प्रधानमंत्री मोदी के ‘दोस्तवाद’ ने देश की अर्थव्यवस्था को ‘‘पूरी तरह से बर्बाद’’ कर दिया: सिसोदिया – pm modi’s ‘friendship’ has completely ruined the country’s economy, sisodia

नयी दिल्ली, 13 अगस्त (भाषा) दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘दोस्तवाद’’ ने देश की अर्थव्यवस्था को ‘‘पूरी तरह से बर्बाद’’ कर दिया है।

सिसोदिया ने प्रधानमंत्री से पूछा कि उनके ‘‘दोस्तों’’ को कर में छूट क्यों दी गई और उनके करोड़ों के ऋण क्यों माफ किए गए।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि केंद्र ने 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को माफ कर दिया है और मोदी के ‘‘दोस्तों’’ को पांच लाख करोड़ रुपये की कर में छूट दी है और देश की अर्थव्यवस्था को इतनी ‘‘खराब स्थिति’ में धकेल दिया है कि अब लोगों को मुफ्त में कुछ भी नहीं दिया जा सकता है।

सिसोदिया ने पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के ‘दोस्तवाद’ ने देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।’’

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने कहा, ‘‘इसलिए, मैं एक बार फिर प्रधानमंत्री से यह जवाब देने की अपील करता हूं कि उन्होंने अपने दोस्तों के 10 लाख करोड़ रुपये के ऋण को क्यों माफ कर दिया और उन्हें लाभान्वित करने के लिए पांच लाख करोड़ रुपये के कर में छूट क्यों दी और देश की अर्थव्यवस्था को ऐसी स्थिति में डाल दिया कि आपको कहना पड़े कि अगर लोगों को अभी कुछ भी मुफ्त में दिया गया तो देश बर्बाद हो जाएगा।’’

पिछले महीने ‘रेवड़ी’ संस्कृति पर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी के बाद देश में मुफ्त सौगातों को लेकर बहस शुरू हो गई है और इसके बाद इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ‘आप’ के बीच सियासी घमासान चल रहा है।

सिसोदिया ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है जब केंद्र सरकार को दूध, दही, गेहूं और चावल जैसे खाद्य पदार्थों पर ‘‘कर’’ लगाना पड़ा है। उन्होंने दावा किया, ‘‘केंद्र सरकार कह रही है कि उसके पास देश में गरीब लोगों को राहत देने के लिए स्कूल, अस्पताल बनाने, पेंशन देने और योजनाएं लाने के लिए पैसे नहीं हैं।’’

सिसोदिया ने आरोप लगाया कि केंद्र के पास इस तरह के कार्यों के लिए धन की कमी है क्योंकि उसने करदाताओं के पैसों का इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी के ‘‘दोस्तों के खजाने’’ को भरने के लिए किया है।



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