Thursday, August 11, 2022
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देश का निर्यात पहली बार 400 अरब डॉलर के पार – the country’s exports crossed $ 400 billion for the first time


नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग, रत्न एवं आभूषण तथा रसायन जैसे क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से देश का निर्यात चालू वित्त वर्ष में 400 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। किसी वित्त वर्ष में निर्यात का आंकड़ा पहली बार 400 अरब डॉलर के पार गया है।

वाणिज्य मंत्रालय के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, वस्तुओं का निर्यात 2021-22 में 21 मार्च तक 37 प्रतिशत बढ़कर 400.8 अरब डॉलर पहुंच गया। इससे पूर्व वित्त वर्ष 2020-21 में यह 292 अरब डॉलर था। इससे पहले, 2018-19 में निर्यात रिकॉर्ड 330.07 अरब डॉलर पर गया था।

चालू वित्त वर्ष में आयात 589 अरब डॉलर रहा है। इससे व्यापार घाटा करीब 189 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।

वस्तुओं के निर्यात का रिकॉर्ड लक्ष्य 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के समाप्त होने से नौ दिन पहले ही हासिल कर लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वस्तुओं के निर्यात का लक्ष्य हासिल करने की सराहना करते हुए कहा कि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ की यात्रा में मील का पत्थर है।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘भारत ने 400 अरब डॉलर के वस्तुओं के निर्यात का लक्ष्य रखा था। इसे हासिल कर लिया गया है। पहली बार इतना ऊंचा लक्ष्य हासिल किया गया है। मैं अपने किसानों, बुनकरों, एमएसएमई, विनिर्माताओं, निर्यातकों को इस सफलता की बधाई देता हूं। यह आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में मील का पत्थर है।’’

मीडिया से बातचीत में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध समेत हर तरह के प्रतिकूल हालात के बावजूद भारत ने यह उल्लेखनीय लक्ष्य हासिल किया है।

गोयल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इतिहास में पहली बार भारत ने 400 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात का लक्ष्य हासिल किया… अगर यह ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्म होती, तो इसे ‘मेक इन इंडिया ब्लॉकबस्टर’ कहा जाता।’’

उन्होंने कहा कि राज्यों और जिलों के साथ लगातार संपर्क, निर्यातकों के साथ जुड़ाव, उनके मुद्दों का तेजी से समाधान, विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों, उद्योग संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर इस मील के पत्थर तक पहुंचने में मदद मिली है।

औसतन हर महीने लगभग 33 अरब डॉलर का निर्यात किया गया। रोजाना के हिसाब से यह एक अरब डॉलर से अधिक रहा।

निर्यात के इस लक्ष्य को हासिल करने में पेट्रोलियम उत्पादों, इंजीनियरिंग, रत्न और आभूषण, रसायन तथा औषधि जैसे क्षेत्रों का प्रमुख रूप से योगदान रहा। निर्यात के पांच प्रमुख गंतव्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, चीन, बांग्लादेश और नीदरलैंड हैं।

विदेश व्यापार महानिदेशक संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि अगर यह प्रवृत्ति बनी रही, हम बचे हुए नौ दिन में इसमें 10 से 12 अरब डॉलर और जोड़ेंगे। इससे निर्यात 2021-22 में 410 अरब डॉलर से अधिक होगा।

भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि 400 अरब डॉलर को पार करना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है क्योंकि निर्यातकों ने कंटेनर की कमी, माल ढुलाई की बढ़ती लागत और नकदी संबंधी चुनौतियों के बावजूद एक वर्ष में 110 अरब डॉलर से अधिक की वृद्धि की है।

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण, हमें नये मुक्त व्यापार समझौतों और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना से भी लाभ मिलेगा।’’

फियो के उपाध्यक्ष खालिद खान ने इस उपलब्धि को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया और कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद निर्यात का प्रदर्शन शानदार रहा। ‘बहुत अच्छा किया है।’’

कपड़ा निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन नरेंद्र गोयनका ने कहा कि भारत 400 अरब डॉलर के व्यापार निर्यात को पार कर विश्व व्यापार में तीव्र वृद्धि और दबदबे वाले युग की शुरुआत कर रहा है।

गोयनका ने कहा, ‘‘यहां से वृद्धि तेज होने जा रही है।’’

आंकड़ों के अनुसार, इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात चालू वित्त वर्ष में सालाना आधार पर अबतक करीब 50 प्रतिशत बढ़ा। कृषि निर्यात भी काफी बेहतर रहा।

गोयल ने कहा कि इंजीनियरिंग, कपड़ा तथा परिधान निर्यात में तेजी से पता चलता है कि भारत के मुख्य रूप से प्राथमिक वस्तुओं के बड़े निर्यातक होने की गलत धारणा धीरे-धीरे बदल रही है।



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