Monday, August 15, 2022
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क्या युवक ने होटल पार्टी में विदेशी एस्कॉर्ट के साथ किया था सेक्स ? दिल्ली में मंकीपॉक्स का मरीज नहीं दे रहा सही जानकारी – delhi monkeypox case detail did the young man have sex with a foreign exort in a hotel party


नई दिल्ली: दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला रविवार को सामने आया। 31 साल के युवक में मंकीपॉक्स वायरस की पुष्टि हुई है। इसको मिलाकर भारत में अब तक मंकीपॉक्स के चार मामले हो चुके हैं। लोगों को हैरानी तब हुई जब दिल्ली में मिले मंकीपॉक्स के मरीज ने कोई विदेश यात्राएं नहीं की थी। पूछताछ के बाद युवक ने बताया था कुछ दिनों पहले वो शिमला की एक पार्टी में गया था। लेकिन अब वो उस होटल का नाम नहीं बता रहा है जिसमें वो ठहरा था। सूत्रों के मुताबिक ये युवक पार्टी में ही किसी विदेशी के संपर्क में आया जोकि पहले से ही मंकीपॉक्स से इंफेक्टेड था/थी।

मरीज के संपर्क वाले लोगों को किया आइसोलेट
मरीज के संपर्क में आए 13 लोगों को 21 दिन के लिए आइसोलेट कर दिया गया है। यह देश का चौथा मामला है। इससे पहले केरल में तीन केस सामने आए थे। दिल्ली के जिस शख्स में यह वायरस मिला है, उसने कोई विदेश यात्रा नहीं की है। हालांकि जून के अंतिम हफ्ते में वह अपने दोस्तों के साथ मनाली गए थे। वापस लौटने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी। मरीज से पूछताछ करने पर कभी वो शिमला के मशोबरा में पार्टी की बात करता है तो कभी मनाली बताता है। जिसकी वजह से ट्रेसिंग में दिक्कत आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि युवक के अंदर वायरस सेक्सुअल इंटरकोर्स के जरिए ही फैला है। इसी वजह से युवक होटल की जानकारी देने से घबरा रहा है।

LNGP में भर्ती है मरीज
अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार की तरफ से मिली अब तक की गाइडलाइंस का ही पालन किया जा रहा है। पंजाबी बाग सब डिविजन के प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी बीते शुक्रवार को हुई थी। इसके बाद ही संदिग्ध को एलएनजेपी में भर्ती कर दिया गया था। रविवार को जांच रिपोर्ट में मंकीपॉक्स की पुष्टि हो गई है। संक्रमित के संपर्क में आए 13 लोगों को उनके घरों में आइसोलेट कर दिया गया है। सभी फिलहाल स्वस्थ हैं। किसी में भी मंकीपाक्स के लक्षण नहीं हैं। हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम इन सभी के स्वास्थ्य पर कड़ी नजर रख रही है।

ICMR ने टेस्टिंग शुरू की
दिल्ली में मंकीपॉक्स की दस्तक के साथ ही इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने विभिन्न राज्यों में टेस्टिंग की सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है। विभिन्न राज्यों में टेस्ट के लिए 15 लैब तैयार हो रही हैं। वहीं, दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) में टेस्ट की सुविधा मौजूद रहेगी। आईसीएमआर के वैज्ञानिक की मानें तो दिल्ली के अंदर अभी सिर्फ एक ही लैब तैयार की गई, जोकि एम्स में है। अगर आगे मंकीपॉक्स के मामले बढ़ते है, तो और लैब तैयार की जाएंगी।

कोविड लैबों में अब टेस्ट होगा मंकीपॉक्स
आईसीएमआर के वैज्ञानिक डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि आईसीएमआर की वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी (वीआरडीएल) में विभिन्न वायरस के टेस्ट किए जाते हैं और अभी 120 लैब हैं। इनमें अभी कोविड के टेस्ट हो रहे थे और अब इनके अंदर मंकीपॉक्स के टेस्ट की सुविधा भी की जा रही है। फिलहाल देश में आए 4 मामलों को देखते हुए 15 लैब तैयार की जा रही हैं। 15 लैब में से एक लैब एम्स के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में बनाई गई है। बताया कि टेस्टिंग के लिए टीम को ट्रेनिंग दी गई है। अगर मंकीपॉक्स के मामले बढ़ते गए, तो इन लैब में धीरे-धीरे मंकीपॉक्स टेस्ट की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। हमारी कोशिश है कि इन 15 लैब के लिए जरिए देश के हर कोने को कवर किया जाए। अन्य लैब में आने वाले सैंपलों को एनआईवी पुणे में भी भेजा जाएगा।

दुनियाभार के 75 देशों में फैला मंकीपॉक्स
दो साल से अधिक समय से दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रही है, अभी इससे पूरी तरह से उबर भी नहीं पाए थे कि एक नया वायरस मंकीपॉक्स दुनिया भर के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। भारत सहित अब तक 75 देशों में वायरस की पुष्टि हो चुकी है। 16 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और 5 लोगों की जान जा चुकी है। अकेले भारत में 4 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जिसमें 3 केरल में और एक मरीज दिल्ली में है। डब्ल्यूएचओ ने मौजूदा हालात को देखते हुए ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर दी है। ऐसे में मंकीपॉक्स क्या है और यह कितना खतरनाक है, आने वाले समय में स्वास्थ्य पर इसका कितना असर पड़ने की आशंका है, इसे इस प्रकार समझा जा सकता है।

मंकीपॉक्स क्या है
यह एक रेयर जूनोटिक बीमारी है, जो मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण से होती है। यह पॉक्सिविरेडे परिवार से संबंध रखता है, इसमें चेचक की बीमारी पैदा करने वाले वायरस भी होते हैं। वायरस का एक परिवार होता है, उसमें अलग-अलग वायरस और उसके स्ट्रेन होते हैं, जैसे कोरोना वायरस एक परिवार है, इसमें कोरोना के अलग-अलग वायरस यानी स्ट्रेन अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, ओमिक्रॉन थे।

यह डीएनए वायरस है
एलएनजेपी के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि कोरोना आरएनए वायरस है तो यह डीएनए वायरस है। यह वायरस हवा में नहीं फैलता है, लेकिन मरीज के संपर्क में आने से, उसके ड्रॉपलेट्स से और शारीरिक संबंध की वजह से एक से दूसरे में जा सकता है। इस वजह से यह 98 परसेंट समलैंगिक में पाया जा रहा है। इस वायरस से बचाव के लिए जरूरी है कि जो संक्रमित हैं उन्हें आइसोलेट कर दिया जाए और बाकी लोगों को उससे दूर रखा जाए।

मंकीपॉक्स के लक्षण
किसी भी वायरस से संक्रमित होने के बाद उत्पन्न लक्षण को समझना जरूरी है। इस वायरस से संक्रमित इंसान में फीवर, गले में खराश, सांस में दिक्कत होती है। इसके अलावा चिकनॉक्स की तरह शरीर में रैशेज व दाने बन जाते हैं, जो पूरे शरीर पर दिखने लगते हैं। दाने का आकार बड़ा होता है और इसमें पस भर जाती है। इसका इनक्यूबेशन पीरियड 5 से 21 दिन का है, यह अपने आप ठीक हो जाता है।



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