Monday, June 27, 2022
HomeNewscovid 4th wave in delhi: coronavirus cases in delhi, अलर्ट! वक्त बूस्टर...

covid 4th wave in delhi: coronavirus cases in delhi, अलर्ट! वक्त बूस्टर डोज का… मास्क-सैनिटाइजर भूलें नहीं


नई दिल्ली: दिल्ली में कोविड-19 के मामले एक बार फिर बढ़ते जा रहे हैं। बढ़ते संक्रमण दर और कुछ दिनों से सामने आ रही मौतें लोगों को सावधान कर रही हैं। इस खतरे की घंटी के बीच डॉक्टर्स का कहना है कि बेशक कोरोना से मौतें उन लोगों की हो रही हैं, जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां हैं, मगर दिल्ली वालों को अलर्ट रहने की जरूरत है।

​वैक्सीन का रोल अहम, बूस्टर डोज भी जरूरी

navbharat times

डॉक्टर्स का कहना है कि इस वक्त वायरस के लक्षण गंभीर नहीं हैं, अस्पतालों में मरीजों की संख्या काफी कम है और इस राहत के पीछे वैक्सीन का रोल है। इसलिए जिन्हें भी बूस्टर डोज नहीं लगी है या वैक्सीन नहीं लगी है, उन्हें जरूर यह डोज जरूर लेनी चाहिए। साथ ही मास्क, सैनिटाइजर समेत कोविड के सभी प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। 20 जून को दिल्ली में 6 मौतें और 10% संक्रमण दर सामने आया था। (ग्राफिकः KBK News Graphics)

​मौतें पहले से बीमार लोगों की

navbharat times

एलएनजेपी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार कहते हैं, अस्पताल में कोविड के ज्यादातर मरीज स्टेबल हैं, एक-दो मरीज ही वेंटिलेटर पर हैं या गंभीर हैं। अभी कोविड से जो मौतें हुई हैं, वो दूसरे कारणों से हुई हैं, जैसे- हार्ट फेलियर, लीवर की बीमारी, टीबी, कैंसर। अभी दो दिन से हमारे अस्पताल में कोई मौत नहीं है। यह देखना भी जरूरी है कि पॉजिटिविटी रेट 10% तक पहुंच गया है, लेकिन अस्पतालों में ज्यादा मरीज नहीं हैं। यह इसलिए क्योंकि वैक्सीन ने बचाव किया है और मरीज गंभीर नहीं हो रहे हैं। जो एडमिट हो रहे हैं उनमें से कई ऐसे हैं जिन्होंने बूस्टर डोज यानी तीसरी डोज नहीं ली है। लोगों को वैक्सीन और बूस्टर डोज लेनी चाहिए। (ग्राफिकः KBK News Graphics)

​10% संक्रमण दर ज्यादा, तीसरी डोज जरूरी

10-

स्वामी दयानंद अस्पताल में कोविड के नोडल ऑफिसर डॉ. ग्लैडविन त्यागी ने कहा, हम 10 दिन का डेटा देखें तो शुरुआत में यह 2%-3% था और तभी लगने लगा था कि यह बढ़ेगा। 10 हजार टेस्ट में 10% पॉजिटिविटी रेट काफी ज्यादा है, इसलिए हमें सतर्क होने की जरूरत है। राहत की बात सिर्फ यह है कि लक्षण इतने खतरनाक नहीं हैं कि एडमिट होना पड़े। मौत उन्हीं की हो रही है जिनकी इम्युनिटी कमजोर है, जैसे जिन्हें कोविड हुआ, किडनी-हार्ट की बीमारी है। मगर फिर भी यह वायरस कभी भी अपना रूप बदल सकता है और खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए जितकी प्रिकॉशनरी डोज यानी तीसरी डोज लेनी बाकी है, वो जरूर लगवाएं। मास्क और शारीरिक दूरी, भी वैक्सीन का काम करती है, तो इसका ध्यान रखें, सरकार की गाइडलाइंस का इंतजार मत करें। (ग्राफिकः KBK News Graphics)

बच्चे भी पॉजिटिव, स्लो है वेव

navbharat times

जीटीबी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुभाष गिरी का कहना है कि पिछले 10 दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ी है, टेस्टिंग भी बढ़ रही है। क्लिनिक पहुंच रहे कोविड के लक्षण वाले मरीजों की संख्या भी डेढ़ गुना हुई है। हालांकि, कोविड की यह वेव स्लो है। बुखार, खांसी, सिर-गला दर्द, कुछ को डायरिया के लक्षण हैं। बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं, हमारे पास अभी 3 महीने का बच्चा आया है, जो कोविड पॉजिटिव निकला, जो मां से संक्रमित हुआ।

​बाकी देशों के मुकाबले हमारे देश में इम्युनिटी अच्छी

navbharat times

डॉ. गिरी के मुताबिक, सिर्फ कोविड की वजह से अभी कोई मौत सामने नहीं आई है, मरीजों की मौत का मुख्य कारण डायबिटीज, कैंसर, लिवर या दिल की बीमारी थी। इन्हीं मरीजों को एडमिट किया जा रहा है। वायरस के लक्षण आते हैं तो कोशिश करें कि फोन करके डॉक्टर से ट्रीटमेंट लें। 10 दिन क्वॉरंटीन रहें। बुखार और गले में दिक्कत के लिए हम पैरासिटामॉल, क्रॉसिन ही दे रहे हैं। चार दिन में लक्षण शांत भी हो जा रहे हैं। साथ ही, जो हेल्थ वर्कर्स हैं या जिन्हें कोई दिक्कत है, जैसे जो स्टेरॉइड लेते हैं, फेफड़ों की बीमारी है, कैंसर है, उन्हें बूस्टर डोज जरूर लेनी चाहिए। सावधानी रखी जाए, तो यह कोविड धीमे-धीमे खुद ही चले जाएगा। बाकी देशों के मुकाबले हमारे देश में इम्युनिटी भी अच्छी है।



Source link

RELATED ARTICLES

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments