Thursday, August 11, 2022
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पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार दूसरे दिन 80 पैसे प्रति लीटर बढ़े – petrol diesel prices increased by 80 paise per liter for the second consecutive day


नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की तरफ से जारी मूल्य अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 96.21 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर अब 97.01 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की कीमत 87.47 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 88.27 रुपये हो गई है।

पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें रिकॉर्ड 137 दिन तक स्थिर रहने के बाद 22 मार्च को बढ़ाई गई थीं। मंगलवार को भी इनकी कीमतों में प्रति लीटर 80 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी।

उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले चार नवंबर, 2021 से ही पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर बनी हुई थीं। हालांकि, इस अवधि में कच्चे तेल की कीमत 30 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गई थी।

मुंबई में पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 85 पैसे की वृद्धि हुई है और यह अब 111.67 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 75 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 102.91 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कोलकाता में इसकी कीमत 83 पैसे बढ़कर 106.34 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

मुंबई में डीजल के दाम भी 85 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं।

राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह अंतर वहां लगने वाले स्थानीय करों में अंतर की वजह से है।

विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के साथ ही पेट्रोल एवं डीजल के दाम में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही थी लेकिन पेट्रोलियम कंपनियों ने कुछ दिन तक इंतजार किया। विश्लेषकों का कहना है कि अब पेट्रालियम विपणन कंपनियां अपने घाटे की भरपाई कर रही हैं।

कोटक इंस्टिट्यूशन इक्विटीज ने एक नोट में कहा कि कच्चे तेल के दाम 100-120 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रहने पर पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल में प्रति लीटर 13.1-24.9 रुपये की बढ़ोतरी करने की जरूरत होगी जबकि पेट्रोल के मामले में यह वृद्धि 10.6-22.3 रुपये प्रति लीटर तक हो सकती है।

इसने कहा कि अगर कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ही बना रहता है तो कंपनियों के लिए सरकार से उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे समर्थन के बगैर अपने मानक मार्जिन पर लौट पाना काफी मुश्किल हो जाएगा।

भारत अपनी 85 प्रतिशत पेट्रोलियम जरूरतों को आयात के जरिये पूरा करता है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में पिछले महीने से ही खासा उछाल देखा जा रहा है।

क्रिसिल रिसर्च की निदेशक हेतल गांधी ने कहा, ‘‘मौजूदा तिमाही में कच्चे तेल के औसत दाम 100 डॉलर प्रति बैरल रहने पर पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को पेट्रोल एवं डीजल की खुदरा कीमतों में प्रति लीटर 9-12 रुपये की बढ़ोतरी करनी होगी। अगर कच्चे तेल की औसत कीमत 110-120 डॉलर रहती है तो फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में 15-20 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी करनी होगी।’’

क्रिसिल लिमिटेड की प्रमुख अर्थशास्त्री दीप्ति देशपांडे ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी अपरिहार्य हो गई है लिहाजा इसमें आगे और वृद्धि देखने को मिल सकती है।



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