आंखों को ‘पत्थर’ बना देगी Vitamin A Deficiency, जाने किन्हें है ज्यादा खतरा, इन 4 संकेतों से हो जाएं सावधान – vitamin a deficiency symptoms on skin that could signal serious health problem even death


शरीर को बेहतर तरीके से फंक्शन करने के लिए कई तरह की विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। ऐसे में अगर इनकी पर्याप्त मात्रा बॉडी में न रहे तो बहुत तरह से आपको परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अधिकांश लोग डी और सी जैसे विटामिन की कमी के जोखिमों को जानते हैं, लेकिन विटामिन ए की कमी (Vitamin A Deficiency) के गंभीर परिणाम से बहुत कम ही लोग वाकिफ होते हैं। यह विटामिन बेहतर दृष्टि के साथ, विटामिन ए मजबूत प्रतिरक्षा, स्वस्थ प्रजनन प्रणाली,और त्वचा के अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होते हैं। विटामिन ए को रेटिनॉल भी कहा जाता है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO)के अनुसार, रतौंधी विटामिन ए की कमी होने पर दिखने वाले पहले लक्षणों में से एक है। इसके अधिक गंभीर रूपों में, विटामिन ए की कमी रेटिना और कॉर्निया को नुकसान पहुंचाती है। अनुमानित रूप से 250,000-500,000 विटामिन ए की कमी वाले बच्चे हर साल अंधे होते हैं। जिनमें से आधे अंधे होने के 12 महीनों के अंदर ही मर जाते हैं।

​शरीर को रोजाना कितना विटामिन ए चाहिए?

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मायो क्लिनिक के अनुसार, वयस्क पुरुषों को प्रतिदिन 900 माइक्रोग्राम (एमसीजी) और वयस्क महिलाओं को 700 एमसीजी विटामिन ए की जरूरत होती है। वहीं, 1 से 3 साल के बच्चों को एक दिन में 2,000 IU और 4 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों को 3,000 IU विटामिन ए की जरूरत होती है।

विटामिन ए की कमी से क्या हो सकता है

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यदि आपका शरीर विटामिन ए की आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ है तो आपको दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। प्रतिरक्षा के स्तर में कमी आ सकती है। यह बचपन के अंधेपन प्रमुख कारण होता है। विटामिन ए की कमी गर्भावस्था, स्तनपान को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है और मातृ मृत्यु दर से भी जुड़ा हुआ है।

​त्वचा पर विटामिन ए की कमी के दिखते हैं संकेत

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विटामिन ए त्वचा की कोशिकाओं के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक है। यह त्वचा की सूजन को रोकने में भी मदद करता है। लेकिन अगर आपके शरीर में विटामिन ए की कमी है, तो आपको त्वचा में सूखापन, खुजली या यहां तक कि स्केलिंग का अनुभव हो सकता है। विटामिन ए की कमी से एक्जिमा भी हो सकता है, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें त्वचा में सूजन, चकत्ते, पपड़ीदार पैच, घाव और छाले हो जाते हैं।

विटामिन ए की कमी का खतरा किसे है

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विटामिन ए की कमी का सबसे गंभीर असर बच्चों और गर्भवती महिलाओं में देखने को मिलता है। कुछ स्वास्थ्य स्थितियां भी हैं जो आपको विटामिन ए की कमी के जोखिम में डाल सकती हैं। ये ज्यादातर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम की बीमारियां हैं जो पर्याप्त आहार सेवन के बावजूद विटामिन ए के अवशोषण में हस्तक्षेप कर सकती हैं। जिन लोगों को विटामिन ए की कमी का सबसे अधिक खतरा होता है, उनमें सीलिएक रोग, सिरोसिस, अग्नाशयी अपर्याप्तता और पित्त नली विकार शामिल हैं।

आहार में ऐसे शामिल करें विटामिन ए

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विटामिन ए विभिन्न प्रकार के शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। मांसाहारी खाद्य पदार्थों में लीवर, ऑयली फिश, शेलफिश और कॉड लिवर ऑयल शामिल हैं। वहीं, विटामिन ए से भरपूर पौधे आधारित खाद्य पदार्थों में शकरकंद, कद्दू, गाजर और स्क्वैश शामिल हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और लेट्यूस भी विटामिन ए से भरपूर होती हैं। साथ ही आम, पपीता, खरबूजा और खुबानी विटामिन ए के अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा दूध और सॉफ्ट चीज भी विटामिन ए से भरपूर होते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।



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