1 फरवरी 2019 से बदल जाएंगे केबल टीवी नियम, सस्ते चैनल कैसे मिलेंगे
January 30, 2019 • एडिटर अवाज़ेहिंद टाइम्स

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के निर्देशानुसार देश में 1 फरवरी से देश में केबल टीवी देखने के लिए बदल जाएंगे। नियमों के अनुसार उपभोक्ता सिर्फ अपने पसंदीदा टीवी चैनल सलेक्ट कर सकेंगे और उन्हें उन्हीं के पैसे चुकाने होंगे। ट्राई ने कंपनियों को इसके लिए आदेश दे दिए हैं, लेकिन उपभोक्ताओं के मन में नए नियमों को लेकर उलझन और कई सवाल हैं।

उपभोक्ताओं को 31 जनवरी से पहले स्पेशल पैक चुनना होगा। ऐसा नहीं करने पर कंपनी बेसिक पैक एक्टिवेट कर देगी। बेसिक पैक के लिए ग्राहकों को 130 रुपए के साथ जीएसटी देना होगा। 18 प्रतिशत जीएसटी जुड़ने पर इस पैक के लिए ग्राहकों को 150 रुपए देने होंगे। इसमें आपको 100 एयर फ्री चैनल भी मिलेंगे। ग्राहकों की सुविधा के लिए ट्राई एक एप्लीकेशन भी लेकर आया है। इससे जुड़े सवाल और उनके जवाब।

कौन से चैनल मुफ्त मिलेंगे?

ट्राई ने सभी ऑपरेटर्स को अपने निर्देशों में कहा कि ग्राहकों को फ्री टू एयर (FTA) चैनल पूरी तरह मुफ्त में दिखाने होंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं से कोई चार्ज नहीं वसूला जाए। हालांकि सभी फ्री टू एयर चैनल है। यह उपभोक्ता पर निर्भर करता है कि वह किस-किस चैनल को चुनता है। दूरदर्शन के सभी चैनल दिखाना अनिवार्य है।

130 रुपए में कौनसे चैनल मिलेंगे -

130 रुपए में आप पसंदीदा फ्री टू एयर चैनल चैनल्स देख सकते हैं, लेकिन पे-चैनल्स के लिए आपको अलग से खर्चा करना होगा। अगर आपको सिर्फ 100 फ्री टू एयर चैनल ही देखने हैं तो (130+20) 150 रुपए चुकाने होंगे। 100 से ज्यादा यानी दूसरे 25 चैनल देखने के लिए 20 रुपए अलग से देने होंगे। ट्राई ने इस बात की भी जानकारी दी है कि फ्री टू एयर 534 चैनल के लिए ग्राहकों को कोई पैसा देने की आवश्यकता नहीं है।

हर महीने आएगा कितना खर्च -

उपभोक्ताओं को हर माह 100 चैनलों के लिए अधिकतम 130 रुपए और जीएसटी देना होगा। इस तरह से महीने का खर्च 150 रुपए हो जाएगा। अगर आप 100 से अधिक चैनल देखते हैं तो अगले 25 चैनलों के लिए 20 रुपए चुकाने होंगे। इसके अलावा पे चैनल्स की कीमत भी इनमें जुड़ जाएगी। ट्राई के अनुसार चैनलों की प्राइस रेंज 1 से 19 रुपए के बीच तय है।

पहले से ज्यादा पैसा तो नहीं देना होगा -

यह आप पर निर्भर करेगा कि आप कौनसा चैनल देखना चाहते हैं। ट्राई के मुताबिक BARC द्वारा दिए गए दर्शकों के पैटर्न के अनुसार 80 प्रतिशत उपभोक्ता या तो 40 या उससे कम चैनलों को देखते या खंगालते हैं। यदि कोई ग्राहक सावधानीपूर्वक अपने परिवार की पूरी आवश्यकता के लिए चैनल चुनता है तो उसे हर महीने मौजूदा कीमत से कम भुगतान करना होगा।

कहां मिलेगी चैनल्स की लिस्ट -

ट्राई के निर्देशों के अनुसार सभी डीटीएच कंपनियों ने ग्राहकों के लिए अपनी वेबसाइट चैनलों की कीमत डाल दी है। ग्राहक अपनी डीटीएच कंपनी की वेबसाइट या ऐप पर जाकर भी कॉम्बो या अलग-अलग चैनल का चुनाव कर सकते हैं। ट्राई ने भी अपनी आधिकारिक उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 342 चैनलों की प्राइस लिस्ट दी है।

एक जैसी होगी सभी केबल ऑपरेटर्स की कीमत

सभी प्रसारकों द्वारा चैनलों की घोषित एमआरपी प्रत्येक वितरण प्लेटफार्म एक होगी। दो अलग सर्विस प्रोवाइडर्स के उपभोक्ता एक जैसे चैनल देख रहे हैं तो उनका भुगतान भी एक जैसा ही होगा।