Sunday, August 14, 2022
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हमेशा पेट फूला-फूला रहता है? गैस खत्म करके पाचन को मजबूत बनाएगा 2 मिनट का यह योगासन – according to yoga expert do pavanamuktasana to get rid gas, acidity, bloating and other gastric issues


क्या आपको हमेशा अपना पेट फूला हुआ महसूस होता है? जाहिर है पेट का फूलना ये पेट में गैस बनना आपको बेहद असहज महसूस करा सकती है। इससे आपका पाचन स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है। सूजन और गैस्ट्रिक समस्याओं के बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे दूषित भोजन, तनाव और गलत खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन आदि।

कई बार, जब आंत के बैक्टीरिया भोजन को ठीक से नहीं तोड़ पाते हैं, तो गैस्ट्रिक समस्या उत्पन्न होती है। ज्यादातर मामलों में कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करके आप इस समस्या से बच सकते हैं। इस समस्या से बचने के लिए आप योग का भी सहारा ले सकते हैं।

योग एक्सपर्ट मानसी गुलाटी के अनुसार, योग को लंबे समय से सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से कुछ को दूर करने के बेहतर तरीकों में से एक माना जाता है। वज्रासन और पवनमुक्तासन जैसे आसन पाचन को मजबूत बेहतर बनाने में मदद करते हैं। योग गैस, सूजन और गैस्ट्रिक समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। आपको इस समस्या से बचने के लिए पवनमुक्तासन करना चाहिए।

गैस की समस्याओं का इलाज है पवनमुक्तासन

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पवनमुक्तासन जो विशेष रूप से सूजन और गैस्ट्रिक परेशानियों को कम करने में फायदेमंद है। कोई भी योग आसन या व्यायाम जिसमें आपके निचले शरीर और रीढ़ की हड्डी में मरोड़ शामिल है, गैस्ट्रिक बीमारियों और सूजन में सहायता करेगा, जबकि पवनमुक्तासन ऐसी स्वास्थ्य समास्याओं के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

पवनमुक्तासन के फायदे

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पवनमुक्तासन (द विंड रिलीविंग पोज) के कई लाभ हैं। यह आंतों के कामकाज को बढ़ावा देकर उन्हें अधिक सक्रिय बनाने में मदद करता है। यह लीवर के कामकाज में भी सुधार करता है। इस आसन से आपको रीढ़ को मजबूत बनाने में भी मदद मिलती है।

पवनमुक्तासन करने का तरीका

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सबसे पहले अपनी पीठ के बल लेट जाएं। अपने पैरों और बाहों को फैलाएं। अपने घुटनों को एक साथ लाएं और अपने दोनों हाथों से पकड़ें। बाएं पैर को छोड़ दें और इसे फर्श पर फैलाकर रखें। 30 सेकंड के लिए मुद्रा में रहें। अब अपने बाएं पैर को वापस लाएं, दोनों पैरों को पकड़ें। और अपने दाहिने पैर को छोड़ दें। एक मिनट के लिए दोहराएं, तीन बार करें।

पवनमुक्तासन करते समय इस बात का रखें ध्यान

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जिन लोगों को गर्दन या रीढ़ की हड्डी की समस्या है उन्हें इस आसन को करने से बचना चाहिए। एक यह भी है कि जब भी आपके घुटने छाती से मिलते हैं तो आपको अपनी गर्दन को आगे की ओर झुकाना होगा। आप पैरों को बारी-बारी से बदले बिना भी आसन का प्रयास कर सकते हैं।

एक्सपर्ट्स की देखरेख में करें योगासन

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मानसी का कहना है कि सभी योग मुद्राओं को किसी एक्सपर्ट की देखरेख में ही किया जाना चाहिए। हालांकि अगर आप पहले से योग करते हुए आ रहे हैं, तो आप इसे ट्राई कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।



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