पहले लोकपाल पिनाकी चंद्र घोष होंगे
March 18, 2019 • Editor Awazehindtimes

मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने की नाम की सिफारिश

नई दिल्ली, मार्च। जल्द ही देश को पहला लोकपाल मिलने वाला है। सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश पिनाकी चंद्र घोष को देश का पहला लोकपाल बनाने की सिफारिश की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रख्यात कानूनविद मुकुल रोहतगी की चयन समिति ने शुक्रवार को उनका नाम तय किया और उनके सिफारिश की। इस बावत सोमवार को आधिकारिक घोषणा हो सकती है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे भी चयन समिति के सदस्य हैं, लेकिन वे चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने न्यायाधीश शेष की नियुक्ति से जुड़ी फाइल राष्ट्रपति के पास भेज दी है। लोकपाल भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाली संस्था है।

इस कमेटी में एक चेयरमैन, एक न्यायिक सदस्य और एक गैर न्यायिक सदस्य होते हैं। गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकपाल चयन समिति की बैठक में शामिल होने की सरकार की पेशकश को लगातार सातवीं बार खारिज करते हुए कहा था कि 'विशेष आमंत्रित सदस्य के लोकपाल चयन समिति का हिस्सा होने या इसकी बैठक में शामिल होने का कोई प्रावधान नहीं है। शुक्रवार को हुई थी लोकपाल चयन समिति की बैठक ज्ञात हो कि लोकपाल चयन समिति की बैठक शुक्रवार को हुई थी।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा था कि लोकपाल अधिनियम-2013 को धारा चार में विशेष आमंत्रित सदस्य' के लोकपाल चयन समिति की हिस्सा होने या इसकी बैठक में शामिल होने का कोई प्रावधान नहीं हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने तब कहा था कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार ने लोकपाल कानून में ऐसा संशोधन करने का कोई प्रयास नहीं किया जिससे विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी का नेता चयन समिति के सदस्य के तौर पर बैठक में शामिल हो सके।

मई 2017 को सेवानिवृत्त हुए येपी सी घोष न्यायाधीश पीसी मोष का पूरा नाम पिनाकी चंद्र घोष है। पीसी घोष सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2017 को सेवानिवृत्त हुए थे, वे इस वक्त राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य हैं। पीसी मोष तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की सहयोगी रही शशिकला को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहरा चुके हैं। इससे पहले वह कोलकाता और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। सर्वोच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त होने के बाद वह जून 2017 से मानवाधिकार आयोग के सदस्य हैं। 

अन्ना ने चलाया था लोकपाल आंदोलन-

गौरतलब है कि लोकपाल की मांग को लेकर देश में 2012 में जोरदार राजनीतिक आंदोलन हुआ था। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे, दिल्ली के मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पुदुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी समेत कई जानी मानी हस्तियों ने देश में लोकपाल की नियुक्ति को लेकर तत्कालीन मनमोहन सरकार के खिलाफ देश भर में विशाल राजनीतिक आंदोलन चलाया था।