल लेता है तो मुश्किलें और ज्यादा बढ़ जाएंगी। साथ ही, डॉक्टर्स ने बूस्टर डोज लेने की जरूरत पर ध्यान खींचा है।

वायरस के सब वैरिएंट हैं वजह, भर्ती हैं कम
लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुरेश कुमार बताते हैं, अभी कोविड 19 के जो मामले बढ़ रहे हैं, इनमें ज्यादातर ऐसे लोग हैं, जिन्होंने वैक्सीन की तीसरी डोज नहीं ली है। इनमें ऐसे मरीज भी हैं जिन्हें लंबी बीमारियां हैं, जैसे किडनी डायलिसिस वाले, कैंसर मरीज, एल्कोहॉलिक मरीज हैं और उनकी इम्युनिटी कम हैं। हमारे अस्पताल में अभी कोविड के 41 मरीज भर्ती हैं। 15 केस बुधवार को ही आए हैं। संक्रमण दर 10% से ज्यादा है, केस बढ़े हैं, तो भर्ती होने वाले मरीज भी बढ़े हैं। हालांकि, मृत्यु दर पहले के सभी वेव के मुकाबले काफी कम है।

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डॉ सुरेश कहते हैं, केस बढ़ने का एक कारण ओमिक्रॉन के सब वैरियंट, बीए 2.75, बीए. 4, बीए. 5 भी हैं, जिनकी वजह से दिल्ली में केस बढ़ रहे हैं। ये सब वैरियंट उसकी इम्युनिटी को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि, इनका असर कम है क्योंकि ज्यादातर लोगों ने वैक्सीन ली है। जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली है, उनके लिए यह खतरनाक हो सकती है।

एक हफ्ते में बढ़े हकेस, रिकवरी जल्दी
डॉक्टर्स का कहना है कि मरीज जल्दी ठीक भी रहे हैं। मैक्स सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल, साकेत में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ रोमेल टिक्कू कहते हैं, पिछले एक हफ्ते में कोविड के केस बढ़े हैं। एक हफ्ते पहले मैं रोजाना दो-तीन केस रोज देख रहा था, मगर अब रोजाना करीब 10 केस देख रहा हूं। राहत यह है कि अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही है। दो से चार दिन में ज्यादातर मरीज ठीक होना शुरू कर रहे हैं और एक हफ्ते में पूरी तरह से ठीक हो रहे हैं। यह पैनिक की स्थिति नहीं है मगर सावधानी रखनी बहुत जरूरी है। जिन्हें भी बुखार-जुकाम के लक्षण हैं, उन्हें खुद को आइसोलेट करने की जरूरत है। दरअसल, जिन लोगों को हल्का बुखार-जुकाम है, वे लोग लापरवाही कर रहे हैं। वे ऑफिस, बाजार जा रहे हैं और इन्हीं की वजह से मामले भी बढ़ रहे हैं। एलएनजेपी के डॉ सुरेश ने कहा, हमारे पास बुधवार को 15 मरीज भर्ती हुए तो 9 मरीजों को छुट्टी भी मिली। पांच-छह से एक हफ्ते में मरीज ठीक हो रहे हैं।

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लक्षण हैं, तो तुरंत आइसोलेट हों
गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुभाष गिरि कहते हैं, पहले किसी दूसरे वायरस के साथ मौसमी फ्लू आता था और 15-20 दिन में निकल जाता था, कोराना वायरस भी इसी लाइन पर जा रहा है। मगर अगर बीच में वायरस के रूप में फिर से बदलाव आता है, तो मुश्किलें दोबारा आ सकती हैं, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। वायरस के लक्षण आते हैं तो कोशिश करें कि फोन पर डॉक्टर से ट्रीटमेंट लें। 10 दिन क्वारंटीन रहें। जो हेल्थ वर्कर्स हैं या जिन्हें पहले से कोई बीमारी है, वे बूस्टर डोज जरूर लें। हमारे अस्पताल में भी अभी 15-16 मरीज भर्ती हैं मगर ये वो हैं, जिन्हें पहले से कोई बीमारी है या दुर्घटना हुई है। अस्पताल में इनका कोविड टेस्ट किया गया है और तब संक्रमण का पता चला है।



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