कांग्रेस ने दिल्ली नगर निगम वार्ड के परिसीमन की मसौदा रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए – congress raised questions on the draft report of delimitation of municipal corporation of delhi

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने दिल्ली नगर निगम वार्ड के परिसीमन की मसौदा रिपोर्ट पर प्रश्न उठाते हुए शनिवार को कहा कि इसमें कई त्रुटियां हैं और यह आरक्षण की व्यवस्था के खिलाफ है।

पार्टी ने यह भी कहा कि यदि इन त्रुटियों को दूर नहीं किया तो कांग्रेस सड़क पर उतरने के साथ अदालत का भी दरवाजा खटखटाएगी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘दिल्ली नगर निगम वार्ड परिसीमन में कमियां लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रश्न उठाती हैं। कांग्रेस ने एक राजनीति पार्टी के दायित्व को निभाते हुए वार्ड परिसीमन का अवलोकन करके इसमें आपत्ति और सुझाव दिल्ली राज्य चुनाव आयोग को सौंपे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अपने मत को व्यक्त करने का अवसर सभी को मिलना चाहिए क्योंकि मत का सही प्रभाव निर्वाचित प्रतिनिधि को चुनने के समय पड़ता है। परंतु भाजपा के इशारे पर हुए निगम वार्ड परिसीमन को पूरी तरह किसी एक पक्ष को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो सही प्रक्रिया नही है क्योंकि परिसीमन लोकतंत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है।’’

खुर्शीद ने कहा, ‘‘परिसीमन पर सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि जब दिल्ली की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है तो वार्डों की संख्या 272 से 250 किस आधार पर की गई? इस पर प्रश्न पूछने के बाद कोई स्पष्ट कारण नही बताया गया।’’

कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख राजेश लिलौठिया ने आरोप लगाया, ‘‘दिल्ली नगर निगम वार्ड परिसीमन मसौदा सामने आने के बाद भाजपा का दलित विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। भाजपा सरकारी एजेंसियों को अपने हाथ की कठपुतली बनाकर संवैधानिक व्यवस्था और लोकतंत्र को लगातार कमजोर करने का काम कर रही है’’

उन्होंने कहा, ‘‘जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की जनसंख्या भी लगातार बढ़ रही है। 272 वार्ड में 46 वार्ड आरक्षित रखे गए थे, परंतु परिसीमन मसौदे में आरक्षित वार्डों की संख्या कम करके 42 करना दलित समुदाय प्रतिनिधित्व को कम करने की साजिश रची गई है।’’



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