Ban Of Diesel Generator Under GRAP Lifted 15 Days Earlier – कम प्रदूषण और जाती हुई सर्दी के चलते 15 दिन पहले ही हटाई गई डीजल जनरेटरों पर लगी पाबंदी


नई दिल्ली : 2022 की शुरुआत प्रदूषण के लिहाज से अच्छी रही है। यही वजह है कि सर्दियों के खत्म होने से पहले ही GRAP के तहत डीजल जनरेटरों पर लगी रोक को हटा लिया गया है। अब राजधानी और एनसीआर में अक्टूबर तक डीजल जनरेटरों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके बाद अक्टूबर में नए संशोधन के मुताबिक ही डीजल जनरेटरों का इस्तेमाल हो सकेगा। नए संशोधनों में सोसायटियों आदि को लिफ्ट आदि के लिए जनरेटर के इस्तेमाल में शर्तों के साथ छूट दी गई है।

सीपीसीबी की सब कमिटी ने ये निर्देश जारी कर दिए हैं। सब कमिटी ने मौसम और प्रदूषण के आकलन के आधार पर यह निर्णय लिया है। आमतौर डीजल जनरेटरों पर रोक फरवरी के अंत या मार्च के पहले हफ्ते तक की हटाई जाती है। सब कमिटी के अनुसार, 28 अक्टूबर को GRAP के तहत डीजल जनरेटरों पर दिल्ली एनसीआर में रोक लगाई गई थी। GRAP के तहत प्रदूषण का स्तर बेहद खराब होने पर डीजल जनरेटरों पर रोक लगती है। पिछले साल तक एहतियाती रूप से 15 अक्टूबर से ही यह रोक शुरू हो जाती थी। हालांकि इसमें इमरजेंसी सर्विसेज को छूट दी जाती है।

सीपीसीबी के अनुसार, एक्यूआई इस समय सामान्य से खराब स्थिति के बीच चल रहा है। पिछले चार से पंच दिनों से यही स्थिति बनी हुई है। ताजा स्थिति के लिए 16 फरवरी देर शाम एक मीटिंग की गई। इसमें आईएमडी की तरफ से जानकारी दी गई कि दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण अब बेहद खराब श्रेणी में जाने की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में यह और अधिक साफ होगा। इस आंकलन को देखते हुए ही डीजल जनरेटरों पर रोक का तुरंत प्रभाव से हटा लिया गया है।

डीजल जनरेटरों पर रोक की वजह से शादियों, सोसायटियों के कॉमन एरिया, लिफ्ट, इंडस्ट्री, व्यापारियों आदि को काफी अधिक परेशानियां हो रही है। दिल्ली से अधिक परेशानियां एनसीआर को हो रही थी। डीजल जेनरेटरों पर बैन भले हट गया है, लेकिन GRAP के तहत प्रदूषण को कम करने के उपाय अभी भाी जारी रहेंगे। इनमें सभी राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड एनसीआर के क्षेत्रों में निर्माण स्थलों पर सभी गाइडलाइंस का पालन करवाएं, समीर ऐप और सोशल मीडिया पर मिल रही शिकायतों का समाधान तेजी से होगा, हॉट स्पॉट में प्रदूषण कम करने के उपाय जारी रहेंगे, मलबा प्लास्टिक वेस्ट आदि को सड़क के किनारे नहीं फेंका जाएगा, उद्योगों में प्रदूषण के सभी नियमों का पालन होगा, लैंड फिल साइट पर आग और कूड़ा जलाने पर रोक रहेगी, थर्मल पावर प्लांट में प्रदूषण कंट्रोल के नियम पूरे होंगे, मैकेनिकल स्वाइपिंग समय समय पर होती रहेगी – जैसे निर्देश शामिल है। सब कमिटी के चेयरपर्सन प्रशांत गार्गव की तरफ से यह निर्देश दिल्ली-एनसीआर के सभी संबंधित जिलों के अधिकारियों को दे दिए गए हैं।

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