बंगाल में पार्थ चटर्जी पर ईडी की कार्रवाई की गर्मी केरल तक पहुंची, सकते में आई माकपा | In Bengal, the heat of ED’s action against Partha Chatterjee reached Kerala, CPI(M) was shocked


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डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया, जिसके बाद माकपा की केरल इकाई भी सकते में आ गई है।

जब से जून में सोने की तस्करी मामले में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने गंभीर आरोप लगाए हैं, तब से सामान्य तौर पर इन दिनों माकपा की केरल इकाई और विशेष रूप से मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के साथ चीजें ठीक नहीं रही हैं। सुरेश ने आरोप लगाया है कि विजयन, उनकी पत्नी और उनकी बेटी सोने और मुद्रा की तस्करी में लिप्त थे।

इसके बाद, कांग्रेस और भाजपा मांग कर रहे हैं कि विजयन या तो स्वप्ना के सवालों का जवाब दें, या एक जांच का सामना करें, जिसे विजयन ने खारिज कर दिया है। जहां पूरी पार्टी उनके पीछे रैलियों और जनसभाओं का आयोजन कर रही है, वहीं राज्य में उन्हें क्लीन चिट देने वाले पोस्टरों की बाढ़ आ गई है।

लेकिन, बुधवार को सीपीआई-एम और विजयन के लिए एक झटका लगने वाली खबर सामने आई, जब ईडी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसमें केरल से बेंगलुरु में सोने की तस्करी के मामलों को स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। ईडी ने गुरुवार को अदालत को सूचित किया कि अगर अनुमति दी जाती है, तो वे अदालत के समक्ष एक सीलबंद लिफाफे में उसका स्वीकारोक्ति बयान दाखिल करेंगे।

जब से स्वप्ना ने आरोप लगाया है, विजयन सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए पूरी तरह से संपर्क-रहित हो गए हैं। मीडिया के साथ उनकी एकमात्र बातचीत जून के पहले सप्ताह में देखने को मिली थी, वह भी अपने कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से ही जुड़े थे। वे मीडिया के सवालों और तमाम आरोपों से बचते हुए एक प्रकार से एकांतवास में चले गए हैं।

इस बीच स्वप्ना ने ईडी द्वारा मामले को बेंगलुरु स्थानांतरित करने की याचिका पर सुनवाई के बाद तहे दिल से इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा, पहली बार, मुझे सकारात्मक लगा है कि मामला अपने निष्कर्ष पर आएगा, जैसा कि मैंने खुद बताया है कि विजयन को केवल अपनी बेटी की चिंता है, जबकि मेरे जैसी महिलाओं को इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है। स्वप्ना पहले ही कह चुकी हैं कि वह यह साबित करने के लिए अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगी कि उन्होंने विजयन और उनके परिवार के खिलाफ जो कुछ भी कहा, वह सच है।

अब सभी की निगाहें शीर्ष अदालत पर टिकी हैं कि क्या वह ईडी को मामले को यहां से बेंगलुरु स्थानांतरित करने की अनुमति देगी या नहीं। इससे पहले, तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता से जुड़े आय से अधिक संपत्ति का एक मामला तमिलनाडु से बेंगलुरु स्थानांतरित किया गया था।

(आईएएनएस)

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