15 August 2022: लाल किले पर 21 कंटेनरों पर दिखेगी स्वतंत्रता सेनानियों की विशाल पेंटिंग – 15 august 2022 celebration preparation at red fort and security arrangements


नई दिल्लीः 15 अगस्त पर इस बार लाल किला हर तरफ तिरंगे से सजा दिखेगा। आजादी के अमृत महोत्सव से सरोबार लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन होगा। उनकी नजरों के ठीक सामने कंटेनरों की ऊंची मीनार पर स्वतंत्रता सेनानियों की पेंटिंग दिखेगी। 21 कंटेनरों को एक साथ मिलाकर उन पर यह पेंटिंग की जा रही हैं। इनमें अहिंसा का संदेश देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, आजाद हिंद फौज को खड़ा करने वाले सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह के अलावा बाल गंगाधर तिलक और राम प्रसाद बिस्मिल शामिल हैं।

इसके अलावा आजादी से जुड़ी तमाम स्मृतियों को भी अलग-अलग सजाया जा रहा है। ये कंटेनर लाल किले को अभेद्य सुरक्षा के साथ ही आजादी के रण बांकुरों को याद दिलाने के संदेश भी देंगे। इस पेंटिंग को इस तरह बनाया जा रहा है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से देश के नाम संबोधन देंगे, तो पेंटिंग को सीधे देख पाएंगे। देश और दुनिया को स्वतंत्रता सेनानियों की इन तस्वीरों से खास तरह का संकेत और संदेश देने की कोशिश है। कंटेनरों के ऊपर छोटे-छोटे तिरंगे लहराएंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 1500 इनविटेशन भेजे गए हैं।

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15 August: लाल किले पर होगा भारी सुरक्षा इंतजाम, एंट्री ड्रोन सिस्टम भी तैनात किए जाएंगे

खुफिया इनपुट ने दिल्ली पुलिस को चेताया
इधर, आतंकी खतरे के इनपुट को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। दो दिन पहले पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने खुद लाल किले पर पहुंचकर सुरक्षा बंदोबस्तों का जायजा लिया। सूत्रों ने बताया कि इस बार लाल किले के चप्पे-चप्पे पर संदिग्धों की निगरानी रखने के लिए सॉफ्टवेयर से लैस 1,000 सीसीटीवी कैमरे फिट किए गए हैं। बुधवार रात खुफिया ऐजेंसियों ने दिल्ली पुलिस को फिर से अलर्ट पर रहने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक, अलर्ट में कहा है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयब्बा हमले की साजिश रच रहे हैं। इसके अलावा खालिस्तानी आतंकी भी गड़बड़ी फैलाने की फिराक में हैं। इसमें लश्कर-ए-खालसा नाम के संगठन को लेकर चेताया है।

खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अलर्ट में कहा गया है कि आईएसआई इन्हें लॉजिस्टिक मदद देकर धमाके कराना चाहता है। कई नेताओं, बड़े इंस्टिट्यूशन को निशाना बनाया जा सकता है। अलर्ट में जुलाई के हुई जापान के पूर्व पीएम की हत्या का भी जिक्र है। लिहाजा, 15 अगस्त के आयोजन स्थल पर एंट्री के अब तक के सबसे सख्त नियम लागू किए जाएं। सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों ने उदयपुर और अमरावती की घटना का जिक्र करते हुए कहा है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर कट्टरपंथी समूह और उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। खासकर खुफिया ऐजेंसी की रिपोर्ट में उन इलाकों पर नजर रखने जो कहा है जहां रोहिंग्या, अफगानिस्तान मूल के लोग रह रहे हैं।



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