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कैंसर रोगियो का इलाज आयुर्वेदिक दवा से
February 7, 2019 • editor awazehindtimes

दिल्ली का एक परमार्थ अस्पताल कैंसर मरीजों का आयुर्वेद, योग तथा आहार और जीवन शैली में बदलाव के माध्यम से उपचार कर रहा है। चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप मे मनाया जाता है, वेस्ट पंजाबी बाग के आयुर्वेदिक कैंसर जांच हस्पताल के संस्थापक ने बताया कि यह हस्पताल इस रोग के विषय मे बचाव करने में जन-जागरुकता फैला रहा है तथा काफी ज्यादा रोगी अपना इलाज यहा से कराकर यहाँ से प्राप्त हुये फायदे के अनुभव बताकर इसके नाम को फैलाने में मदद भी कर रहे हैं।

इसके संस्थापक अध्यक्ष अतुल सिंघल ने कहा, कई मरीज एलोपैथिक इलाज़ में सारी उम्मीदें खो देने के बाद हमारे पास आते हैं। हम चतुष आयामी -- जीवन शैली और खान-पान की आदत में बदलाव, आयुर्वेदिक दवाइयां और योग -- उपचार का इस्तेमाल करते हैं। कैंसर पर आयुर्वेदिक मैडिसिन के हुये असर के बारे में पता किया जाने पर उन्होंने कहा, हमारे रोगी ही हमारे सबसे बड़े गवाह हैं। उन्हें फायदा महसूस होता है और वे दूसरों को भी बतलाते हैं या वीडियो बनाकर भी उसे ऑनलाइन डाल देते हैं। उन्होंने कहा, दवाओं के तौर पर हम पंचगव्य -- गाय के पांच उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं और हम स्वास्थ्य लाभ में सहयोग के लिए योग का उपयोग करते हैं। सिंघल ने कहा, हम उनकी रोजाना के जीवन शैली और खान-पान की आदतो मे बदलाव कर देते हैं और हम उनसे रोग के बारे मे सब कुछ को भूल जाने को कहते हैं। तथा हम उन्हें गेहूं के बजाय जौ, लाल मिर्च के बजाय काली मिर्च, चीनी के बजाय गुड़ खाने की सलाह देते हैं, 52 वर्षीय सिंघल ने बतलाया कि 2011 में अपनी मां को गंवाने के बाद उन्होंने यह अस्पताल खोला।

उन्होंने कहा, मेरी मां तीन साल तक कैंसर से लड़ती रही और अंत मे वो चल बसीं। इसलिए मैं इसके लिए कुछ करना चाहता था और मुझे आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति पर विश्वास है। इस कारणवश 2013 में मैंने पहला आयुर्वेदिक कैंसर ट्रीटमेंट रिसर्च सेंटर शुरु किया जो 2015 में आयुर्वेदिक कैंसर ट्रीटमेंट अस्पताल बन गयासिंघल के अनसार न्यास दारा संचालित इस अस्पताल में 20 बिस्तर हैं। यहां तीन स्थाई चिकित्सक हैं तथा अन्य संबंधित कार्यों के लिए करीब 15 लोग हैंउन्होंने कहा, मरीज की पृष्ठभूमि या उसके परिवार के आर्थिक दर्जे के विपरीत हम बस 11000 रु. में इलाज़ करते हैं यदि कोई रोगी बहुत गरीब परिवार से है तो हम उससे, इलाज़ के लिए भी बहुत कम पैसे लेते हैं या फ्री मे इलाज़ कर देते हैं। हमारा विचार इस कार्य को परमार्थ स्वरुप में बदलना है न कि पैसे के लालच मे व्यापार करना है।