‘डर’ के साए में मोहब्‍बत का ऐसा ‘अंजाम’, जब फिल्‍मी पर्दे पर दिखी शाहरुख और अंकिता जैसी खौफनाक प्रेम कहानी – ankita singh shahrukh jharkhand dumka violent love story like bollywood movies from darr to raanjhanaa tuesday tadka

अंकिता सिंह। उम्र महज 15 साल 9 महीने और 2 दिन। इसी साल 10वीं का एग्जाम पास किया था। कुछ महीने पहले की बात है। स्कूल से क्लास खत्म करके सहेलियों संग लौट रही थी। हंसते-बात करते हुए। शाहरुख की नजर उस पर पड़ी। पहली नजर में अंकिता दिल में उतर गई। वो दोस्ती करने के लिए उतावला हो गया। खूब जतन किए। अंकिता के दोस्तों को अपना दोस्त बना लिया। किसी तरह से उसका नंबर निकाल लिया। रात-बेरात कॉल करने लगा। लाख मना करने के बाद भी दोस्ती करने का दबाव बनाने लगा। धीरे-धीरे उसकी सनक बढ़ने लगी और अंकिता का बार-बार मना करना उसे गुस्सा दिलाता रहा। आखिर उसकी इस सनक अंकिता की जिंदगी में जहर घोल दिया और उसे नसीब हुई एक खौफनाक मौत…। ये किसी फिल्म की कहानी नहीं है। रियल है। एकदम सच है। अपने ही देश में इस घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया है। एकतरफा प्यार कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसकी बानगी कई बार फिल्मी पर्दे पर भी दिखाई गई है। शाहरुख खान ने ‘डर’ फिल्म में जूही चावला के साथ कुछ ऐसा ही किया था। धनुष और सोनम कपूर की ‘रांझणा’ में भी तो यही हुआ था, जब प्यार न पाने के दर्द की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी थी!

शाहरुख खान की ‘डर’ फिल्म, खौफनाक अंजाम

क..क..क.. किरण। बस इतने ही शब्द काफी हैं, शाहरुख खान (Shahrukh) की फिल्म ‘डर’ की याद दिलाने के लिए। ये 29 साल पहले रिलीज हुई थी, लेकिन कहानी ऐसे ही आशिकों की कहानी बयां करती है, जो प्यार पाने के लिए कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार रहते हैं। खुद या अपने प्यार को मारने में भी गुरेज नहीं करते। शाहरुख की आंखों में जूही चावला को पाने का जुनून देख ऑडियंस की रूह कांप गई थी। जूही ने स्क्रीन पर जो डर दिखाया था, उस डर से न जाने कितनी लड़कियां हर दिन गुजरती हैं। इस एकतरफा प्यार का अंजाम दर्दनाक था।

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‘अंजाम’- तबाह हो गई जिंदगियां…

शाहरुख खान की ही एक और मूवी थी- अंजाम। इसमें शाहरुख के साथ माधुरी दीक्षित, दीपक तिजोरी और टीनू आनंद जैसे सितारे थे। कहानी बहुत ही दर्दनाक थी। एकतरफा प्यार ने एक लड़की की बसी बसाई जिंदगी को पूरी तरह उजाड़ दिया था। सबकुछ तबाह कर दिया। विजय (शाहरुख खान) नाम का एक अमीरजादा, जो शिवानी (माधुरी दीक्षित) से मन ही मन प्यार करने लगता है। अपनी मां के शादी का प्रपोजल लेकर उसके घर चला जाता है। वहां पता चलता है कि शिवानी ने उससे शादी कर ली है, जिससे वो प्यार करती है। दोनों विदेश चले जाते हैं। हैप्पी मैरिड लाइफ बिता रहे होते हैं। लेकिन इधर विजय के अंदर ही अंदर तिलमिलाता रहता है। जैसे ही उसे मौका मिलता है, वो शिवानी के पति का दोस्त बनकर पीठ पर छूरा घोंप देता है, यानी उसको मरवा देता है। उसकी मौत का इल्जाम शिवानी पर ही डलवा देता है। इतना सब होने के बाद भी जब शिवानी उसके प्यार को कुबूल नहीं करती है तो उसको भी मारने की कोशिश करता है। क्या प्यार का दूसरा नाम बदला होता है? ये फिल्में काफी हद तक तो कुछ यही बयां करती हैं।

दर्दनाक हुआ ‘अंजाम’
विजय के एकतरफा प्यार ने शिवानी को कैसा बना दिया, पता है? मासूम सी एक लड़की, जो अपनी शादीशुदा जिंदगी में खुश होती है, उसकी जिंदगी में भूचाल लाने वाले विजय की वजह से वो भी ‘विजय’ जैसी ही बन जाती है। वो बदला लेने की ठानती है। हॉस्पिटल जाकर एक्सीडेंट में पैरालाइज हो चुके विजय को पहले ठीक करती है। इसके बाद उसे मौत के घाट उतार देती है और खुद भी मर जाती है। आखिर ऐसे प्यार से किसी का कुछ भला हुआ क्या? विजय के एकतरफा प्यार ने कितनों की जिंदगियां लील ली।

आखिर ऐसे प्यार से क्या हासिल हुआ?

करीब 9 साल पहले की बात है। ‘रांझणा’ मूवी आई। यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ। प्यार की वजह से दो जानें चली गईं। पहले धनुष की वजह से सोनम कपूर की मोहब्बत (अभय देओल) की मौत (गलती से) हो गई। फिर अपने प्यार का बदला लेने के लिए सोनम ने धनुष को जानबूझकर मौत की आग में झोंक दिया।

प्यार हासिल नहीं कर सकते… बस यही समझना है!
फिल्म हिट रही। कहानी देख ऑडियंस की आंख भी नम हुई। दिल में दर्द भी हुआ कि काश सोनम (जोया), कुंदन (धनुष ) के प्यार को कुबूल कर लेती तो ऐसा नहीं होता, लेकिन प्यार तो प्यार होता है ना। जबरदस्ती नहीं होता। प्यार को हासिल नहीं किया जा सकता। बस इतनी सी बात समझनी है!!



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