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प्रधानमंत्री के फोटो वाले टिकट पहले ही हुए बंद
March 28, 2019 • एडिटर आवाज़े हिन्द टाइम्स

नोटिस पर रेलवे ने दिया जवाब आचार संहिता उल्लंघन मामले में 

 

नई दिल्ली, मार्च। एयर इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले बोर्डिंग पास हटा लिए हैं और रेलवे ने भी चुनाव आयोग के नोटिस के बाद तुरंत प्रभाव से मोदी की तस्वीरों वाली रेल टिकट को देना बंद कर दिया है। दरअसल एयर इंडिया वाइब्रेट गुजरात समिट के प्रचार वाले इन पास को दे रही थी लेकिन पंजाब के पूर्व डीजीपी शशिकांत द्वारा आपत्ति जताने के बाद तुरंत ये पास बंद कर दिए गए।

दूसरी ओर रेलवे ने भी मोदी के फोटो वाले टिकट बंद कर दिए। इस बाबत तृणमूल कांग्रेस ने इनटिकटों के लेकर चुनाव आयोग के पास आपत्ति दर्ज कराई थी। टीएमसी ने इनटिकटों के जरिए वोटरों को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। हालांकि, रेलवे काकहना था कि शहरी विकास मंत्रालय द्वाराजारी एक प्रचार अभियान के तहत प्रधानमंत्री की फोटो लगे एक लाख टिकट जारी किए गए थे और यह उन्हीं में से बचे हुए कुछ टिकट थे।

आज इस बाबत चुनाव आयोग में रेलवे के अधिकारियों ने लिखित में अपना जवाब भेजा और कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधी विज्ञापन वाले टिकट पुराने हैं। अधिकारियों ने बताया कि विज्ञापन का काम निजी ठेकेदार करते हैं और टिकटों की मांग को देखते हुए पहले ही छपवा लिए जाते हैं। रेलवे अधिकारियों ने जवाब में कि उसके देश भर में 11 हजार काउंटर से लगभग ढाई लाख टिकट बेचे जाते हैं।

जिस स्थान पर ये टिकट मिले हैं वह इलाका दक्षिण मध्य रेलवे के अंतर्गत है। दक्षिण मध्य रेलवे में यह टिकट उपलब्ध थे लेकिन मामला प्रकाश में आने के बाद वहां इन्हें बंद करवा दिया है और वहां अन्य स्थानों से टिकट के दूसरे रोल भिजवा दिए गए हैं। बता दें कि एक रोल में करीबन 500 टिकट बुक होते हैं।

आचार संहिता उल्लंघन के आरोप गलत -

रेलवे ने आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों को नकारते हुए कहा कि चार महीने पहले जिन यात्रियों ने अपनी टिकट बुक करवाई होगी उन पर आचार संहिता लागू होने से पहले भी ये टिकट हो सकते हैं। ज्ञात हुआ है कि जो टिकट सामने आए हैं। वे भी 2017 में प्रिंट हुए हैं।

अधिकारी मानते हैं कि रेलवे की पांच प्रिंटिंग प्रेस हैंऔर वहां से प्रिंट होने व पहुंच तक लगने वाले समय को देखते हुए विभिन्न जोन भारी मात्रा में स्टॉक रखते हैं। इसलिए जानबूझकर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन जैसा कोई मामला नहीं है। रेलवे ने सभी जोन्स को भी आचार संहिता के पालन के निर्देश जारी किए हैं।

बता दें कि लगभग 15 लाख यात्री जहां आरक्षित टिकट लेते हैं वहीं रोजाना सवा दो करोड़ से अधिक अनारक्षित यात्री भी आवाजाही करते हैं।