Cancer Survivor Max Parrot win Beijing Winter Olympics Snowboard Gold


बीजिंग. चोट कितनी भी बड़ी क्‍यों न हो, बीमारी कितनी भी गंभीर क्‍यों न हो.. किसी का हौंसला तोड़ना उसके भी बस की बात नहीं. पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) इसका उदाहरण है. कैंसर उनका हौंसला नहीं तोड़ पाया था. उन्‍होंने पहले कैंसर को हराया, फिर इसके बाद मैदान पर वापसी की. ऐसा ही जज्‍बा कनाडा के स्नोबोर्डिंग खिलाड़ी मैक्स पैरेट ने दिखाया. जिन्‍होंने पहले कैंसर के खिलाफ जंग जीती, फिर बीजिंग विंटर ओलंपिक (Beijing Winter Olympics ) में गोल्‍ड जीता. पैरेट ने विंटर ओलंपिक की स्नोबोर्डिंग इवेंट के पुरुष स्लोपस्टाइल वर्ग में गोल्‍ड जीतकर वापसी का जश्न मनाया.

पैरेट की जीत का आकर्षण उनकी दूसरी जंप थी. वह जब दूसरे किकर (रैंप) पर पहुंचे तो सीधे जाने की जगह वह कोण लेते हुए वहां पहुंचे और ऐसा करने वाले एकमात्र प्रतिभागी थे. वह इसके बाद पीछे की ओर झुके और उन्होंने 1440 डिग्री का स्पिन लेते हुए लैंडिंग की.

6 महीने में 12 बार करानी पड़ी कीमोथेरेपी
पैरेट ने गोल्‍ड मेडल जीतने के बाद कहा कि यह मेरे पूरे करियर की सबसे बड़ी जीत है. प्योंगचांग ओलंपिक में सिल्‍वर पदक जीतने के बाद पैरेट को हॉजकिन लिमफोमा से पीड़ित होने का पता चला था जो कैंसर का प्रकार है. इसके बाद 6 महीने में उन्हें 12 बार कीमोथेरेपी करानी पड़ी.

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पैरेट ने कहा कि मुझे इससे लड़ने के लिए सब कुछ छोड़ना पड़ा. मैं नरक जैसी स्थिति से गुजरा. यह पहली बार था जब मैंने अपना स्नोबोर्ड अलमारी में बंद करके रख दिया था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे शेर को पिंजरे में बंद कर दिया गया है. चीन के यू यिमिंग ने इस स्पर्धा का रजत जबकि कनाडा के मार्क मैकमोरिस ने कांस्य पदक जीता.

Tags: Canada, Winter olympics 2022

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