लॉकडाउन दिनांक 31 मई, 2020 तक लागू रहेगा।

देश में दिनांक 31.05.2020 तक कोविड-19 की रोकथाम करने के लिए भारत सरकार मंत्रालयों/विभागों राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों तथा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र प्राधिकरणों द्वारा जाने वाले उपायों से संबंधित दिशा निर्देश। गृह मंत्रालय के दिनांक 17 मई, 2020 के आदेश संख्या 40-3/2020-डीएम-1 (ए) के अनुसार1.

पूरे देश में निम्नलिखित गतिविधियां निषिद्ध रहेंगी: – 

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आवाज़ ए हिंद टाइम्स सवांदाता, मई, 2020, नई दिल्ली, यात्रियों की सभी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा, घरेलू चिकित्सा सेवाओं, घरेलू एयर एम्बुलेंस तथा सुरक्षा प्रयोजनों या गृह मंत्रालय अनुमति प्राप्त अन्य प्रयोजनों को छोड़कर, मेट्रो रेल सेवा, स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक/प्रशिक्षण/कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। ऑनलाइन/दूरस्थ शिक्षण अनुमति रहेगी तथा इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। होटल, रेस्तरां और अन्य आतिथ्य सेवाएं बंद रहेंगी। लॉकडाउन दिनांक 31 मई, 2020 तक लागू रहेगा।

स्वास्थ्य/पुलिस/सरकारी अधिकारियों/स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं/पर्यटकों सहित फंसे हुए व्यक्तियों को तथा क्वारंटीन सुविधाओं के लिए इन सेवाओं के उपयोग की अनुमति होगी। बस रेलवे स्टेशनों तथा हवाईअड्डों पर कैंटीन चलाने की अनुमति होगी।

रेस्तरां को वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए किचन चलाने की अनुमति होगी, सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग माल्स, व्यायामशाला, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटरतथा सभागार, बैठक हॉल तथा ऐसे ही अन्य स्थान बंद रहेंगे।

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्सों स्टेडियमों को खोलने की अनुमति होगी; तथापि, दर्शकों को वहां आने की अनुमति होगी। सभी सामाजिक/राजनैतिक/खेलकूद/मनोरंजन/शैक्षणिक/सांस्कृतिक/धार्मिक कार्य अन्य सभा तथा बड़े जमावड़े प्रतिबंधित रहेंगे सभी धार्मिक स्थलोंपूजा स्थलों को जनता के लिए बंद रखा रखा जाएगा धार्मिक सभाओं पर कड़ाई से प्रतिबंध रहेगा।

कंटेनमेंट जोन को छोड़कर, निम्नलिखित गतिविधियों को कुछ प्रतिबंधों के साथ अनुमति होगी:-

सभी राज्य (राज्यों)/संघ राज्य क्षेत्र (क्षेत्रों) की आपसी सहमति से यात्री वाहनों और बसों का एक राज्य से दूसरे राज्य में आवागमन। राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, यात्री वाहनों और बसों का राज्य के भीतर आवागमन।

कोविड-19 की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय निर्देश-

कोविड-19 की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय निर्देशों का पूरे देश में पालन किया जाएगा।

कंटेनमेंट, बफर, रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बताए गए मानदंडों को ध्यान में रखते हुए संबंधित राज्य और संघ राज्य क्षेत्र सरकारों द्वारा रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन निर्धारित किए जाएंगे। जिला प्राधिकारियों द्वारा रेड और ऑरेंज जोन के भीतर, कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का सीमांकन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

कंटेनमेंट जोन में, केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी। इन जोनों में और इन जोनों से लोगों की आवाजाही रोकने के लिए, सख्त घेराबंदी की जाएगी। यहां केवल चिकित्सा संबंधी आपात सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए संबंधित लोगों की आवाजाही की अनुमति रहेगी। उपर्युक्त प्रयोजन के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखा जाएगा।

कंटेनमेंट जोनों में गहन कंटेक्ट ट्रेसिंग, हाउस टू हाउस सर्विलेंस तथा आवश्यकतानुसार अन्य क्लिनिकल इंटरवेंशन किए जाएंगे।

रात्रि कर्फ़्यू आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर, रात्रि 7 बजे से सुबह 7 बजे के बीच लोगों की आवाजाही कड़ाई से निषिद्ध रहेगी। स्थानीय प्राधिकारी, कानून के उपयुक्त प्रावधानों के अंतर्गत, अपने संपूर्ण अधिकार क्षेत्र में आदेश अर्थात् दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा (कर्फ़्यू) जारी करेंगे तथा इनका सख्त अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

कमज़ोर व्यक्तियों की सुरक्षा 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, अन्य रोगों से ग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे घर पर रहेंगे। वे केवल आवश्यक सेवाओं और स्वास्थ्य प्रयोजनों के लिए ही बाहर जा सकते हैं।

विशेष रूप से निषिद्ध की गई गतिविधियों को छोड़कर, अन्य सभी गतिविधियों की अनुमति होगी। तथापि, कंटेनमेंट जोनों में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी।

इसके अतिरिक्त, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र, अपनी स्थिति के आकलन के आधार पर, विभिन्न जोनों में कुछ अन्य गतिविधियों को निषिद्ध कर सकते हैं या आवश्यक प्रतिबंध लगा सकते

आरोग्य सेतु का उपयोग आरोग्य सेतु संक्रमण के संभावित खतरे का शुरू में ही पता लगाने में सहायता करता है और यह व्यक्तियों और समुदायों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है कार्यालयों और कार्य स्थलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, नियोक्ताओं को विशेष प्रयास करके यह सुनिश्चित करें कि कम्पेटिबल मोबाइल फोन रखने वाले सभी कर्मचारियों द्वारा आरोग्य सेतु को इन्सटॉल कर लिया गया है।

जिला प्राधिकारी लोगों को यह सलाह दें कि वे कम्पेटिबल मोबाइल फोनों पर आरोग्य सेतु एप्लीकेशन को इंस्टाल करें और एप पर अपनी स्वास्थ्य स्थिति को नियमित रूप से अपडेट करें। इससे जोखिम वाले लोगों को समय पर चिकित्सा मुहैया कराने में सुविधा होगी

कुछ मामलों में व्यक्तियों और वस्तुओं को लाने-ले जाने के लिए विशेष निदेश-

सभी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र चिकित्सा के पेशेवर लोगों, नौं और परा-मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों और एम्बुलेंस को बिना किसी प्रतिबंध के एक राज्य से दूसरे राज्य तथा राज्य के भीतर जाने-आने देंगे। सभी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र खाली ट्रकों सहित सभी प्रकार के माल/कार्गो को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने-लाने देंगे।

कोई राज्य/संघ राज्य क्षेत्र पड़ोसी देशों के साथ हुई संधियों के अंतर्गत, भू-सीमा से होने वाले व्यापार से संबंधित किसी प्रकार के सामान/कार्गो के आवागमन को नहीं रोकेगा।

दिशानिर्देशों को कड़ाई से लागू करना –

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारें आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत जारी किए गए इन दिशानिर्देशों में कोई ढील नहीं देंगेसभी जिला मजिस्ट्रेट इन उक्त उपायों को कड़ाई से लागू करेंगे। इन उपायों को लागू करने के उद्देश्य से, जिला मजिस्ट्रेट अपने-अपने स्थानीय अधिकार क्षेत्रों में इंसिडेंट कमांडर के रूप में कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की तैनाती करेंगे। इंसिडेंट कमांडर अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में इन उपायों को पूरी तरीके से लागू करने के लिए जिम्मेदार होंगे

दंडात्मक प्रावधान इन उपायों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और यथा लागू अन्य किसी कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत विधिक कार्रवाई करने के अतिरिक्त, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

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