coronavirus cases in delhi: कोरोना: अब ‘ग्रीन जोन’ में राजधानी, बीस दिनों में 63 प्रतिशत कंटेनमेंट जोन हो गए कम, delhi latest covid update


विशेष संवाददाता, नई दिल्लीः अब राजधानी के सभी जिले ग्रीन जोन में आ चुके हैं। महज दो हफ्ते में साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट में बड़ी कमी आई है। दो हफ्ते पहले राजधानी के छह जिले संवेदनशील थे, लेकिन अब सभी 11 जिले ग्रीन जोन में आ चुके हैं। जब पॉजिटिविटी रेट पांच प्रतिशत से कम आए जो जिले को कोरोना के लिहाज से ग्रीन जोन माना जाता है। वहीं, इस हफ्ते डीडीएमए की मीटिंग हो सकती है जिसमें नाइट कर्फ्यू हटाने की मांग पर चर्चा हो सकती है। साथ ही बाजारों की टाइमिंग बढ़ाने की मांग भी सामने आ रही है। शादियों के सीजन में नाइट कर्फ्यू के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

साउथ दिल्ली में वीकली पॉजिटिविटी रेट ज्यादा
8 से 14 फरवरी के बीच वीकली पॉजिटिविटी रेट की बात करें तो साउथ दिल्ली और वेस्ट दिल्ली में यह सबसे अधिक है। दोनों ही जिलों में पॉजिटिविटी रेट तीन प्रतिशत से अधिक है। साउथ दिल्ली में 3.73 प्रतिशत और वेस्ट दिल्ली में 3.09 प्रतिशत है। वहीं दो जिलों में पॉजिटिविटी रेट तो एक प्रतिशत से भी कम हो चुका है। यह दो जिले शाहदरा और नार्थ ईस्ट दिल्ली हैं। शाहदरा में वीकली पॉजिटिविटी रेट 0.87 प्रतिशत और नार्थ ईस्ट दिल्ली में 0.52 प्रतिशत रहा। तीन जिलों में पॉजिटिविटी दर 2 से 3 प्रतिशत के बीच है। इनमें नार्थ वेस्ट दिल्ली में 2.93 प्रतिशत, ईस्ट दिल्ली में 2 प्रतिशत और नई दिल्ली में 2.56 प्रतिशत है।

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बीस दिनों में 63 प्रतिशत कंटेनमेंट जोन हो गए कम
बीस दिनों में राजधानी में कंटेनमेंट जोन की संख्या करीब 63 प्रतिशत तक कम हो गई है। तेजी से बदल रहे हालातों के बीच अब महज 16154 कंटेनमेंट जोन शेष रह गए हैं। कोविड के घटते मामलों के अनुरूप कंटेनमेंट जोन की संख्या में गिरावट आनी काफी देर से शुरू हुई थी। कंटेनमेंट जोन की संख्या इस वेव में कई दिनों तक 40 हजार से अधिक रही।

कंटेंटमेंट जोन में लगातार आ रही है कमी

कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लोगों को लॉकडाउन के सभी नियमों का पालन करना होता है। इस वेव में 25 जनवरी 2022 तक इनकी संख्या लगातार ऊपर जा रही थी। उक्त दिन कंटेनमेंट जोन की संख्या सबसे अधिक 44547 तक पहुंच गई थी। मामले कम होने के बाद भी इनकी बढ़ती संख्या की वजह से प्रशासन के सामने कई चुनौतियां भी खड़ी हो रही थीं। मैनपावर की कमी सबसे बड़ी बाधा बन रही थी। अधिकारियों के अनुसार, नए कंटेनमेंट जोन की संख्या में कमी आ रही है, वहीं पुराने कंटेनमेंट जोन भी तेजी से कम हो रही हैं। यही वजह है कि इनकी संख्या में गिरावट आ रही हैं। हालांकि अब भी 16154 कंटेनमेंट जोन राजधानी में हैं। गौरतलब है कि 25 जनवरी को राजधानी में कोरोना के न मामले कम होकर महज 6028 रह गए थे, लेकिन उस समय कंटेनमेंट जोन अपने पीक पर रहा। इसके बाद से इनमें लगातार 1000 से 1500 तक की कमी आने लगी। कुछ दिनों बाद गिरावट का यह सिलसिला और अधिक हो गया। अब 14 फरवरी के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, इनकी संख्या महज 16154 रह गई है। यानी 25 फरवरी के मुकाबले 14 फरवरी तक इनकी संख्या में 28393 की कमी आ चुकी है।

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नाइट कर्फ्यू हटाने की मांग
उधर, नाइट कर्फ्यू हटाने की मांग भी हो रही हैं क्योंकि दिल्ली में फिलहाल येलो अलर्ट के तहत नाइट कर्फ्यू लागू है। वीकली मार्केट 50 प्रतिशत कैपिसिटी के साथ एक जोन में एक ही खुल रही हैं। बाजारों में दुकाने भी रात 8 बजे तक ही खोलने की अनुमति है। रेस्तरां में 50 प्रतिशत कैपिसिटी के संग खाना खाने की परमिशन है। मेट्रो और बसों में खड़े होकर यात्रा की अनुमति नहीं है। धार्मिक स्थलों में भक्तों के प्रवेश पर रोक है। टैक्सी, कैब, ग्रामीण सेवा, फटफट सेवा में अधिकतम 2 यात्री, मैक्सी कैब में अधिकतम 5 यात्री और आरटीवी में अधिकतम 11 यात्रियों को ही सफर करने की छूट है। दिल्ली में चूंकि स्कूल-कॉलेज और दफ्तर खोलने दिए गए हैं और पाबंदियों में छूट दी गई है। इसे देखते हुए दुकानदार भी अब रात में दुकानों को बंद करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। नई दिल्ली की ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने शनिवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को इसी संदर्भ में एक पत्र लिखकर मांग की है कि बाजारों में दुकानों को खोलने की समय सीमा बढ़ाई जाए।

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