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पूरी तरह सुरक्षित ईवीएम  : चुनाव आयुक्त
February 3, 2019 • एडिटर आवाजेहिन्द टाइम्स

सीईसी अरोड़ा ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने से इंकार किया,

कहा हम मतपत्र छीनने के दिनों में नहीं जा रहे

कोलकाता, मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने ईवीएम को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए शुक्रवार को बैलट पेपर से चुनाव कराने से इन्कार कर दिया। कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने ईवीएम की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए बैलट पेपर की तरफ लौटने की मांग की है। आगामी आम चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों और अधिकारियों के साथ दो दिन के विचार विमर्श के बाद अरोड़ा मीडिया के साथ बातचीत कर रहे थे। सुनील अरोड़ा ने कहा कि हम बैलट पेपर के युग में वापस नहीं जा रहे हैं। दो दशक से भी अधिक समय से हमारे देश में इवीएम का इस्तेमाल हो रहा है। और यह काफी समय से ईसीआई (भारत निर्वाचन आयोग) की एक सुसंगत नीति रही है और मुझे लगता है कि यह नीति जारी रहेगी।

हैकर के दावे के पीछे आपराधिक मंशा - अरोड़ा ने बताया कि ईवीएम से छेड़छाड़ और खराबी के बीच अंतर है। हम बहुत ही हल्के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं जैसे कि वे समानार्थी हों। आयोग खराबी को कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता है।

बेहद सुरक्षित कंपनियां बनाती हैं ईवीएम - मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि ईवीएम का निर्माण बेहद सुरक्षित कंपनियां करती हैं। ये कंपनियां रक्षा उपकरण भी बनाती हैं और तकनीकी विशेषज्ञों का पैनल इनकी देखरेख करता है।

सरकार से स्पष्टीकरण मांगा - मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने यहां संपन्न हुई चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ की एक बैठक के दौरान कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार की अनुपस्थिति को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार से शुक्रवार को स्पष्टीकरण मांगा। चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ ने लोकसभा चुनाव को अधिक समावेशी, सुलभ और भागीदारी वाला बनाने के उद्देश्य से नागरिक समाज से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ गुरुवार को बैठक की थी।

ईवीएम पर विपक्षी दलों की मंत्रणा -

नई दिल्ली, कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ कथित छेडछाड़ के मुद्दे पर चर्चा करने और इस पर भविष्य की रणनीति बनाने के लिए शुक्रवार को बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने ईवीएम के साथ कथित छेड़छाड़ के मुद्दे पर साझा रणनीति बनाने की पैरवी, की है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, एनसीपी के मुखिया शरद पवार, तेदेपा के एन. चंद्रबाबू नायडू, सपा के नेता रामगोपाल यादव, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, बसपा के सतीशचंद्र मिश्रा, द्रमुक की कनिमोई, भाकपा के डी. राजा, माकपा के टी.के. रंगराजन, राजद के मनोज झा, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और रालोद के नेता जयंत चौधरी शामिल हुए